24.7.16

हिरन शिकार मामले में इन कारणों से अदालत ने बरी किया सलमान खान को

जोधपुर कोर्ट परिसर में सलमान खान

सन् 1998 के काला हिरण और चिंकारा शि‍कार मामले में जोधपुर हाई कोर्ट ने अपना फैसला सुना दिया है. सलमान की निगरानी याचिका पर यह फैसला होना है कि सेशन कोर्ट की पांच साल कैद की सजा बरकरार रहेगी या फिर अभि‍नेता को संदेह का लाभ मिलेगा. केस की सुनवाई के दौरान ऐसी पांच बातें सामने आई हैं, इन आधार पर अभिनेता को संदेह का लाभ मिल गया,
ये है वो खास बातें जिनके कारन बच गए सुपर स्टार सलमान और कोर्ट ने किया बरी-
छर्रे अलग, चाकू भी छोटा
पुलिस को उम्मेद भवन में सलमान के कमरे की तलाशी में बंदूक की गोलियां मिली थीं. जबकि जिप्सी में मिले छर्रे, उन गोलियों के नहीं थे. पुलिस ने हिरण का गला रेतने वाला कथि‍त चाकू बरामद किया था, लेकिन यह पॉकेट चाकू है, जिससे गला रेतना मुश्किल होता है, या मामले को वकीलों ने संदेह में रखा और कोर्ट ने इस पक्ष को माना ।
जिप्सी सर्च की अलग रिपोर्ट
वन विभाग ने सलमान खान की जिप्सी जब्त कर तलाशी ली. इसकी सर्च रिपोर्ट में सिर्फ खून के धब्बे मिले. बाद में पुलिस ने भी जिप्सी की तलाशी ली. उन्हें जिप्सी में छर्रे, हिरण के बाल मिले, लेकिन वन विभाग को ये चीजें तलाशी में नहीं मिले. इस तरह दोनों सर्च रिपोर्ट भी अलग-अलग हो गई.
सह-आरोपी बरी तो सलमान दोषी कैसे?
भवाद और घोड़ा फार्म हाउस के मुकदमों में सलमान के साथ 12 आरोपी थे. इनमें से 10 को संदेह का लाभ मिला. कोर्ट के सामने कुछ ऐसे सवाल हैं, जिन पर गौर किया गया और सलमान को संदेह का लाभ मिला, वकीलों ने कोर्ट के सामने इन मामलो में ध्यान देने को कहा जैसे कि-मुंबई का रहने वाला शिकार के लिए कैसे उम्मेद पैलेस से निकला? कैसे पता चला कि हिरण यहां मिलेंगे? कोई तो उसे ले गया होगा? जब दूसरे बरी हो गए तो सलमान अब तक आरोपी क्यों हैं?
सूत्रधार ही हो गया गायब
वन अधिकारी ललित बोड़ा ने दवा व्यापारी अरूण के ड्राइवर हरीश दुलानी के बयान पर शिकार के मुकदमे दर्ज करवाए थे. वन विभाग ने मजिस्ट्रेट के समक्ष बयान करवा कर उसे छोड़ा था, जबकि डिफेंस की ओर से उसका क्रॉस वेरिफिकेशन ही नहीं हुआ. वह इसके बाद से ही गायब हो गया, उसके गायब होने के विषय में सन्देश बरकरार ।
सजा बढ़ाने की अपील क्यों?
सरकार ने सलमान खान की एक साल की सजा को कम माना. अभिनेता की सजा बढ़ाने और गोरधन सिंह को फिर से आरोपी मानने के लिए दो अपीलें की गईं. ऐसे में सवाल ये है कि सरकार ने दूसरे 11 लोग जो बरी हो चुके, उन्हें गोरधन की तरह फिर से आरोपी बनाने की अपील क्यों नहीं की? प्रोसिक्यूशन के पास इसका ठोस जवाब नहीं था जिसका लाभ सलमान को मिल गया।


हिट एंड रन मामले में भी मिला संदेह का लाभ- सलमान खान के ऊपर चल रहे दूसरे मामले हिट एंड रन में भी उनको संदेह का लाभ देते हुए बरी किया गया था, वही कारन यहाँ भी रहा, आखिर संदेह सुपर स्टार सलमान पर इतना मेहरबान क्यों है,

सोशल मीडिया में धूम- सुल्तान की सफलता के बाद या मामले में बरी होने पर सलमान खुश है और सोशल मीडिया में उनके फंस cheer कर रहे है ।

23.7.16

स्वघोषित देवी मायावती को धूल चटा दी इक माँ ने, स्वाती सिंह ने बदल दी UP की राजनीति




स्वाती सिंह

स्वगोषित देवी मायावती को जमीन दिखा दी इक साधारण स्त्री SwatiSingh ने 

पूर्व BJP नेता दयसंकर सिंह द्वारा दिए गए बयांन से सियासी भूकंप तो आया पर इस मामले में राजनैतिक फायदा लेने का मायावती का मंसूबा कामयाब न हो सका,

