3.12.19

12 IPS अधिकारियों के तबादले, कई जिलों के SP बदले

लखनऊ. 

उत्तर प्रदेश में 12 आईपीएस IPS officer के तबादले, आज जारी हुई ट्रांसफर लिस्ट के मुताबिक, SP अम्बेडकरनगर रहे वीरेंद्र मिश्र को पुलिस अधीक्षक सर्तकता (लखनऊ) बनाया गया है। वहीं, उन्नाव पुलिस अधीक्षक माधव प्रकाश वर्मा का SP UP-112 के पद पर तबादला किया गया है, अमित कुमार को हरदोई और विक्रांत वीर को उन्नाव का एसपी बनाया गया है।


जानें- किसका कहां हुआ ट्रांसफर
रवीना त्यागी- एसपी सिटी कानपुर से एसपी CBCID कानपुर
कमलेश्वरी चंद्र- पुलिस अधीक्षक CBCID कानपुर से पुलिस ट्रेनिंग सेंटर मेरठ
अपर्णा गुप्ता- एसपी ट्रैफिक सहारनपुर से SP साऊथ कानपुर नगर
मधुरा अंकुर अग्रवाल- सहारनपुर पुलिस अधीक्षक से एसपी सिटी नोएडा
रवि शंकर छवि- पुलिस अधीक्षक जाैनपुर से पुलिस अधीक्षक वीमेन पावर लाइन 1090
अशोक कुमार- क्षेत्रीय पुलिस अधीक्षक अभिसूचना बरेली से एसपी जौनपुर
वीरेंद्र कुमार मिश्र- SP अम्बेडकरनगर से पुलिस अधीक्षक सर्तकता (लखनऊ)
आलोक प्रियदर्शी- पुलिस अधीक्षक हरदाेई से एसपी अम्बेडकरनगर
अमित कुमार- पुलिस अधीक्षक STF वाराणसी से एसपी हरदोई
विक्रांत वीर- एसपी ग्रामीण लखनऊ से SP उन्नाव
माधव प्रकाश वर्मा- पुलिस अधीक्षक उन्नाव से SP यूपी 112
आदित्य लंगे- अपर पुलिस अधीक्षक मुरादाबाद से एसपी ग्रामीण लखनऊ


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11.11.19

UP सरकार की कैबिनेट बैठक में 13 प्रस्ताव पास

लख़नऊ

CM योगी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में  13 प्रस्ताव पास हुए,  

PPP मॉडल के आधार पर दो ट्रांसमिशन लाइन बनाने का प्रस्ताव पास हुआ

मेरठ और रामपुर में ट्रांसमिशन पावर लाइन पीपीपी पद्धति से बनाने का प्रस्ताव पास हुआ
वर्ष 2021 तक नई 765 केवी जीबीआई केंद्र मेरठ तथा संबंधित लाइनों के एव 400 केवी उपकेंद्र सिंभावली के परिलक्षित लाइन निर्माण के लिए प्रस्ताव पास किए

उत्तर प्रदेश नगर पालिका नियमावली 2019 प्रक्षेपित किए जाने के संबंध में प्रस्ताव हुए पास....
उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा पदोन्नति नियमावली में चतुर्थ संसोधन का प्रस्ताव हुआ पास...
ग्राम विकास विभाग द्वारा संचालित अंबेडकर विकास संचालित योजना की गाइडलाइन में संशोधन के संबंध में प्रस्ताव पास...

ई स्टाम्प नियमावली में संशोधन का प्रस्ताव पास हुआ,तहसील स्तर पर स्टाम्प विक्रेता ई स्टाम्प की बिक्री कर सकेंगे...
मदरसा आधुनिककरण योजना के धनराशि वितरण में कुल 7442 मदरसों को 60 फीसदी केंद्र का और 40 फीसदी राज्य का अंश तय करने का प्रस्ताव पास....

राजा महेन्द्र प्रताप सिंह राज्य विश्व विद्यालय अलीगढ़ बनाने के लिए उत्तर प्रदेश विश्व विद्यालय नियमावली में संसोधन का प्रस्ताव हुआ पास...

बुंदेलखंड एक्सप्रेस वे के ईपीसी के कॉन्ट्रेक्टर के चयन के संबंध में प्रस्ताव पारित हुआ...
गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस वे के लागत और नियम संबंधी प्रस्ताव हुआ पास...

बुंदेलखंड एक्सप्रेस वे छह पैकेज मे बनेगा इसके लिए 6 कंपनियों को कॉन्ट्रैक्ट दिया गया
गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस वे दो पैकेज मे बनेगा इसके लिए एप्को इंफ्राटेक व दिलीप बिल्डकाम को कांट्रेक्टर दिया गया है।

साल 2003 के कुशीनगर के विकास के संबंध में मैत्रेय ट्रस्ट से हुए अनुबंधों को निरस्त करते हुए मैत्रेय परियोजना को पर्यटन विभाग द्वारा विकसित करने के संबंध में प्रस्ताव हुआ पारित...

27.10.19

ISIS के सरगना अबु बकर अल बगदादी के कुत्ते की मौत मरने की पुष्टि हुई

ISIS के सरगना व स्वघोषित इस्लाम के खलीफा अबू बकर अल बगदादी के  कुत्ते की मौत मरने की पुष्टि हो गई है

अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रम्प ने इसकी पुष्टि की उन्होंने वाइट हाउस में एक प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि 'अमेरिकी सेना के ऑपरेशन में  ISIS  सरगना कुत्ते की मौत मारा गया. एक डरपोक की तरह उसकी मौत हुई.'

डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, 'अमेरिकी सेना ने बड़े ही शानदार तरीके से मिशन को पूरा किया. मैंने पूरा ऑपरेशन देखा... इसमें हमारे एक भी जवान को नुकसान नहीं पहुंचा.' उन्होंने कहा, 'हमने उसे (बगदादी को) एक सुरंग में घेर लिया था... खुद को घिरा हुआ देख उसने आत्मघाती जैकेट में विस्फोट कर खुद को उड़ा लिया, इस धमाके में उसके 3 बच्चे भी मारे गए- राष्ट्रपति
CNN की रिपोर्ट के अनुसार IS के खलीफा बगदादी के मरने की पुष्टि के लिए DNA व बायोमैट्रिक जांच पूरी कर ली  गई है, राष्ट्रपति ट्रम्प ने इस सफलता के लिए रूस, सीरिया, टर्की व कुर्दो की सेना को धन्यवाद दिया है।

Syrian Observatory for human rights संस्था के अनुसार इदलिब प्रान्त के बरिशा गांव में हेलीकॉप्टर से अमेरिकी सेना द्वार किय्ये गए हमले में 2.5 करोड़ डॉलर का इनामी बगदादी मार गया इस विस्फोट में 2 औरतें और एक उसका बच्चा भी मारा गया, इस पूरे मिशन को बड़ी ही सीक्रेट तरीकों से अंजाम दिया गया था ताकि असली बग़दादी तक पहुँचा जा सके डोनाल्ड ट्रंप इस मामले की खुद निगरानी कर रहे थे।

मुस्लिम यूबको को 72 हूरों से मिलने व जन्नत दिलाने के सपने दिखाता था खलीफा बगदादी,  भारत पर कब्जा करने की इसने जताई थी इच्छा साथ ही रोम को भी खत्म करना चाहता था अबू बकर अल बगदादी

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1.10.19

योगी सरकार की कैबिनेट बैठक में 31 प्रस्ताव पास

लख़नऊ

लोकभवन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में सम्पन्न कैबिनेट बैठक में प्रदेश में 13 और मेडिकल कॉलेज खोलने के प्रस्ताव को भी हरी झंडी मिल गई है। प्रदेश में वायु प्रदूषण कम करने के उद्देश्य से पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिसटम को और भी ज्यादा मजबूत बनाने की के लिए इलेक्ट्रिक बसों को अधिक संख्या में चलाने के प्रस्ताव भी पास हो गया है। सूबे में 965 करोड़ की लागत से इलेक्ट्रिक बसें चलाई जाएगी। 32 सीटर 700 बस का बेड़ा जल्दी ही सड़कों पर होगा। इसमें से लखनऊ, कानपुर व आगरा को सौ-सौ बस चलेंगी। धार्मिक नगरी प्रयागराज व मथुरा में 50-50 इलेक्ट्रिक बसें चलाई जाएंगी।

प्रदेश में खोले जाएंगे नए 13 मेडिकल कॉलेज
प्रदेश में 13 नए मेडिकल कॉलेज खोलने के प्रस्ताव को भी योगी सरकार द्वारा हरी झंडी दे दी गई है। इस क्रम में नए मेडिकल कॉलेज बनाए जाने के सम्बंध में प्रस्ताव पास हुआ। प्रदेश में फेज 2 के अंतर्गत 13 मेडिकल कॉलेज बनाए जाएंगे। सुल्तानपुर, चंदौली, सोनभद्र, अमेठी, बुलंदशहर, औरैया व गोंडा में भी मेडिकल कॉलेज बनेंगे। कैबिनेट मीटिंग में में दिव्यांगजन विभाग में शासनादेश जारी करने की नियमावली में बदलाव का प्रस्ताव पास कर दिया गया है। इस बैठक में हरदोई के उपजिलाधिकारी के डिमोशन को मंजूरी दी गई। हरदोई के उपजिलाधिकारी गिरीश चंद श्रीवास्तव ने नियम विरुद्ध ग्राम सभा का आवंटन कर दिया था। उनकी जांच हुई जिसके बाद उनके डिमोशन को मंजूरी दे दी गई।

क्रिमिनल रूल्स जनरल एक्ट 1977 के अध्याय 4 में होगा बदलाव
कैबिनेट ने क्रिमिनल रूल्स जनरल एक्ट 1977 में बदलाव का प्रस्ताव पास कर दिया है। क्रिमिनल रूल्स जनरल एक्ट 1977 के अध्याय 4 में बदलाव का भी प्रस्ताव पास हो गया है। नगर विकास विभाग में पेयजल आपूर्ति के साथ सीवरेज के काम में कई बार ग्राम सभा की जमीन उपयोग में आती है। उसके लिए नगर विकास विभाग को पांच वर्ष के लिए मुफ्त भूमि देने का प्रस्ताव पास किया गया है। कैबिनेट बैठक में विधानसभा चायल में बस स्टैंड के लिए भूमि आवंटन का प्रस्ताव पास कर दिया गया है।

इन शहरों में चलेंगी 32 सीटर वातानुकूलित मिनी बस
लखनऊ के साथ कानपुर, बरेली, वाराणसी, मुरादाबाद व गोरखपुर में शहर के अंदर 32 सीटर वातानुकूलित मिनी बस चलाने के प्रस्ताव को हरी झंडी दी गई है। नगरीय परिवहन प्रणाली के सुदृढ़ीकरण के लिए नगर निगमो में 32 सीटर इलेक्ट्रिक बस ग्रास कास्ट कांट्रैकट मॉडल पर 14 शहरों में बसें चलाई जाएंगी। 11 शहरों में 600 बसें भारत सरकार के 45 लाख अनुदान के साथ चलेंगी। चार अन्य नगर निगमों में 100 अन्य इलेक्ट्रिक बसें चलेंगी। बड़े शहरों को 100, मध्यम दर्जे के शहरों को 50 और छोटे शहरों को 25 बसें पीपीपी मॉडल पर उपलब्ध होंगी, टेंडर प्रक्रिया जल्द शुरू होगी। सरकार का उद्देश्य इन बसों को संचालित कर प्रदूषण कम करने की कोशिश की जाएगी। हर शहर में इन बसों के लिए एक डिपो होगा, जहां चार्जिंग की सुविधा भी उपलब्ध होगी।

सभी मंडल मुख्यालय पर खुलेंगी यह प्रयोग शालाएं
अलीगढ़ में क्षेत्रीय विधि विज्ञान प्रयोगशाला के निर्माण के लिए राजकीय निर्माण निगम कार्यदायी संस्था होगी। सभी मंडल मुख्यालय पर यह प्रयोग शालाएं खुलेंगी। 100 डायल के लिए केंद्रीय कोआर्डिनेशन भवन के निर्माण प्रस्ताव को मंजूरी 125 -92 करोड़ लागत। बजट में आवश्यक स्वीकृतियों का प्रस्ताव, 714732.623 लाख रुपये की आवश्यक स्वीकृति। बुंदेलखंड में ग्राम विकास की योजनाओं हेतु कंसलटेंट का एप्रूवल,- सिचाई विभाग के लिए इससे मदद होगी। काशी विश्वनाथ मंदिर, विस्तारीकरण और सुदृढ़ीकरण हेतु क्षेत्र विकास के लिए 267 सम्पतियों के क्रय के लिए 318.67 करोड़ और जीएसटी की धनराशि दिए जाने का अनुमोदन। वित्त विभाग का एक सामान्य प्रस्ताव आरबीआई की योजना के तहत अब रिटेल इन्वेस्टर भी बांड खरीद स्केंगे,


