24.3.20

आज से शुरू हो रहा है प्रमादी नाम का नया वर्ष विक्रम संवत 2077, जानिए इस साल के बारे में क्या कहता है ज्योतिष

 लखनऊ

आज 25 मार्च 2020 को नव विक्रम संवत का आरंभ हो रहा है 2077 का नव संवत्सर प्रमादी नाम से पुकारा और जाना जाएगा. इस वर्ष संवत के राजा बुध होंगे और मंत्री चंद्रमा होंगे. प्रमादी नामक संवत के प्रभाव से कृषी के क्षेत्र में विकास देखने को मिल सकता है. अनाज का अच्छा उत्पादन होगा. रस से भरपूर पदार्थों के मूल्यों में बढ़ोत्तरी देखने को मिल सकती है. गुड़ और चीनी जैसे मीठे पदार्थ भी महंगे होने लगेंगे. 

 कुछ विशेष फल
आषाढ़ माह का समय कम वर्षा हो सकती है और भाद्रपद के महीने में अधिक बारिश होने की संभावना रहेगी. इस नव संवत में राज और मंत्र के मध्य मित्रता की कमी के कारण सरकार की ओर से कुछ कठोर कानून भी लाए जा सकते हैं. विरोधाभास की स्थिति बनी रहने वाली है. नियम एवं कानून में कठोरता और सख्ती के कारण क्रोध बढ़ सकता है.
जरुरी सामान महंगा हो सकती है. कुछ कारणों से , राजनीतिक उथल पुथल भी देखने को मिल सकती है. जातगत हिंसा भी बढ़ सकती है. नव सम्वत्सर का स्थान इस वर्ष वैश्य के घर पर होने के कारण, व्यापारिक और आर्थिक क्षेत्र में तेजी देखने को मिलेगी. मौसम में बदलाव दिखाई देगा. दूध जैसे पेय पदार्थ महंगे हो सकते हैं. इस समय लोभ व स्वार्थ की स्थिति अधिक दिखाई देगी. व्यापारियों के लिए थोड़ा अधिक लाभ और बेहतर जीवन शैली दिखाई देगी.
देश के दक्षिण प्रांत में अव्यवस्था दिखाई दे सकती है. शासन परिवर्तन और राजनैतिक उतार-चढा़व दिखाई देते हैं. कहीं-कहीं अनाज की कमी भी देखने को मिल सकती है. इस समय लड़ाई झगड़े और एक दूसरे के प्रति असंतोष भी लोगों में बहुत अधिक होगा. 

नव संवत के राजा का चयन कैसे होता है
किसी भी नए संवत्सर में राजा का चयन चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि के वार के अनुसार होता है, अर्थात इस दिन जो वार होता है उस वार के स्वामी को संवत का राजा माना जाता है.
2077 के सम्वत में ग्रहों को निम्न अधिकार प्राप्त होंगे जिनके अनुरुप यह पूरा वर्ष प्रभावित रहेगा. आईए जानते हैं इसके बारे में विस्तार से.

सम्वत राजा बुध
इस सम्वत वर्ष के राजा बुध होंगे. बुध के प्रभाव से शुभ एवं मांगलिक कार्यों का आयोजन बना रहेगा पर इसके साथ ही इसमें दूसरों के कारण परेशानी भी उत्पन्न की जा सकती हैं. मानसिक रुप से उत्सुकता और उत्साह की स्थिति अधिक दिखाई देती है. बड़े बुजुर्गों के साथ विरोधाभास भी अधिक रह सकता है. मनोरंजन के क्षेत्र में लोगों का झुकाव अधिक रहने वाला है. धन धान्य और सुख सुविधाओं के प्रति भी अधिक इच्छाएं होंगी.
बुध का प्रभाव लोगों के मध्य चालाकी से काम करने की प्रवृत्ति को बढ़ाने वाला होगा. एक दूसरे के साथ झूठ और छल करने की प्रवृत्ति भी बढ़ेगी. कला और संगीत के क्षेत्र में अधिक विकास होगा. व्यापारी वर्ग के लिए थोड़ा बेहतर समय होगा. साधु संतों का भी इस समय प्रभाव अधिक रहने वाला होगा. कानून विरोधी काम भी अधिक होंगे, ऑनलाइन व्यापार, स्टॉक मार्केट के लिए अच्छा साल रहेगा।

सम्वत मंत्री चंद्रमा
चंद्रमा के मंत्री होने के कारण भौतिक सुख सुविधाओं का बोलबाला होगा. लोगों का ध्यान भी इस ओर अधिक रह सकता है. वर्षा अच्छी होने की उम्मिद भी की जा सकती है. दूध और सफेद वस्तुओं का उत्पादन भी अच्छा होगा. रस और अनाज में वृद्धि होगी. बाजार में मूल्यों में उतार-चढा़व जल्दी दिखाई देगा. कोई भी स्थिति लम्बे समय तक नहीं रह पाए. असंतोष और दुविधा आम व्यक्ति के मन में बहुत अधिक रहने वाली है. 