मायावती ने दयाशंकर के ऊपर SC-ST एक्ट में मुकदमा दायर करवाया,खुद को दलितों की देवी कहा, उनके कार्यकर्ताओ ने प्रदर्शन कर दयाशंकर के परिवार को गाली दी, मायावती जी का ये प्रयास यूपी में राजनीति और मीडिया से अलग-थलग पड़ी बसपा को मुख्य धारा में लाने का था पर इक माँ और घर चलाने वाली गृहणी इस स्वघोषित देवी के सामने डट कर खड़ी हो गई और वो थी दया शंकर की पत्नी और इक बेटी को माँ स्वाती सिंह 

स्वाती को सोशल मीडिया, प्रिंट और इलेक्ट्रानिक मीडिया का खुल कर समर्थन मिल रहा है और इसने बसपा की स्वघोषित देवी मायावती का राजनैतिक सपना ध्वस्त कर दिया, मायावती की सोशल इंजीनियरिंग धरी रह गई, मायावती और नसीमुद्दीन पर मुकदमा हुआ,


पहली बार कार्यकर्ता के लिए सामने आई BJP-

 स्वाति सिंह द्वारा मायावती से मोर्चा लेने पर बीजेपी भी खुलकर उनके साथ आई और 23 जुलाई को *बेटी के सम्मान में बीजेपी मैदान में* नारे के साथ धरना प्रदर्शन किया, अबतक परेशानी में फसे कार्यकर्ताओ को छोड़कर आगे बढ़ने की रणनीति रही है बीजेपी की

मायावती बैकफुट पर
खुद को दलितों की देवी कहने वाली बहन कुमारी मायावती को अब OBC- सवर्ण वोट हाथ से जाता दिख रहा है ऐसे में अपने नेताओ को मायावती ने डांट पिलाई और सरे प्रदर्शन रद्द कर दिए , सफाई भी देनी पड़ी ।

मायावती द्वारा SC-ST एक्ट के दुरूपयोग का भी उठ रहा मुद्दा- 

मायवती ने अपने को अपशब्द कहने वाले दयाशंकर के ऊपर SC ST एक्ट के तहत  मुकदमा पंजीकृत करवाया था जबकि वाही अपशब्द स्वाती की बेटी के लिए प्रयोग करने वाले नसीमुद्दीन और मायावती के लिए IPC में मुकदमा हुआ है, लोगो का कहना है की या तो SC ST एक्ट हटाया जाए या मायावती और नसीमुद्दीन के ऊपर POSCO एक्ट के तहत कारवाही हो क्योंकि स्वाती को बेटी 12 साल से कम उम्र को है ।

इक परिचय-
देवरिया के इक सामान्य क्षत्रिय परिवार की बेटी स्वाती लख़नऊ विश्विद्यालय की क्षात्रा रही, स्वाती सिंह ने दयाशंकर से विश्वविद्यालय के दौरान ही विवाह किया था और राजनीति में लगे रहने के कारण स्वाती की दयसंकर से कम पटती थी और अपनी बेटी, सास व परिवार के साथ आशियान लख़नऊ में रहती है स्वाती।

कैसे स्वाती सिंह प्रकरण ने बदली यूपी की राजनीती-

मायावती को रैदास( जाटव, अथवा चमार) जाती का वोट बैंक है जो की अन्य दलित जातियो से खुद की खास और बसपा का कैडर समझता है ये यूपी में 5% के आसपास है पर ब्राम्हण , मुस्लिम व् अन्य दलितों के साथ आने पर मायावती 2007 में चुनाव जीती थी, 

इस प्रकरण में स्वाती भले की ब्राम्हण ना हों पर सामाजिक स्तर पर ब्राह्यण व क्षत्रिय आपस में वैसे ही है जैसे मोती और धागा, सोशल मीडिया में ये जंग रैदास Vs सवर्णो और OBC की बन गई है जोकि बसपा की सोशल इन्जीनीरिंग को परवान नहीं चढ़ने देगे और परिणाम होगा बसपा का 1990 के दशक में लौटना जब वो हर सीट पर वोट पाती थी पर जीतना कम ही होता था ।

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19.7.16

सावन में इन उपायों से करे भगवान शिव को प्रसन्न, कुछ सरल प्रयोग


भगवान् शिव को 5 का अंक और पांचवा महीना प्रिय है जिसे सावन कहते है, साथ ही शिव जल का भी स्वरुप हैं और सावन का महीना पथ्वी पर जीव व वनस्पति के उत्तपत्ति का भी कारण है जोकि प्रकति रूप पृथ्वी व जल रूप ईश्वर (पुरूष) के मिलन का भी प्रतीक है,
इसीलिए मान्यता है की इस महीने में प्रकृति और ईश्वर प्रसन्न होकर साधको को मनचाहा वर प्रदान करते है,

जानिए भगवान शिव जो की अवढर दानी और भोले है को किन तरीकों से प्रसन्न कर आप पा सकते है अपना मनचाहा वरदान-

मनोकामना सिद्दी-
सावन में रूद्र अष्टाध्यायी जिसे नमक चमक भी कहते है का पाठ और साथ में गाय के दूध से रुद्राभिषेक करने से सभी मनोकामनाएं सिद्ध होती है, ऐसा करके  करोडो लोगो ने आज तक भगवान शिव से अपना अभीष्ट प्राप्त किया है , आप भी करिये ।

शिव कृपा-
सावन में रोज 21 बिल्वपत्रों पर चंदन से 'ऊं नम: शिवाय' लिखकर शिवलिंग पर चढ़ाएं. इस एक उपाय से आपकी सभी मनोकामनाएं पूरी होंगी.