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24.9.19

राम जन्मभूमि विवाद में आज की बहस के मुख्य अंश, मुस्लिम पक्षकारों ने माना कि राम चबूतरा श्री राम का जन्म स्थान है

नई दिल्ली

सुप्रीम कोर्ट में मंगलवार को अयोध्या केस की सुनवाई के दौरान मुस्लिम पक्ष ने माना कि 'राम चबूतरा' भगवान श्रीराम  का जन्मस्थान है. मुस्लिम पक्ष के वकील जफरयाब जिलानी और राजीव धवन दोनों ने स्वीकार किया कि भगवान राम अयोध्या में पैदा हुए, जफरयाब जिलानी ने कहा कि  'हमें यह मानने में कोई ऐतराज नहीं कि राम चबूतरा श्रीराम का जन्मस्थान है क्योंकि ऐसा तीन कोर्ट ने माना है.

ऑल इंडिया मुस्‍लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के वकील जफरयाब जिलानी ने 'आइने अकबरी' का जिक्र करते हुए कहा कि ये पुस्तक सभी वर्गों में लोकप्रिय थी. बावजूद इसके आइने अकबरी में भी 'जन्मस्थान' का कहीं जिक्र नहीं मिलता. जफरयाब जिलानी ने कहा कि रामायण और रामचरित मानस में राम जन्मस्थान का ज़िक्र नहीं है. इसपर जस्टिस बोबडे ने सवाल किया कि 'आईने अकबरी' सभी वर्गों में लोकप्रिय थी. इसमें बाबरी मस्जिद का ज़िक्र क्यों नहीं है?
जस्टिस चंद्रचूड़ - किसी ग्रन्थ में 'जन्मभूमि' का ज़िक्र नहीं होने का मतलब यह नहीं कि जन्मभूमि का अस्तित्व ही नहीं है! जस्टिस चन्दचूड़ ने जिलानी से सवाल किया कि सिर्फ इसलिए कि वाल्मिकी रामायण और रामचरितमानस में श्रीराम के जन्म के किसी 'खास जगह' का जिक्र नहीं है,  इतना भर से हिन्दू नहीं मान सकते कि अयोध्या में किसी  'खास जगह' पर श्रीराम ने अवतार लिया था

जिलानी ने जवाब दिया कि ऐसे कोई सबूत नहीं है कि 1949 में केंद्रीय गुम्बद में  पूजा होती रही हो. जस्टिस बोबडे का सवाल - आप ये मानते है कि जो रामचबूतरा 1885 के बाद अस्तित्व में आया, वह श्री राम का जन्मस्थान है. ज़फरयाब जिलानी- हमे ये मानने में कोई हर्ज नहीं . तीन कोर्ट इससे पहले ये बात कह चुके है. जस्टिस बोबड़े ने जिलानी से सीधा सवाल किया -  आपकी बात को माने तो इस बात को लेकर कोई विवाद नहीं है कि श्रीराम का जन्म अयोध्या में हुआ था? ज़फरयाब जिलानी- हमे ये मानने में कोई दिक्कत नहीं कि श्रीराम ने अयोध्या में जन्म लिया था. विवाद इस बात को लेकर है कि श्री राम का  जन्मस्थान मस्जिद के अंदर नहीं है. 

मुस्लिम पक्ष के वकील राजीव धवन इस मामले में केस दायर करने वाले सूट नंबर एक, यानि पक्षकार गोपाल सिंह विशारद की ओर से दायर अर्जी पर जवाब दे रहे हैं. धवन ने कहा- विशारद ने श्रीरामजन्मभूमि पर पूजा के व्यक्तिगत अधिकार का दावा करते हुए मुकदमा दायर किया था और उनकी मौत के बाद उनकी याचिका का कोई औचित्य नहीं रहा. मालूम हो कि 1950 में  पूजा का अधिकार हासिल करने के लिए निचली अदालत में केस दायर करने वाले पक्षकार गोपाल सिंह विशारद का 1986 में  देहांत हो चुका है, अब उनके बेटे राजेन्द्र सिंह पैरवी कर रहे हैं.

मुस्लिम पक्ष के वकील राजीव धवन ने कहा कि इस पर सवाल उठाया जा रहा है कि मुस्लिम वहां पर नामज़ पढ़ते थे, 22-23 दिसंबर की रात को जिस तरह से वहां मूर्ति को रखा गया, वह हिन्दू नियम के अनुसार सही नहीं है.
राजीव धवन ने कहा कि 40 गवाहों की गवाही को क्रोस इज़मीनेशन नहीं किया गया. गोपाल सिंह विशारद की याचिका में भी भगवान राम जन्मस्थान के बारे में नहीं बताया गया मस्जिद के बीच के गुम्बद के नीचे जन्मस्थान होने का दावा किया गया और पूजा के अधिकार की मांग की गई.

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UP कैबिनेट बैठक में हुए प्रमुख निर्णय

लख़नऊ

आज CM योगी आदित्यनाथ की अगुवाई में हुई कैबिनेट बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं निम्न मामलों में लगी कैबिनेट की मुहर

बैठक में 20 अहम प्रस्तावों पर मुहर लगी। मुख्यमंत्री व मंत्रियों के वेतन पर आयकर अदा किए जाने की 28 वर्ष पुरानी व्यवस्था समाप्त करने के लिए कानून में संशोधन व बेसिक शिक्षा विभाग में महानिदेशक का पद सृजित कर आईएएस अधिकारी की तैनाती करने सहित कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी। उत्तर प्रदेश दुकान एवं वाणिज्य अधिष्ठान अधिनियम 1962 की धारा 4 में संशोधन करने का प्रस्ताव पास हुआ है।

इन प्रस्तावों पर लगी मुहर
-उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय सैफई इटावा के संकाई सदस्यों गैर संकाई अधिकारियों एवं कर्मचारियों तथा रेजिडेंट डॉक्टर को संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान लखनऊ के सदस्य भत्ते प्रदान किए जाने के संबंध में प्रस्ताव पास।