सस्येश (फसलों) का स्वामी गुरु
इस समय सस्येश गुरु का प्रभाव होने से रस और दूध और फलों की वृद्धि अच्छी होगी. इस समय वेद और धर्म के मार्ग पर जीवन जीने से लोगों का कल्याण होता है. कृषि के क्षेत्र में अच्छा रुख दिखाई दे सकता है. पशुओं से लाभ मिलने की उम्मीद भी दिखाई देती है. खेती से जुड़े व्यापारियों को भी लाभ मिलने की अच्छी उम्मिद दिखाई देती है. 

धान्येश मंगल का प्रभाव
धान्येश अर्थात अनाज और धान्य जो हैं उनके स्वामी मंगल होंगे. मंगल के प्रभाव से चना, सरसों बाजरा के मूल्य में वृद्धि देखने को मिल सकती है. तेल जैसे पदार्थों में तेजी आएगी ये वस्तुएं महंगी हो सकती है. 

मेघश सूर्य का प्रभाव
मेघेश यानी के वर्षा का स्वामी. इस वर्ष सूर्य मेघेश होंगे. सूर्य के प्रभाव गेहूं, जौ, चने, बाजरा की पैदावार अच्छी होगी. दूध, गुड़ भी अच्छे होंगे, उत्पादन में वृद्धि होगी. सूर्य का प्रभाव कई स्थानों पर वर्षा में कमी ला सकता है. नदी और तालाब जल्द सूख भी सकते हैं. 

रसेश शनि का प्रभाव
रसेश अर्थात रसों का स्वामी, रस का स्वामी शनि होने के कारण भूमी का जलस्तर कम हो सकता है. वर्षा होने पर भी जल का संचय भूमि पर नहीं हो पाए. बेमौसमी और प्रतिकूल वर्षा के कारण अनेक रोग उत्पन्न हो सकते हैं. कुछ ऎसे रोग भी बढ़ सकते हैं जो लम्बे चलें और आसानी से ठीक न हो पाएं. 

नीरसेश गुरु का प्रभाव
नीरसेश अर्थात ठोस धातुओं का स्वामी. इनका स्वामी गुरु है. गुरु के प्रभाव से तांबा, सोना या अन्य पीले रंग की वस्तुओं के प्रति लोगों का झुकाव और अधिक बढ़ सकता है. इनकी मांग बढ़ सकती है. 

फलेश सूर्य का प्रभाव
फलेश अर्थात फलों का स्वामी. सूर्य के फलों का स्वामी होने के कारण इस समय वृक्षों पर फल बहुत अच्छी मात्रा में रहेंगे. फल और फूलों की अच्छी पैदावार भी होगी ओर उत्पादन भी बढ़ेगा. पर कुछ स्थान पर इसमें विरोधाभास भी दिखाई देगा जैसे की कही अच्छा होना और कहीं अचानक से कम हो जाना. 

धनेश बुध का प्रभाव
धनेश अर्थात धन का स्वामी राज्य के कोश का स्वामी. बुध के धनेश होने के कारण वस्तुओं का संग्रह अच्छे से हो सकता है. व्यापार से भी लाभ मिलेगा और सरकारी खजाने में धन आएगा. धार्मिक कार्य कलापों से भी धन की अच्छी प्राप्ति होगी.

दुर्गेश सूर्य का प्रभाव
दुर्गेश अर्थात सेना का स्वामी. सूर्य के दुर्गेश होने से सैन्य कार्य अच्छे से हो सकेंगे. न्याय पालन करने में लोगों का असहयोग रहेगा. पर कई मामलों में कुछ लोग निड़र होकर कई प्रकार के खतरनाक हथियारों का निर्माण करने में भी लगे रह सकते हैं. सरकारी तंत्र से जुड़े लोग नियमों को अधिक न मानें और अपनी मन मर्जी ज्यादा कर सकते हैं. 