ऊपरी प्रभाव घर में होतो-
अगर घर में किसी भी प्रकार की परेशानी हो तो सावन में रोज सुबह घर में गोमूत्र का छिड़काव करने के साथ ही गुग्गुल धूप जलाएं.

शीघ्र विवाह हेतु- 
विवाह में आ रही अड़चन दूर करने के लिए सावन में रोज शिवलिंग पर केसर मिला दूध चढ़ाएं. इससे विवाह के योग जल्दी बनते हैं. 

नंन्दी पूजन व गौसेवा-
सावन में रोज नंदी (बैल) को हरा चारा खिलाएं. इससे जीवन में सुख-समृद्धि आएगी और मन प्रसन्न रहेगा.

अन्न धन भरपूर रहे-
सावन में गरीबों को भोजन कराने से आपके घर में कभी अन्न की कमी नहीं होती और साथ ही पितरों को भी शांति मिलती है.

मानसिक शांति व आनंद प्राप्ति-
सावन में रोज सुबह जल्दी उठकर स्नान आदि से निपट कर मंदिर जाएं और भगवान शिवका सामान्य जल या गंगा जल से अभिषेक करने के साथ ही काले तिल अर्पण करें. इसके बाद मंदिर में कुछ देर बैठकर मन ही मन में 'ऊं नम: शिवाय' मंत्र का जाप करें. इससे मन को शांति मिलेगी.

धन वृद्धि व उन्नति--
केतु ग्रह उन्नति का कारक गृह होता है जोकि प्रभु शिव का सेवक है शिव जी की सेवा से केतु प्रसन्न होकर उन्नति देता है, करिये ये प्रयोग-
"सावन में किसी नदी या तालाब जाकर आटे की गोलियां मछलियों को खिलाएं और साथ ही साथ मन में भगवान शिव का ध्यान करते रहें." यह धन प्राप्ति का सबसे आसान उपाय है.

 लक्ष्मी प्रति हेतु अनुभूत प्रयोग- 
सावन के महीने में किसी भी दिन घर में पारद शिवलिंग की स्थापना करें और उसकी यथा विधि पूजन करें. इस दौरान इस मंत्र का 108 बार जाप करें -
"ऐं ह्रीं श्रीं ऊं नम: शिवाय: श्रीं ह्रीं ऐं"
प्रत्येक मंत्र के साथ बिल्वपत्र पारद शिवलिंग पर चढ़ाएं. बिल्वपत्र के तीनों दलों पर लाल चंदन से क्रमश: ऐं, ह्री, श्रीं लिखें. अंतिम 108 वां बिल्वपत्र को शिवलिंग पर चढ़ाने के बाद निकाल लें और इसे घर के पूजन स्थान पर रखकर प्रतिदिन पूजा करें. 

संतान प्राप्ति-
सावन में किसी भी दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान आदि करने के बाद भगवान शिव का पूजन करें. इसके पश्चात गेहूं के आटे से 11 शिवलिंग बनाएं और प्रत्येक शिवलिंग का शिव महिम्न स्त्रोत से 11 बार जलाभिषेक करें.
इस जल का कुछ भाग प्रसाद के रूप में ग्रहण करें. यह प्रयोग लगातार 21 दिन तक करें. गर्भ की रक्षा के लिए और संतान प्राप्ति के लिए गर्भ गौरी रुद्राक्ष भी धारण करें. इसे किसी शुभ दिन शुभ मुहूर्त देखकर धारण करें. 

रोग नाश -
सावन में किसी सोमवार को पानी में दूध व काले तिल डालकर शिवलिंग का अभिषेक करने से बीमारियां दूर होती हैं. अभिषेक के लिए तांबे के बर्तन को छोड़कर किसी भी धातु का उपयोग किया जा सकता है.

Issued exclusively for TheLogicalNews by 
Institute of tantrik research and healing, Varanasi.