-यूपी कैबिनेट ने दुकानों वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों के पंजीकरण के रिनीवल की व्यवस्था खत्म की। पहले हर पांच साल पर कराना होता था पंजीकरण। फीस 200₹ से बढ़ाकर 400₹ का फैसला लिया।
-जनपद जौनपुर में नव स्थापित मेडिकल कॉलेज को स्वशासी माध्यम से संचालन हेतु सोसाइटी गठन के संबंध में प्रस्ताव पास हुआ।

- उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय सैफई इटावा के संकाई सदस्यों गैर संकाई अधिकारियों एवं कर्मचारियों तथा रेजिडेंट डॉक्टर को संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान लखनऊ के सदस्य भत्ते प्रदान किए जाने के संबंध में प्रस्ताव पास हुआ।

- श्री अटल बिहारी बाजपेई चिकित्सा विश्वविद्यालय मेडिकल यूनिवर्सिटी लखनऊ के जनपद बलरामपुर स्थापना के अंतर्गत 302 का चिकित्सालय निर्माण कार्य में कुछ योग प्रविष्टियों के संबंध में केंद्र सहायक योजना इस्टैब्लिशमेंट ऑफ न्यू मेडिकल कॉलेज अटैक विद डिस्टिक, डिस्टिक रेफरल हॉस्पिटल के अंतर्गत जनपद कुशीनगर में राजकीय मेडिकल कॉलेज के स्थापना के लिए भूमि हस्तांतरण के संबंध में प्रस्ताव पास हुआ।

22.9.19

पढ़े ह्यूस्टन में PM मोदी व डोनाल्ड ट्रंप के HOWDY MODI कार्यक्रम के दौरान दोनों नेताओं के भाषण

Howdy Modi 

कार्यक्रम में दोनों नेताओं के पहुचने के बाद पहले  राष्ट्रपति ट्रम्प ने अपना स्वागत भाषण दिया, पढ़े उन के भाषण के मुख्य अंग

मैं भरोसेमंद दोस्त भारतीय पीएम मोदी को धन्यवाद कहता हूं। वह भारत के लिए काफी अच्छा काम कर रहे हैं। कुछ महीने पहले भारत में चुनाव हुए और लोगों ने पीएम मोदी और उनकी पार्टी के लिए मतदान किया। मैं उन्हें बधाई देता हूं, पीएम को जन्मदिन की भी बधाईः डॉनल्ड ट्रंप

अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने भारतीय समुदाय को धन्यवाद देते हुए कहा कि आप हमारी संस्कृति को समृद्ध बनाते हैं, आपने अमेरिका के लिए काफी योगदान दिया है। भारत और अमेरिका के बीच आज रिश्ते काफी प्रगाढ़ हो चुके हैं। मैं आपको भरोसा दिलाता हूं भारत के हित के लिए अब तक का सबसे अच्छा मित्र वाइट हाउस में हैंः डॉनल्ड ट्रंप

हमारे दोनों देशो के रिश्ते लोकतंत्र की बुनियाद पर खड़े हैं, कानून के हिसाब से दोनों देशों में शासन चलता है। दोनों देशों का संविधान 'वी द पीपल' जैसे 3 महान शब्दों के साथ शुरू होता है, पीएम मोदी, मैं आपके साथ दोनों देशों को और समृ्द्ध बनाने पर काम करना चाहता हूं, अमेरिका में भारतीय कंपनियां हजारों लोगों को रोजगार दे रही हैं। अमेरिका में अभूतपूर्व निवेश हो रहा है। भारत अमेरिका में अभूतपूर्व तरीके से निवेश कर रहा है, हम भी भारत में ऐसा ही कर रहे हैंः   ट्रंप

अगले साल एनबीए बास्केट बॉल खेल देखने के लिए हजारों लोगों मुंबई में जुटेंगे, क्या पीएम साहब मैं आमंत्रित हूं? अगर आप बुलाएंगे तो मैं आ सकता हूं, अंतरिक्ष में सहयोग बढ़ाने पर हम काम कर रहे हैं। दोनों देश रक्षा सहयोग भी बढ़ा रहे हैं, दोनों देशों की सेना ने हाल ही में साथ में अभ्यास किया। *चरमपंथी इस्लामिक आंतकवाद से निर्दोष लोगों को हम साथ मिलकर बचाएंगेः* ट्रंप

सीमा की सुरक्षा अमेरिका के लिए महत्वपूर्ण है और भारत के लिए भी सीमा का सुरक्षा महत्वपूर्ण है। अवैध प्रवासी एक खतरा हैं, अब मैं आप सभी से आग्रह करता हूं कि विश्व के एक भरोसेमंद और प्रभावशाली नेता नरेंद्र मोदी आएं और अपना अनुभव हमारे साथ साझा करें-ट्रम्प

इसके बाद PM मोदी ने दुनिया को विस्मृत कर देने वाला अपना भाषण दिया देखे क्या बोले pm
Howdy Modi कार्यक्रम में PM मोदी का सम्बोधन-

यह दृश्य अकल्पनीय है, राष्ट्रपति ट्रंप का धन्यवाद। इस अपार जनसमूह की उपस्थिति केवल संख्या तक सीमित नहीं है। आज हम एक नई हिस्ट्री बनते देखे रहे हैं, और एक नई केमिस्ट्री भी देख रहे हैंः  पीएम मोदी
यहां के प्रशासन का धन्यवाद, जिसने मौसम में अचानक आए परिवर्तन के बाद स्थिति को संभाला। मोदी अकेले कुछ नहीं है, मैं 130 करोड़ भारतीयों के आदेश पर काम करने वाला शख्स हूंः पीएम मोदी

सदियों से हमारे देश में सैकड़ों भाषाएं, सैकड़ों बोलियां, सह अस्तित्व की भावना के साथ आगे बढ़ रही हैं और आज भी करोड़ों लोगों की मातृभाषा बनी हुई हैं: पीएम मोदी
हम किसी देश से मुकाबला नहीं, बल्कि खुद से मुकाबला कर रहे हैं। आज भारत पहले से कहीं ज्यादा तेजी से बढ़ना चाहता है। भारत उनकी सोच को बदल रहा है जिन्हें लगता है कि कुछ बदल ही नहीं सकता। हम बड़ा लक्ष्य रख रहे हैं और बड़ा हासिल कर रहे हैंः पीएम मोदी