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13.3.20

दंगाइयों पर सख्त योगी सरकार ने उपद्रवियों पर कसी और नकेल, कैबिनेट ने दी सार्वजनिक संपत्ति को क्षति पहुंचाने के वसूली के अध्यादेश को मंजूरी

लखनऊ

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में शुक्रवार की शाम को यहां लोकभवन में कैबिनेट की बैठक संपन्न हुई। जिसमें धरना, प्रदर्शन और बंद के नाम पर सार्वजनिक और निजी संपत्ति को क्षति पहुंचाने वाले उपद्रवियों से नुकसान की भरपाई का अध्यादेश पास कर दिया गया। अब उत्तर प्रदेश रिकवरी ऑफ डैमेज टू पब्लिक एंड प्राइवेट प्रापर्टी अध्यादेश 2020 के तहत प्रदर्शन के नाम पर आगजनी और तोड़फोड़ के दोषी व्यक्तियों से क्षति की वसूली की जाएगी। पहले ऐसे किसी मामले में शासनादेश के माध्यम से वसूली का प्रावधान था।

सरकार के प्रवक्ता सिद्धार्थनाथ सिंह और वित्तमंत्री सुरेश खन्ना ने लोकभवन में पत्रकारों से बात करते हुए बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि देश में राजनीतिक धरना, प्रदर्शन, बंद और हड़ताल के दौरान उपद्रवियों द्वारा सरकारी एवं निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया जाता है। जिसके निवारण हेतु कड़े कानून की आवश्यकता है। सुप्रीम कोर्ट ने ऐसे प्रदर्शनों की वीडियो ग्राफी, विवेचना एवं छतिपूर्ति के लिए दावा अधिकरण की स्थापना के निर्देश दिए थे। उसी संबंध में आज यह अध्यादेश कैबिनेट में लाया गया, जो सर्वसम्मति से पारित हुआ। बहुत जल्द ही इसकी नियमावली भी आएगी।

इन प्रस्तावों पर भी लगी मुहर
•सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग और ODOP के प्रोत्साहन के लिए प्रदेश की MSME से 25 फीसद सरकारी खरीद अनिवार्य होगी। कैबिनेट ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। केंद्र की गाइड लाइन के अनुसार अब तक खरीद की अनिवार्यता 20 फीसद तक थी, पर यह खरीद देश की किसी भी एमएसएमई से की जा सकती थी। प्रदेश से ही खरीद को अनिवार्य करने वाला उप्र देश का पहला राज्य है। इस सेक्टर की महिला, एससी-एसटी और इको ग्रीन इकाईयों से क्रमश: 3, 4 और 5 फीसद की खरीद करनी होगी। प्राइस में भी 15 फीसद की वरीयता देनी होगी। प्रदेश की इकाईयों द्वारा आपूर्ति नहीं किए जाने की दशा में ही किसी और प्रदेश के एमएसएमई से खरीद की जा सकेगी। इससे मेक इन यूपी और मेक इन इंडिया को बढ़ावा मिलेगा।

•पीपीपी मॉडल पर बनेंगे प्रमुख शहरों में 23 बस अड्डे। इनके लिए सरकार एक मानक तय करेगी। मसलन पूरे रकबे का 55 फीसद बस टर्मिनल के लिए होगा। 45 फीसद रकबा व्यावसायिक निर्माण के लिए होगा। निर्माता अनिवार्य रूप से वहां सभी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराएगा। संचालन की अवधि 60 साल की होगी। 30 साल बाद निर्माता विथड्रा भी कर सकता है। जिन शहरों में इनका निर्माण होना है, उनमें गाजियाबाद, लखनऊ, गोरखपुर, वाराणसी, हापुड़, रायबरेली, बरेली, आगरा, बुलंदशहर और अयोध्या आदि शामिल हैं।  

•इलाहाबाद हाईकोर्ट में बहुमंजिला पार्किंग के निर्माण को कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है। इसके लिए जजों के 12 बंग्लों, टाइप-ए के 80 आवास, दो रिकॉर्ड रूम, संपर्क गलियारा और पुलिस बैरक को ध्वस्त किया जाएगा। बहुमंजिला पार्किंग के अलावा अधिवक्ताओं चैंबर भी बनेंगे। इसके अलावा वहां के न्यायाधीशों के लिए 11 कोरोला आल्टिस कार खरीदने का निर्णय भी कैबिनेट में पास हुआ।

•कैबिनेट ने जिलों के न्यायालयों की त्रिस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था का भी निर्णय लिया है। यह काम संसद सहित केंद्र के तमाम प्रतिष्ठानों की सुरक्षा इंतजाम करने वाली इलेक्ट्रॉनिक कारपोरेशन ऑफ इंडिया (इसीआईएल) को अधिकृत किया गया है। शीघ्र ही इसका ऑकलन रिपोर्ट तैयार किया जाएगा। 