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15.7.16

Turkey Coup Attempt, तुर्की में क्यों बढ़ रही अशांति, क्यों हुआ तख्ता पलट का प्रयास


अंकारा की सड़को पर घूमते टैंक।

तुर्की में सेना की इक धड़े ने की तख्ता पलट की कोशिश, स्थानीय लोगो का मिला समर्थन ,अबतक 70 लोग मरे 150 से अधिक हिरासत में पुलिस के सभी बड़े अधिकारी मारे गए है, राष्ट्रपति इंडोगेन ने तख्ता पलट पर काबू प् लेने की घोषणा की है परंतु सबसे बड़ा प्रश्न अब उठ खड़ा हुआ की आखिर क्यों सेना ने ये प्रयास किया और सेना को स्थानीय लोगो का समर्थन हासिल क्यों हुआ
तुर्की में सेना ने तख्तापलट की नाकाम कोशिश की. पुलिस व सेना के अन्य बटालियन ने रिसेप तईप एर्दोगन की सरकार को गिरने से बचा लिया. लेकिन तुर्की में ये स्थिति अचानक नहीं बनी. सन 1960 से लेकर अब तक तुर्की में 3 बार तख्तापलट किया जा चुका है. आइए जानते है इसके प्रमुख कारण।
1. शक्तियो का केन्द्रीयकरण
रिसेप तईप एर्दोगन की 'एके पार्टी' (एब्रिविएशन ऑफ टर्किश इनिशियल्स ऑफ जस्टिस एंड डेवलेपमेंट पार्टी) 2002 में सत्ता में आई थी. इससे एक साल पहले ही एके पार्टी बनाई गई थी. तभी से रिसेप एर्दोगन पर आरोप लगते रहे हैं कि वे राष्ट्रपति के इर्द-गिर्द सारी शक्तियां केंद्रित करना चाहते हैं. उन्होंने कथित तौर पर लगातार अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के खिलाफ काम किया.
2. तुर्की सरकार का इस्लाम के प्रति झुकाव-
एरडोगन के सत्ता में आने के बाद से ही सरकार का रुख इस्लाम की तरफ झुक रहा है. देश में धर्मनिरपेक्ष कानूनों की जगह इस्लामिक नियमों को लागू करने के लिए कई कानून भी पास किए गए.
3. अमेरिका से खराब संबंध
तुर्की और अमेरिकी सेना के करीबी रिश्ते हैं, लेकिन फिर भी पश्चिमी नेताओं के साथ तुर्की के राष्ट्रपति एर्दोगन के रिश्ते खराब हैं. एर्दोगन और अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा के बीच भी कई बार तनाव की स्थिति पैदा हो चुकी है, ISIS के मुद्दे पर भी तुर्की के राष्ट्रपति का कोई साफ़ मत नहीं है और कमाल अतातुर्क के इतर अपनी सोच रखते है एरडोगन।
4. तुर्की सेना और एर्दोगन के तनाव भरे रिश्ते
साल 2002 में सत्ता में आते ही राष्ट्रपति एर्दोगन ने कई सैन्य अधिकारियों पर कानूनी कार्रवाई की और कई पर अदालतों में केस भी चला. इसके बाद से ही सेना और एर्दोगन के रिश्ते तल्ख हैं.कई बड़े अधिकारी जेल में है और सेना में सरकार का विरोध बढ़ रहा है।
5. संविधान में बदलाव का दबाव
एर्दोगन सत्ता में आने के बाद से ही संविधान के दोबारा निर्माण के पक्षधर हैं. एर्दोगन संविधान में बदलाव कर राष्ट्रपति पद को अमेरिकी रंग में ढालना चाहते थे. लेकिन उनकी इस चाहत ने उनके कई समर्थकों को उनसे दूर कर दिया.

6. अन्य देशों की प्रतिक्रिया

तुर्की विश्व के इस्लामिक देशो में सबसे शांत और धर्मनिरपेक्ष माना जाता है इसके संबंध भी सभी अन्य बड़े देशो से अच्छे है ऐसे में एरडोगन के ख़राब  नीतियों के कारन ही सही पर तुर्की पर संकट देख सभी बड़ी शक्तियो ने तुर्की की सरकार का समर्थन किया जिसने सैनिक भावनाओं को और कमजोर करने में मदद की

7. जन भावनाएँ-तुर्की के लोग इस्लामी विचारधारा से अधिक प्रभावित नहीं है इसी कारण आधुनिक परुवेश में भी ISIS तुर्की में घुसने में नाकाम रहा है साथ ही विकास की द्रष्टि से भी संपन्न है पर एरडोगन की पार्टी का झुकाव लोगो को पसंद नहीं आ रहा

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13.7.16

ओवैसी की पार्टी AIMIM का Registration रद्द,महारष्ट्र में नहीं लड़ पाएगी कोई चुनाव