हमारे यहां इज ऑफ डुइंग बिजनस का जितना महत्व है और उतना ही इज ऑफ लिव का भी है, उसका रास्ता सशक्तिकरण है। जब सामान्य व्यक्ति सशक्त होगा, तो देश का सामाजिक आर्थिक विकास आसानी से होगाः पीएम मोदी
आज भारत में वन जीबी डेटा की कीमत एक डॉलर का चौथाई हिस्सा है। एक जीबी डेटा की विश्व में औसत कीमत 25 से 30 गुना ज्यादा है। सस्ता डेटा भारत में डिजिटल इंडिया की मजबूती की पहचान बन रहा हैः पीएम मोदी
पहले वीजा को लेकर काफी दिक्कतें थीं, आप प्रवासी भारतीय ज्यादा जानते हैं, लेकिन आज यूएस भारत के ई-वीजा सुविधा के सबसे बड़े यूजर्स में से हैः पीएम मोदी

पहले कंपनी रजिस्टर करने में 2-3 हफ्ते लग जाते थे, अब 24 घंटे में ही रजिस्ट्रेशन हो जाता है। पहले टैक्स रिफंड आने में महीनों लग जाते थे। इस बार 31 अगस्त को एक दिन में करीब 50 लाख लोगों ने अपना आईटीआई ऑनलाइन भरा हैः पीएम मोदी

भारत ने आर्टिकल 370 को फेयरवेल दे दिया है। आर्टिकल 370 ने जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के लोगों को विकास से और समान अधिकारों से वंचित रखा था। इस स्थिति का लाभ आतंकवाद और अलगाववाद बढ़ाने वाली ताकतें उठा रही थीः पीएम मोदी
*डॉनल्ड ट्रंप की मौजूदगी में मोदी का पाकिस्तान पर निशाना, 'भारत अपने यहां जो कर रहा है, उससे कुछ ऐसे लोगों को भी दिक्कत हो रही है जिनसे खुद अपना देश नहीं संभल रहा है। इन लोगों ने भारत के प्रति नफरत को ही अपनी राजनीतिक का केंद्र बना लिया है।*

अमेरिका में 9/11 हो या मुंबई में 26/11 हो, उसके साजिशकर्ता कहां पाए जाते हैं? साथियों अब समय आ गया है कि आतंकवाद के खिलाफ और आतंकवाद को बढ़ावा देने वालों के खिलाफ निर्णायक लड़ाई लड़ी जाएः पीएम मोदी
आने वाले दो-तीन दिनों में मेरी राष्ट्रपति ट्रंप से बात होने वाली है। मैं उम्मीद कर रहा हूं कि उसके अच्छे नतीजे आएंगेः पीएम मोदी

ट्रंप मुझे टफ निगोशिएटर कहते हैं, लेकिन वह खुद 'आर्ट ऑफ द डील' के मास्टर हैं,  मैं उनसे बहुत कुछ सीख रहा हूं पीएम मोदी
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ह्यूस्टन में PM मोदी की ऐतिहासिक रैली के बारे में जाने पूरा कार्यक्रम, भारतीय समयानुसार रात्रि 10 बजे से शुरू होगा भाषण

HOWDY MODI 

अमेरिका के ह्यूस्टन में PM मोदी एक बड़ी रैली को संबोधित करने वाले है जहाँ वह लगभग 50 हजार लोगों की संख्या में भारतीयों व अमेरिकी नागरिकों को संबोधित करेंगे मंच पर राष्ट्रपति ट्रम्प भी उपलब्ध रहेंगे, इस कार्यक्रम को होवडी मोदी कहा जा रहा है, LogicalNews इस कार्यक्रम को कवर कर रहा है 

भारतीय समयानुसार PM का पूरा कार्यक्रम यहाँ है।
शाम के 4.30PM बजे NRG स्टेडियम के गेट खोल दिए जाएंगे। रात के नौ बजे यहां सांस्कृति कार्यक्रम होगा। इसके बाद पहले ट्रंप और फिर मोदी लोगों को संबोधित करेंगे। वहीं रात के साढ़े 12 बजे कार्यक्रम खत्म हो जाएगा।

10:15 बजे NRG स्टेडियम में भारतीय समुदाय को संबोधित करेंगे

13:00 बजे NRG स्टेडियम में चुने हुए प्रतिनिधियों के साथ रात्रिभोज करेंगे        
14;30 बजे एनआरजी स्टेडियम में सामुदायिक रिसेप्शन होगा। जिसमें वह गांधी संग्रहालय का शिलान्यास करते हुए नींव का पहला पत्थर रखेंगे। वह ह्यूस्टन में गुजराती समाज के कार्यक्रम स्थल और श्री सिद्धि विनायक मंदिर का शिलान्यास करते हुए नींव का पहला पत्थर रखेंगे
16;30 बजे न्यूयॉर्क के लिए विमान में बैठेंगे
21;15 बजे न्यूयॉर्क के जेकेएफ अतंरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतरेंगे

वहीं उनके अमेरिकी दौरे के सात दिनों का ये है कार्यक्रम
21 सितंबरः पीएम मोदी जॉर्ज बुश इंटरनेशनल एयरपोर्ट ह्यूस्टन पहुंचेंगे।

22 सितंबरः पीएम मोदी तेल कंपनियों के सीईओ से मिलेंगे। इसके बाद वह पीआईओ और एनआरआई के साथ मुलाकात करेंगे।

23 सितंबरः वीएम मोदी क्लाइमेट समिट को संबोधित करेंगे। वह आतंकवाद के मसले पर कई देशों के नेताओं से मिलेंगे। इसके बाद वह अमेरिकी कांग्रेस के प्रतिनिधियों से मुलाकात करेंगे।

24 सितंबरः यूएनएसजी की ओर से लंच में हिस्सा लेंगे। इसके बाद वह महात्मा गांधी की 150वी वर्षगांठ पर आयोजित कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे। पीएम मोदी को गेट्स फाउंडेशन की ओर से ग्लोबल गोलकीपर अवार्ड से सम्मानित किया जाएगा। साथ ही पीएम मोदी ब्लूमबर्ग के सीईओ से भी मुलाकात करेंगे।

25 सितंबरः पीएम मोदी कैरिकोम की बैठक में हिस्सा लेंगे, जहां डोनाल्ड ट्रंप समेत 20 नेताओं से मुलाकात और बातचीत होने की संभावना जताई जा रही है।

