यमन
मध्य पूर्व के इस्लामिक देश यमन जिसका कुल क्षेत्रफल लगभग 5.5 लाख वर्ग किलोमीटर है में शिया और सुन्नी मुस्लिम संगठनों में चल रहा वर्ग संघर्ष अब वीभत्स रूप ले चूका है,
गौरतलब है की यमन इक शिया बहुल देश है जिसमे अल्पसंख्यक सुन्नियों का शाशन था जिनकी नीतियां शिया मान्यताओं की विरोधी और दमनकारी थी,
स्वाभाव से शांतिप्रिय शिया संगठनों द्वारा शाशन की नीतियों का शांतिपूर्वक विरोध काम न आने पर शसस्त्र संघर्ष 2013 में प्रारम्भ हुआ ।
यमन की सरकार को सऊदी अरब का खुला समर्थन प्राप्त है हथियारों से लेकर मिसाइल तक उपलब्ध करा रहा है सऊदी अरब साथ ही सेख सलमान के भतीजे मोहम्मद ने यमन में शियाओं के खात्मे को लेकर कई बार बयांन भी दिए है ,
हुथि विद्रोहियों को कथित रूप से ईरान का समर्थन है क्योंकि शिया बहुल यह देश विश्व में शियाओं की सुरक्षा हेतु प्रयासरत रहा है , पर ईरान भी खुलकर विद्रोहियों का समर्थन नहीं कर प् रहा है , स्थिति की भाँपते हुए अमेरिका ने इस मामले में चुप्पी साध ली है, अंतरराष्ट्रीय दबाव में सऊदी अरब ने खुछ दिन का संघर्ष विराम घोषित किया था,
आज की स्थिति-
सऊदी द्वारा घोषित संघर्ष विराम के बाद बनी शांति फिर ख़त्म हुई क्योंकि 2 दिन पूर्व सरकार और सऊदी की और से हुई गोलीबारी में कुछ विद्रोही मारे गए, जवाब में दोनों पक्षों से पुनः शुरू हुआ गृहयुद्ध,
तात्कालिक स्थिति में दक्षिण-पश्चिम यमन के पहाड़ी इलाको में शिया विद्रोही सऊदी अरबिया और सरकार की संयुक्त सुन्नी सेना पर भारी पड़ रहे है ,
अब तक हुए संघर्ष में 33 लोगो के मारे जाने की खबर है और युद्ध के आगे वीभत्स रूप लेने की संभावना है, जानकारों का कहना है की जबतक ईरान और सऊदी अरब आपसी लड़ाई नहीं बंद करेंगे तबतक यमन में शांति असंभव है,
-TheLogicalNews
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