AIMIM प्रमुख असद्दुदीन ओवैसी

मुम्बई
महाराष्ट्र राज्य चुनाव आयोग ने असद्दुदीन ओवैसी की पार्टी ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM ) समेत 191 राजनीतिक पार्टियों का पंजीकरण रद्द कर दिया है.
क्यों रद्द हुआ पंजीकरण- 
आयोग के अनुसार, 'इन पार्टियों ने अपने इनकम टैक्स रिटर्न और आॅडिटिड एकाउंटस आयोग के पास जमा नहीं किए हैं. इसलिए इनकी मान्यता खत्म की जा रही है.राज्य चुनाव आयुक्त जेएस साहारिया के अनुसार,'आयोग के साथ 359 राजनीतिक पार्टियों पंजीकृत हैं लेकिन केवल 17 पार्टियों को ही आयोग की मान्यता प्राप्त है. इनमें से 326 पार्टियों को आवश्यक दस्तावेज़ जमा न कराने का नोटिस भेजा गया था.'
आयोग के अनुसार,'बार बार इन्हें याद दिलाने और समय सीमा बढ़ाने के बावजूद यह पार्टियां अपने दस्तावेज़ जमा कराने में असफल रहीं. इसीलिए इनका पंजीकरण रद्द किया गया है.'
क्या होगा असर- 
पंजीकरण रद्द होने का असर AIMIM पर आने वाले निकाय चुनावों पर पड़ेगा, जिनकी तैयारी में ओवैसी और उनके कार्यकर्त्ता बड़ी जोर शोर से लगे थे और BJP व शिवसेना के अलग अलग राह पकडने से MIM के लिए फायदे के चुनाव माने जा रहे थे, अब MIM इन चुनावो में अपने प्रत्यासी नहीं उतार पाएगी, 

वर्तमान 2 विधायकों की स्थिति- 
MIM के पास इस समय महाराष्ट्र विधानसभा में 2 विधायक है , पंजीकरण खत्म होने से उनकी स्थिति संवैधानिक रूप से निर्दलीय विधायक की होगी आगे अगर दल को मान्यता मिलती है तो फिर इनको पार्टी में शामिल होना पड़ेगा ।
कुछ भी हो ओवैसी को महाराष्ट्र में कुछ दिनों के लिए तो झटका लगा ही है, अपने तीखे बयानों के कारण चर्चा में रहने वाले असद्दुदीन ओवैसी अब क्या निराकरण निकलते है 

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12.7.16

उत्तर प्रदेश बीजेपी की प्रदेश कार्यकारिणी घोषित, जानिये कौन क्या बना


लख़नऊ
उत्तर प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष केशव मौर्या ने प्रदेश कार्यकारिणी की घोषणा कर दी है क्षेत्रीय व जातिगत समीकरणों कप ध्यान में रखते हुए बनाई गई है ताकि आने वाले 2017 के चुनाव की व्यूह रचना की जा सके, घोषणा करते हुए केशव मौर्या का बयां था की हमने 2017 का चुनाव जितने के कार्यसमिति बनाई है,

देखिये कौन क्या बनाया गया है 

उपाध्यक्ष
शिव प्रताप शुक्ला ( गोरखपुर) राज्यसभा सांसद
राजवीर सिंह राजू भैया( एटा) सांसद 
धर्म पाल सिंह ( बरेली) विधायक
गोपाल टंडन ( लखनऊ) विधायक,
सतपाल सिंह(बागपत) सांसद लोकसभा
श्री प्रकाश शर्मा ( कानपुर)
बाबुराम निषाद
कांता कर्दम ( मेरठ)
दयासंकर सिंह( बलिया)
जसवंत सैनी( सहारनपुर)
अश्विनी त्यागी( मेरठ)
सुरेश राणा( शामली)
रामनरेश रावत(बाराबंकी)
राकेश त्रिवेदी ( वाराणसी)
JPS राठौर ( शाहजहाँपुर),

प्रदेश महामंत्री

पंकज सिंह ( लख़नऊ)
स्वतंत्र देव सिंह पटेल( जालौन)
अनुपमा जायसवाल ( बहराइच)
सलिल विश्नोई( कानपूर)
विद्यासागर सोनकर (जौनपुर)
विजय बहादुर पाठक( लखनऊ)
अशोक कटारिया ( बिजनोर)
सुनील बंसल ( लख़नऊ) ( संगठन महामंत्री)


प्रदेश कोषाध्यक्ष
राजेश अग्रवाल ( बरेली) विधायक
सह कोषाध्यक्ष - नविन जैन ( आगरा)

प्रदेश मंत्रियों की की लिस्ट-

संतोष सिंह ( लख़नऊ)
गोविन्द शुक्ला( अमेठी)
अनूप गुप्ता (लखीमपुर)
रंजना उपाध्याय ( चित्रकूट)
कौशलेन्द्र सिंह पटेल ( वाराणसी)
अमर पाल मौर्य 
कामेश्वर सिंह ( गोरखपुर)
महेश श्रीवास्तव ( वाराणसी)
सुरेश अवस्थी ( कानपूर)
देवेंद्र चौधरी ( मेरठ)
गीता शाक्य ( औरैया)
धर्मवीर प्रजापति ( आगरा)
सुभाष यादव ( संतकबीर नगर)
मंजू दिलेर वाल्मीकि ( संभल)
शंकर गिरी ( वाराणसी)





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9.7.16

ज़ाकिर नाईक पर एक रिपोर्ट ,इस्लाम का प्रचारक या आतंकी, पढ़िए



लख़नऊ

जाने कौन है जाकिर नाईक जो मिडिया में छाया है आज कल और क्यों है विवादों में,

परिचय - 1965 (उम्र-50 साल) को पैदा हुआ मुम्बई का रहने वाला ज़ाकिर पहले इक असफल डाक्टर था, ज़ाकिर ने मुम्बई विश्वविद्यालय के इक कालेज से MBBS की पढाई की,