27 सितंबर: अमेरिकी दौरे के अंतिम दिन पीएम मोदी यूएनजीए सेशन को संबोधित करेंगे।
अपने अमेरिका दौरे के लिए रवाना होने से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत और अमेरिका के संबंध और मजबूत होने की बात कही। एक ट्वीट में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि उन्हें अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात का बेसब्री से इंतजार है।

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30.7.19

उत्तर प्रदेश सरकार ने बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए प्रमुख सचिव गृह सहित 26 IAS अधिकारियों के तबादले किए

लख़नऊ

प्रदेश सरकार ने मंगलवार देर रात 26 आईएएस व एक पीसीएस अधिकारी का तबादला कर दिया। पिछले तीन महीने से रिक्त कृषि उत्पादन आयुक्त के पद पर वरिष्ठ आईएएस अधिकारी राजेंद्र कुमार तिवारी की तैनाती की गई है। अपर मुख्य सचिव नियोजन दीपक त्रिवेदी को राजस्व परिषद का नया चेयरमैन बनाया गया है। वह बुधवार को रिटायर हो रहे प्रवीर कुमार का स्थान लेंगे। 

चिकित्सा व स्वास्थ्य के नए प्रमुख सचिव दीपक कुमार
शासन ने केंद्रीय प्रतिनियुक्ति से लौटकर लंबे समय से तैनाती की प्रतीक्षा कर रहे दीपक कुमार को प्रमुख सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य बनाया है। मौजूदा प्रमुख सचिव चिकित्सा स्वास्थ्य प्रशांत त्रिवेदी ने अपने स्वास्थ्य के मद्देनजर सरकार से अपेक्षाकृत कम व्यस्तता वाले विभाग में तैनाती का आग्रह किया था। सरकार ने त्रिवेदी को आयुष विभाग का प्रमुख सचिव बना दिया है।

सरकार केपास फीडबैक था कि श्रमायुक्त अनिल कुमार कानपुर नियमित रुकने की जगह लखनऊ से अधिक आ जा रहे हैं। सरकार ने उन्हें श्रमायुक्त जैसे अहम पद से मुक्त कर होमगार्ड विभाग का प्रमुख सचिव बना दिया है। प्रमुख सचिव पशुधन सुधीर एम. बोबडे को श्रमायुक्त की जिम्मेदारी दी गई है। प्रमुख सचिव पशुधन सहित बोबड़े द्वारा देखी जा रही सभी जिम्मेदारी केंद्रीय प्रतिनियुक्ति से लौटे बाबूलाल मीना को सौंप दी गई है।

सरकार ने आराधना शुक्ला से परिवहन विभाग की जिम्मेदारी ले ली है। वह सपा शासनकाल से ही परिवहन विभाग में तैनात थीं। मुख्य सचिव की प्रमुख स्टाफ ऑफिसर कामिनी चौहान रतन को सचिव ग्राम्य विकास की जिम्मेदारी से मुक्त कर दिया गया है। अब उन्हें मुख्य सचिव के प्रमुख स्टाफ ऑफिसर के पद पर नियमित तैनाती दे दी गई है। 

उत्तर प्रदेश के सर्वाधिक योग्य अधिकारियों में से एक नवनीत सहगल जी की वापसी
योगी सरकार आने के बाद से ही कम महत्व वाले विभागों में कार्यरत वरिष्ठ आईएएस अधिकारी नवनीत सहगल को दी गई नई जिम्मेदारी मुख्य धारा की ओर वापसी का संकेत माना जा रहा है। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने दूसरी ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी में निवेश परियोजनाओं का शिलान्यास करते हुए एक जिला-एक उत्पाद योजना (ओडीओपी) को प्रदेश का सबसे अधिक महत्व वाला काम बताया था साथ ही सहगल जी की तारीफ भी की थी, सरकार ने इस कार्यक्रम के बाद पहले तबादले में ही सहगल को वर्तमान पद के साथ सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग का भी प्रमुख सचिव बना दिया।

इसके अलावा पर्यटन सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता से जुड़े विभागों में शामिल है। तमाम हल्के विभागों की जिम्मेदारी देख रहे जितेंद्र कुमार को पर्यटन विभाग के  प्रमुख सचिव के साथ महानिदेशक की भी अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंप दी गई है।

सचिव मुख्यमंत्री पद पर किसी की नियुक्ति नही।
समाज कल्याण आयुक्त का पद पिछले एक महीने से खाली है। इसके अलावा सचिव मुख्यमंत्री के दो पद हैं। एक सचिव मनीष चौहान को गन्ना आयुक्त के पद पर कई दिन पहले स्थानांतरित किया जा चुका है। इसके अलावा सचिव मृत्युंजय कुमार नारायण की केंद्र में तैनाती हो चुकी है। इसी सप्ताह उनका यहां से कार्यमुक्त होना तय माना जा रहा है। इसके अलावा डीजी प्रशिक्षण व डीजी उपाम के पद बुधवार को रिक्त हो रहे हैं। इन पदों पर किसी की तैनाती नहीं की जा सकी है। कई अन्य पद अभी रिक्त चल रहे हैं।

कानून व्यवस्था पर घिरती सरकार ने डैमेज कंट्रोल में हटाया ग्रह सचिव,
प्रदेश सरकार ने उन्नाव रेप पीड़िता के साथ सड़क दुर्घटना से जुड़ी घटना से हो रहे सियासी नुकसान के डैमेज कंट्रोल की कवायद के बीच प्रमुख सचिव गृह अरविंद कुमार को हटा दिया है। अपर मुख्य सचिव सूचना अवनीश कुमार अवस्थी को गृह, गोपन, बीजा पासपोर्ट, कारागार प्रशासन एवं सुधार तथा सतर्कता विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई है। अवस्थी केपास सूचना विभाग व यूपीडा का प्रभार अतिरिक्त रूप से रहेगा। अरविंद कुमार को प्रमुख सचिव परिवहन बनाया गया है।