•कैबिनेट ने प्रदेश के तीन प्रमुख मेलों का प्रांतीयकरण करने की मंजूरी दी है। जिन मेलों का प्रांतीयकरण किया गया है उनमें बरसाना-नंदगांव की लट्ठमार होली, डलमऊ बरेली का कार्तिक पूर्णिमा मेला और मिश्रित तीर्थ सीतापुर को 84 कोसी होली परिक्रमा शामिल है।

•केंद्रीय वित्त आयोग और महालेखाकार उप्र की संस्तुतियों के आधार पर कंसॉलिडेटेड सिंकिंग फंड के सृजन को भी कैबिनेट ने मंजूरी दी है। कई राज्यों में पहले से ही ऐसे फंड हैं। इसके लिए राज्य सरकार 2500 से 3000 करोड़ रुपये तक के फंड का सृजन करेगी। इससे निवेशकों का भरोसा बढ़ेगा।

•पीएम आवास योजना के घटक भागीदारी में किफायती आवास (अफोर्डेबल हाउसिंग इन पार्टनरशिप) योजना के तहत बनने वाले ईडब्लूएस आवासों की लागत में संशोधन को भी कैबिनेट ने मंजूरी दी है। इनकी लागत 4.5 लाख रुपये से बढ़ाकर 6 लाख कर दिया गया है। केंद्र और प्रदेश सरकार इस मद में जो देती थी वह यथावत रहेगा।

•पीएम आवास योजना के तहत निजी क्षेत्र की सहभागिता किफायती आवास योजना 2018-2022 में संशोधन के तहत पहले एक हेक्टेयर में 250 आवास बनाने होते थे। अब इनकी संख्या 150 होगी। कैबिनेट ने इस प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी है।

•प्रदेश में पुलिस लाइन, बैरक, थाने और फायर ब्रिगेड के लिए जो भी निर्माण हो रहे हैं, उन सबमें लगभग एकरूपता रहे इसकी भी मंजूरी कैबिनेट ने दी है।

•न्यूनतम समर्थन मूल्य पर सरकार इस रबी के सीजन में 1925 रुपये प्रति क्विंटल की दर से 55 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदेगी। खरीद एक अप्रैल से 15 जून तक होगी। किसानों के खाते में 72 घंटे के भीतर भुगतान किया जाएगा।

LogicalNews.in
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3.3.20

कोरोना वाइरस से बचाव के घरेलू तरीके

 दिल्ली

UP सहित भारत मे चीन के वुहान से निकले कोरोना वाइरस के मरीज आने शुरू हो गए हैं ये वाइरस सामान्य सर्दी जुखाम की तरह लोगो को प्रभावित करता है परंतु रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होने पर मृत्य तक हो जाती है, 

इस वाइरस के बारे में चीन व इस्राएल में हुए रिसर्च के बाद कुछ तथ्य सामने आए है जससे हैम कुछ सामान्य तरीको से इससे बच सकते हैं, ये रोग 35℃ के सामान्य तापमान में 3 घंटे में नष्ट हो जाता है भारत मे इस समय 28℃ सामान्य तापमान है जोकि कुछ दिनों में 35℃ तक पहुँच जाएगा, इससे प्रभावित लोगों में 2 से 5% तक कि मृत्य होती है
हम अपनी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाकर इससे लड़ सकते है इससे लिए निम्न काम कर सकते है-

क्या करें
- विटामिन सी प्रचुर मात्रा में लें जो नींबू, संतरा, मोसम्मी आदि में मिलता है।
- दूध, दही, मौसमी सब्जियां और फलों का प्रयोग करें। अंगूर, सेब, अमरूद, खीरा, ककड़ी, टमाटर अच्छी तरह धोकर खायें।
- नींबू के टुकड़े काटकर कप में ऊपर से गरम पानी डालकर पीने से बहुत लाभ होता है।
- बाजार के ठंडे और खुले खाने से बचें।
- अपने आसपास गंदगी व प्रदूषण न होने दें।
- हाथ, मुंह और कपड़े अच्छी तरह धुलते रहें।
- झींकते व खांसते वक्त रुमाल का प्रयोग करें, हाथ मिलाने से बचें।
- मच्छरों और मक्खियों से बचाव करें।
- किचेन, बेडरूम, बाथरूम टॉयलेट की सफाई का भी ध्यान रखें। खुली हवा आने दें।
- खाने में हल्दी, तुलसी, गिलोय, काली मिर्च, लौंग, सौंफ और जीरा आदि का उपयोग करें।
- जितना हो सके पैदल चलें, व्यायाम करें और खुली हवा में गहरी सांस लें

क्या ध्यान रखें
हाथ मिलाने से बचें
लोगो से गले न मिलें
मास्क का इस्तेमाल करें
अनावश्यक बाहर न निकलें
ठंढ से बचे
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