1990 से इसने डाक्टरी बंद कर इस्लाम की शिक्षा देनी शुरू की और पीस TV की स्थापना की तब से अब तक 10 करोड़ लोगो तक पीस TV अपनी पहुच बना चूका है,  

कार्यप्रणाली- 
ज़ाकिर नाईक अन्य इस्लाम के वक्ताओं की तरह उर्दू या अरबी में भाषण नहीं देता बल्कि इंग्लिश में या हिंदी में बोलता है, ज़ाकिर ने इस्लामी प्रचार के लिए Islamic Research Foundation नाम की संस्था भी बनाई हुई है जिसके नाम पर विदेशों से अच्छी मात्रा में चन्दा और धन प्राप्त करता है ।


वहावी धर्म का प्रचारक-
ज़ाकिर नाईक खुद को तुलनात्मक धर्म का वक्त कहता  है और इस्लाम की वहावी मत को मानता है जोकि सुन्नी सम्प्रदाय के देवबंद मदरसे का भी इक भाग है, ज़ाकिर खुद को (Authority of Comparative Religion) भी समझता है जोकि सालवी सुन्नी मत का ही इक भाग है और सऊदी अरब व् अन्य सुन्नी देशो में बहुत प्रभावी है, इन्ही तरीको से ज़ाकिर पर आतंक की जन्मस्थली के रूप में प्रसिद्ध वहावी मत को फ़ैलाने का आरोप है।

आतंकियो का समर्थन- ज़ाकिर नाईक ने अपने इक कंसर्ट के दौरान अल कायदा प्रमुख़ ओसामा बिन लादेन का समरथन किया और कहा की असली आतंकी अमेरिका है और मैं उससे लड़ने वालों के साथ हु, आत्मघाती विस्फोटों को भी इस्लाम का समर्थन होने का बयान दे चुका है ये उपदेशक,
 
 वेदों की गलत व्यख्या- नाईक ने अपनी TV पर वेंदो की भी व्याख़्या की और हिंदू धर्म को कोई धर्म न होंने की बात कही साथ ही  हिंदुओ को गोमांस खाने हेतु प्रेरित किया और कहा की ऐसा वेदों में लिखा है जोकि सरासर झूठ है

शियाओं का मजाक-
जाकिर नाईक ने अपने कई भाषणों में शिया मुसलमानों का मज़ाक उड़ाया है और उनको काफिर नास्तिक तक कहा है,
यज़ीद की तारीफ-
 Youtube पर स्थित इक वीडियो में ज़ाकिर ने हज़रत अली पर इस्लाम को कमजोर करने का आरोप लगाते हुए कहा है की हसन और हुसैन की हत्या कर के  तत्कालीन यमन के शाशक यजीद ने इस्लाम की बड़ी सेवा की और इसको टूटने से बचाया ,आज तक इस्लाम के किसी विचारक द्वारा यजीद को शांति का दूत कहा जाना पहली बार सुना है


सूफी और बरेलवी मतावलंबियों को भी काफिर और इस्लाम का विकृत चेहरा बता कर उनका मज़ाक उदा चूका है ज़ाकिर नाईक ।

हिंदू धर्म पर कटाक्ष- 
ज़ाकिर अपने को सर्वाधिक जानकार समझता है और हिदू धर्म जिसकी व्याख़्या सैकड़ो ऋषि मुनि अपने जीवन भर करते रहे को भरी सभा में अपने कुतर्को से गलत सिध्द करने की कोशिश करता है,

जाकिर नाईक ने सनातन संस्कृति में प्रथम पूज्य भगवान गणेश के अस्तित्व को स्वीकार करने से इंकार किया था और महाराष्ट्र में होने वाली गणपति पूजा को मूर्खो द्वारा किया जाने वाला आयोजन बताया था,


श्री श्री रविशंकर से विवाद-
इक बार महाराष्ट् के इक मुस्लिम विधायक ने श्री श्री से व साध्वी प्राची से मच पर ज़ाकिर नाईक से शास्त्रार्थ करने का चैलेंज दिया था,ज़ाकिर ने मंच पर अपने कुतर्को किये और श्री श्री ने इसकी बातो का जवाब देने की कोशिश की पर विवाद बढ़ता देख कर श्री श्री समारोह से चले गए थे,


विवाद की शुरुआत- 
2003 के मुम्बई ब्लास्ट के समय भी ज़ाकिर नाईक के लाइब्रेरियन पर धार्मिक कट्टरता फ़ैलाने का आरोप लग चूका था पर सबूतों के आभाव में वह छूट गया,


ढाका हमला- 
जून 2016 में बांग्लादेश की राजधानी ढाका में 5 मुस्लिम लड़को ने 22 गैर मुस्लिम लोगो की बेरहमी से हत्या कर दी थी उनमे से पकडे गए इक आतंकी ने ये कबूल किया की " मैं ज़ाकिर नाईक के भाषणों से प्रभावित होकर आतंकी संगठन ISIS से जुड़ा और दुनिया से गैर मुस्लिमों के खात्मे के काम पर लगा था"