लंबे अर्से से प्रमुख सचिव अरविंद व डीजीपी ओपी सिंह के बीच ठीक से समन्वय न होने की बात सियासी गलियारे में चर्चा का विषय बनी हुई थी। कहा जा रहा था कि सरकार पुलिस महानिदेशक ओपी सिंह को अधिक तवज्जो दे रही है। शासन स्तर की उच्चस्तरीय बैठकों तक में प्रमुख सचिव की जगह डीजीपी को महत्व दिया जा रहा है। पुलिस महकमे में काफी दिनों से यह दावे किए जा रहे थे कि शासन स्तर पर गृह विभाग में कभी भी बदलाव हो सकता है।
मंगलवार को सरकार ने इन अटकलों को मूर्तरूप दे दिया। अवनीश अवस्थी मुख्यमंत्री के पसंद वाले अफसरों में शामिल हैं। योगी सरकार में शुरू से ही उनके पास सूचना जैसा अहम विभाग और एक्सप्रेस-वे जैसे कार्य से जुड़ी संस्था यूपीडा की जिम्मेदारी बनी हुई है। गृह विभाग की जिम्मेदारी दिए जाने के बावजूद पर्यटन छोड़ उनकेपास पूर्व की सभी जिम्मेदारियां बनाए रखी गई हैं, आशा है कि DGP के साथ अब ग्रह विभाग का समन्वय रह सकेगा।

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14.7.19

चंद्रयान-2 का आज होगा प्रक्षेपण, जानिये भारत के इस महत्वकांक्षी प्रोजेक्ट के बारे में जिसकी तैयारी हो रही 2008 से

 मुंबई
आज रात रवाना होगा भारत का महत्वाकांक्षी चंद्रयान 2 मिशन, ISRO पूरी तरह भारतीय तकनीक से चंद्र सतह पर सॉफ्ट लैडिंग करवाने जा रहा है। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान केंद्र (इसरो) का चंद्रयान-2 मिशन 15 जुलाई को तड़के 2 बजकर 51 मिनट पर श्रीहरिकोटा के सतीश धवन सेंटर से लॉन्च होगा। इसके 6 सितंबर को चांद की सतह पर उतरने का अनुमान है। 

ISRO ने इस बारे में LOGICAL NEWS को जो जानकारी दी है आइए उसका विश्लेषण करते है - इससे पहले भी इसरो ने चंद्रयान 1 में चंद्रमा पर मून इंपैक्ट प्रोब (MIP) उतारा था, लेकिन इसे उतारने के लिए नियंत्रित ढंग से चंद्रमा पर क्रैश करवाया गया था। इस बार हम विक्रम (लैंडर) और उसमें मौजूद प्रज्ञान (छह पहिये का रोवर) चंद्रमा की सतह पर सॉफ्ट लैंडिंग करवाएंगे।

चंद्रयान 2 की खास बातें-
    चंद्रयान-1 का वजन 1380 किलो था, चंद्रयान-2 का वजन 3877 किलोग्राम रहेगा
    चंद्रयान-2 के 4 हिस्से, पहला- जीएसएलवी मार्क-3, भारत का बाहुबली रॉकेट कहा जाता है, पृथ्वी की कक्षा तक जाएगा
    दूसरा- ऑर्बिटर, जो चंद्रमा की कक्षा में सालभर चक्कर लगाएगा
    तीसरा- लैंडर विक्त्रस्म, जो ऑर्बिटर से अलग होकर चांद की सतह पर उतरेगा
    चौथा- रोवर प्रज्ञान, 6 पहियों वाला यह रोबोट लैंडर से बाहर निकलेगा और 14 दिन चांद की सतह पर चलेगा

कैसे काम करेगा चंद्रयान-2
जियोसिंक्रोनस लॉन्च व्हीकल मार्क 3 भारत में अब तक बना सबसे शक्तिशाली रॉकेट है। यही चंद्रयान 2 को चंद्रमा की कक्षा तक ले जाएगा। इसे बाहुबली नाम दिया गया है क्योंकि इसमें चार हजार किलो वजनी उपग्रह व उपकरणों को अंतरिक्ष में ले जाने की क्षमता है। इससे दोगुना वजन यह पृथ्वी की निचली कक्षा में 600 किमी ऊंचाई पर ले जा सकता है। 43.43 मीटर ऊंचा यह लॉन्चर चंद्रयान को तीन चरण में अपने क्रायोजेनिक इंजन और दो बूस्टरों की मदद से चंद्रमा तक ले जाएगा।

ऑर्बिटर : एक वर्ष की परिक्रमा
चंद्रमा की कक्षा में ऑर्बिटर एक वर्ष परिक्रमा करेगा। यह 2,379 किलो वजनी है और सूर्य की किरणों से हजार वॉट बिजली पैदा कर सकता है। चंद्रमा पर अपने अध्ययन और विभिन्न उपकरणों द्वारा भेजी गई सूचनाओं को ऑर्बिटर बंगलूरु में मौजूद इंडियन डीप स्पेस नेटवर्क (आईडीएसएन) में भेजेगा।

लैंडर विक्रम :  जिसका एक दिन का काम हमारे 14 के बराबर
लैंडर विक्रम को यह नाम भारतीय खगोल कार्यक्रम के पितामह कहे जाने वाले डॉ. विक्त्रस्म साराभाई पर मिला है। यह पूरे एक चंद्र दिवस काम करेगा, जो हमारे 14 दिन के बराबर हैं। इसमें भी आईडीएसएन से सीधे संपर्क करने की क्षमता है। और ऑर्बिटर और रोवर दोनों को भी सीधे सूचनाएं भेजेगा।

रोवर - प्रज्ञान करेगा चंद्रमा पर 500 मीटर सैर
प्रज्ञान यानी बुद्धिमत्ता, चंद्रयान का चंद्रमा पर उतरने जा रहा यह 27 किलो का रोवर मौके पर ही प्रयोग करेगा। इसमें 500 मीटर तक चलने की क्षमता है। इसके लिए यह सौर ऊर्जा का उपयोग करेगा। 27 किलो का यह रोवर 50 वॉट बिजली पैदा करेगा, जिसका उपयोग चंद्रमा पर मिले तत्वों का एक्सरे और लेजर से विश्लेषण करेगा।
लैंडर चंद्रमा पर भूकंप की जांच करेगा- लैंडर जहां उतरेगा उसी जगह पर यह जांचेगा कि चांद पर भूकंप आते है या नहीं। वहां तापमान और चंद्रमा का घनत्व कितना है। रोवर चांद के सतह की रासायनिक जांच करेगा।