इस खुलासे के बाद बांग्लादेश की सरकार ने भारत से ज़ाकिर नाईक के खिलाफ कारवाही करने की मांग की और तब जाकर सरकार और मीडिया की आँखें खुलीं,

कश्मीर खुलासा - 
8 जुलाई 2016 को लश्कर-ए-तैय्यबा के पोस्टर बॉय व् कमांडर  बुरहान बानी को घाटी में हुई इक मुड़भेद में सेना ने मार गिराया था जिसने खुद ज़ाकिर नाईक का चेला होना स्वीकार किया था और उसके भाषणों से खुद को प्रेरित बताया था ,

दिग्विजय Connection- 
ज़ाकिर नाईक के कार्यक्रम में इक बार कॉंगेस के महासचिव दिग्विजय सिंह ने पहुच कर उसका हौसला बढ़ाया था जिस मामले को मिडिया ने इस समय और टूल दे दिया है,

सरकार की अबतक की कारवाही- 
इस मामले में केंद व महारष्ट्र की सरकार ने सख्त रुख अपनाया है, ग्रह मंत्री राजनाथ ने देश की सुरक्षा के साथ कोई समझौत न करने का बयां देकर अपना रुख स्पस्ट कर दिया है,

महाराष्ट्र के CM देवेन्द्र फड़नवीस ने ज़ाकिर के भाषणों की जाँच के आदेश दिए है पीस TV व् Youtube पर पड़े इसके सारे वीडिओ की मुम्बई पुलिस ATS जाँच करेगी और जल्दी ही सख्त कारवाही का भी अस्वासन दिया है, साथ ही सुचना व प्रसारण मंत्रालय ने Peace TV पर बैन लगाने के संकेत दिए है

डर गया शांति का मसीहा- सरकार के सख्त रुख से सऊदी अरब में बैठा ज़ाकिर डर गया है और अपने बेगुनाही की सफाई दे रहा है और कहता है की मैं सन्ति का प्रचार करता हु नाकी आतंक का।

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4.7.16

मोदी सरकार का तीसरा विस्तार, जानिए कौन है नए मंत्री और क्या है उनकी उपयोगिता



नई दिल्ली

Breaking
मोदी सरकार का कैबिनेट विस्तार निम्न ने ली शपथ-

कैबिनेट मंत्री 
प्रकाश जावड़ेकर ( राज्यसभा)
वन मंत्री से कैबिनेट में प्रमोशन

स्वतंत्र प्रभार मंत्री-

2. फागन सिंह गुलस्टे

राज्यमंत्री-

3.SS अहलूवालिया(पंजाव)
मोदी सरकार में पहले सरदार मंत्री, पंजाब चुनाव हेतु बड़ी जिम्मेदारी

4. रमेश चंदप्पा जंगजियांगि

5. विजय गोयल (दिल्ली)
आम आदमी पार्टी से निपटने हेतु तैयारी,पूर्व दिल्ली अध्यक्ष रहे है 

6.दलित नेता रामदास आठवले( महाराष्ट्र)
यूपी चुनाव में मायावती को टक्कर देने व महारष्ट्र में दलित वोट साधने हेतु दी गई जिम्मेदारी

7. राजेंद्र गोहेन 
(असम के नौगांव से सांसद)
सर्वानंद सोनवाल के CM बनने के बाद असम से कोई नहीं था सरकार में 

8. अनिल माधव दवे
( MP, नर्मदा आंदोलन के नेता)

9. पुरुषोत्तम रुपाला( गुजरात)
PM मोदी के बहुत नजदीकी पटेल नेता, 

10. MJ अकबर (MP)
मुस्लिम चेहरा, व् मीडिया मेनेजर

11. अर्जुन मेघवाल( राजस्थान)
बीकानेर से सांसद व् साईकिल से संसद जाने को प्रसिद्ध 

12. यसवंत सिंह भाबोर(गुजरात)
दादोह से सांसद व् दलित नेता

13. डॉ महेंद्र नाथ पांडेय(UP)
चंदौली से सांसद व यूपी चुनाव में ब्राम्हण वोटों को खुश करने की कोशिस,

14. अजय टम्टा( उत्तराखंड)
अल्मोड़ा से सांसद व आगामी चुनाव में आपसी कलह रोकने का प्रयास 

15. कृष्णा राज (शाहजहाँपुर UP)
पासी नेता है कृष्णा व् BSP के वोट काट कर चुनाव में बैलेंस बनाये जाने हेतु।

16. मनसुख भाई मंडवीय
(गुजरात)
पटेल समुदाय से आते है मंडवीय, पटेलों को खुश करने का करेंगे काम 

17. अनुप्रिया पटेल (UP)
मिर्जापुर से सांसद व अपना दल की नेता , कुर्मी वोट UP में 6% है उसको साधने का प्रयास 

18. CR चौधरी ( राजस्थान)
नागौर के सांसद चौधरी इक लेक्चरर के रूप में पहचान बनाई व् कृषि में विशेष काम किया ,

19. PP चौधरी (राजस्थान)
पाली से सांसद  चौधरी को सांसद रत्न का पुरुष्कार मिल चूका है, 
2 साल में 398 सवाल पूछे 98% उपस्थिति रहती है संसद में ।

20. डॉ शुभाष भामरे ( महाराष्ट्)
भूले से सांसद भामरे महाराष्ट्र के बड़े कैसर सर्जन है, मराठा नेता व् पुराने शिवसेना नेता ।

- TheLogicalNews
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सऊदी अरब के मदीना में 2 आतंकी विस्फ़ोट

सऊदी अरब की पैगम्बर मस्जिद

दुनिया में आतंक का मुख्य कारण बने वहावी इस्लाम की Supply करने वाला सऊदी अरब भी अब इस्लामी कट्टरपंथियों के निशाने पर है।

सऊदी मीडिया की रिपोर्ट्स के अनुसार सऊदी अरब के दो शहरों में 2 एक साथ धमाके हुए हैं. 

कातिफ और मदीना दोनों जगह मस्जिद के पास ये धमाके हुए हैं.पहला धमाका कातिफ में हुआ. जबकि दूसरा धमाका मदीना में हुआ, जहां एक आत्मघाती हमलावर ने पैगंबर की मस्जिद के पास विस्फोट कर खुद को उड़ा लिया, दो अलग-अलग जगह हुए धमाकों में दो लोगों की मौत हुई है.

रॉयटर्स और AFP समाचार एजेंसियों के मिले इनपुट से ये पुष्ट हुआ है की ये दोनों हमले जिहादी आतंकी कट्टरपंथियों द्वारा हुए है, इन आत्मघातियो के विषय में सुरक्षा एजेंसिया अधिक जानकारी हासिल करने में लगी।

-TheLogicalNews
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3.7.16

संदिग्ध ISIS आतंकियो की मदद करने के मामले में फंसे ओवैसी कोर्ट में शिकायत


AIMIM चीफ असदउद्दीन ओवैसी

मेरठ

अभी जल्दी ही NIA के द्वारा हैदराबाद में पकड़े गए IS के 11 संदिग्धों में से 5 पर सुरक्षा एजेंसियों को शक है की वो सीरिया के खूंखार आतंकी संगठन IS से मिल रहे दिशा निर्देशो पर काम कर रहे थे जिनको पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है।

इन पांच संदिग्ध आतंकी युवकों को कानूनी सहायता उपलब्ध कराने के बयान पर ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुसलमीन (AIMIM) के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी के खिलाफ यूपी बार काउंसिल के एक सदस्य ने कोर्ट में याचिका दायर की है। 

कोर्ट ने मामले की सुनवाई के लिए 6 July की तिथि तय की है, यूपी बार काउंसिल के सदस्य अनिल कुमार बख्शी ने ACJM-9 में याचिका दायर किये जाने की जानकारी देते हुए बताया कि ओवैसी ने हाल ही में मीडिया को दिए बयान में कहा था कि वह हैदराबाद में आतंकवाद के मामले में फंसे उन लोंगो को कानूनी मदद करेंगे जिन्हें एनआईए ने कथित रूप से आईएस मॉड्यूल्स के तहत गिरफ्तार किया है। 

बख्शी के अनुसार ओवैसी का यह बयान देशद्रोह की श्रेणी में आता है। साथ ही इससे यह भी पता चलता है कि वह आंतकवाद को बढ़ावा दे रहे हैं, जो की भारत की सुरक्षा हेतु खतरा है

वहीं तेलंगाना के भाजपा विधायक टी राजा सिंह ने ओवैसी को फौरन गिरफ्तार करने की मांग की है 

सिंह ने आरोप लगाया कि तेलंगाना की टीआरएस सरकार मजलिस इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) का समर्थन करती है और मजलिस आतंकवादियों का समर्थन करती है। अपने विवादस्पद बयानों के लिए मशहूर भाजपा विधायक ने केन्द्र सरकार से मांग की कि वह एमआईएम की मान्यता खत्म करे।

भाजपा के केंद्रीय प्रवक्ता ने भी ओवैसी पर वोट बैंक के लिए नीचता की हद तक जाने का आरोप लगाया है, 

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि -

अगर अभी भी भारत में राजनीति का स्तर नहीं सुधारा गया तो वो दिन दूर नहीं जब की भारत का हैदराबाद ISIS का गढ़ बनेगा क्यों की इतिहास गवाह है की छोटी चीजो से ही बड़े दानव निकले है,

इस्लामी सुन्नी आतंक की शुरुआत 1928 में हुई जब इक मदरसा टीचर हसन अल बन्ना ने मिस्र में 6 लोगों के साथ Muslim Brotherhood की स्थापना इक समाजिक संस्था की तरह किया था, जिसने 1948 में मिस्र के राष्ट्रपति की हत्या की और धीरे धीरे पुरे विश्व में अपना काला साया पहुचाने में कामयाब हुआ अतः हमारा मानना है की ओवैसी को आतंक में कोई समझौता नहीं करना चाहिए 


-TheLogicalNews
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