15 मिनट है सबसे महत्वपूर्ण- इस मिशन का सबसे कठिन हिस्सा है चंद्रमा की सतह पर सफल और सुरक्षित लैंडिंग कराना। चंद्रयान-2 चंद्रमा की सतह से 30 किमी की ऊंचाई से नीचे आएगा। उसे चंद्रमा की सतह पर आने में करीब 15 मिनट लगेंगे।
यह 15 मिनट इसरो के लिए जीवन-मरण का प्रश्न होगा, क्योंकि मिशन की कामयाबी इसी 15 मिनट पर टिकी होगी। लॉन्च के बाद अगले 16 दिनों में चंद्रयान-2 पृथ्वी के चारों तरफ 5 बार कक्षा बदलेगा। इसके बाद 6 सितंबर को चंद्रयान-2 की चांद के दक्षिणी ध्र्रुव के पास लैंडिंग होगी।
इसके बाद रोवर को लैंडर से बाहर निकलने 4 घंटे लगेंगे। इसके बाद, रोवर 1 सेंटीमीटर प्रति सेकंड की गति से करीब 15 से 20 दिनों तक चांद की सतह से डाटा जमा करके लैंडर के जरिए ऑर्बिटर तक पहुंचाता रहेगा। ऑर्बिटर फिर उस डाटा को इसरो को भेजेगा। 

चंद्रयान- 2 मिशन टाइम लाइन,
    18 सितंबर 2008 :  तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने चंद्रयान 2 मिशन को सहमति दी, योजना शुरू हुई
    9 जुलाई से 16 जुलाई 2019 के बीच मिशन को लॉन्च करने का निर्णय हुआ
    15 जुलाई सुबह 2.51 बजे की तारीख तय हुई, इसे श्रीहरिकोटा से लॉन्च किया जाएगा
    6 सितंबर 2019 : लैंडर विक्रम और रोवर प्रज्ञान चंद्रमा के दक्षिण ध्रुव पर उतरेंगे
    रोवर प्रज्ञान चंद्रमा की सतह पर चलेगा और परीक्षण करेगा
    एक चंद्र दिवस यानी 14 दिन तक यहां वैज्ञानिक परीक्षण किए जाएंगे
    एक वर्ष तक चंद्रयान 2 चंद्रमा की परिक्रमा करते हुए विभिन्न प्रयोग करेगा और डाटा जुटाता रहेगा

क्या हैं राह में मुश्किलें
चंद्रमा की सतह पर उतरना किसी विमान के उतरने जैसा कतई नहीं है। श्रीहरिकोटा से 15 जुलाई को जीएसएलवी-एमके 3 रॉकेट से प्रक्षेपित होने के बाद यान का एक हिस्सा लैंडर विक्रम 6 सितंबर को चंद्रमा की सतह पर उतरेगा। मगर इस दौरान कई तरह की चुनौतियां आएंगी।....

सटीक रास्ते पर ले जाना
लॉन्च के समय धरती से चांद की दूरी करीब 3. 844 लाख किमी होगी। इतने लंबे सफर के लिए सबसे जरूरी सही मार्ग (ट्रैजेक्टरी) का चुनाव करना, क्योंकि सही ट्रैजेक्टरी से चंद्रयान-2 को धरती, चांद और रास्ते में आने वाली अन्य वस्तुओं की ग्रैविटी, सौर विकिरण और चांद के घूमने की गति का कम असर पड़ेगा।

गहरे अंतरिक्ष में संचार
धरती से ज्यादा दूरी होने की वजह से रेडियो सिग्नल देरी से पहुंचेंगे। देरी से जवाब मिलेगा। साथ ही अंतरिक्ष में होने वाली आवाज भी संचार में बाधा पहुचांएंगे।

चांद की कक्षा में पहुंचना
चंद्रयान-2 को चांद की कक्षा में पहुंचाना आसान नहीं होगा। लगातार बदलती कक्षीय गतिविधियों की वजह से चंद्रयान-2 को चांद की कक्षा में पहुंचाने के लिए ज्यादा सटीकता की जरूरत होगी। इसमें काफी ईंधन खर्च होगा। सही कक्षा में पहुंचने पर ही तय जगह पर लैंडिंग हो पाएगी।

चांद की कक्षा में घूमना
चंद्रयान-2 के लिए चांद के चारों तरफ चक्कर लगाना भी आसान नहीं होगा। इसका बड़ा कारण है चांद के चारों तरफ ग्रैविटी एकजैसी नहीं है। इससे चंद्रयान-2 के इलेक्ट्रॉनिक्स पर असर पड़ता है, इसलिए, चांद की ग्रैविटी और वातावरण की भी बारीकी से गणना करनी होगी।

चंद्रमा पर सहज लैंडिंग
चंद्रमा पर चंद्रयान-2 को रोवर और लैंडर की सहज लैंडिंग सबसे बड़ी चुनौती है। चांद की कक्षा से दक्षिणी ध्रुव पर रोवर और लैंडर को आराम से उतारने के लिए प्रोपल्शन सिस्टम और ऑनबोर्ड कंप्यूटर का काम मुख्य होगा। ये सभी काम खुद-ब-खुद होंगे।

चंद्रमा की धूल और बवंडर
चांद की सतह पर ढेरों गड्ढे, पत्थर और धूल है। जैसे ही लैंडर चांद की सतह पर अपना प्रोपल्शन सिस्टम ऑन करेगा, वहां तेजी से धूल उड़ेगी। धूल उड़कर लैंडर के सोलर पैनल पर जमा हो सकती है, इससे बिजली आपूर्ति बाधित हो सकती है। ऑनबोर्ड कंप्यूटर के सेंसरों पर भी असर पड़ सकता है।

बदलता तापमान चांद का एक दिन या रात धरती के 14 दिन के बराबर होती है। इसकी वजह से चांद की सतह पर तापमान तेजी से बदलता है। इससे लैंडर और रोवर के काम में बाधा आएगी।
इसरो चेयरमैन के सिवन ने बताया कि चंद्रयान 2 के बाद भारत 2021 के गगनयान प्रोजेक्ट पर ध्यान केंद्रित करेगा। यह मानव मिशन होगा। इसकी तैयारी के तहत दिसंबर 2020 और जुलाई 2021 में मानवरहित मिशन अंतरिक्ष में भेजे जाएंगे। इसके बाद दिसंबर 2021 में मानव अंतरिक्ष में भेजे जाएंगे। इन अंतरिक्ष यात्रियों के चयन की प्रक्रिया जारी है।
एक हजार करोड़ का मिशन, बारिश में भी प्रक्षेपण

भगवान वेंकटेश की पूजा में तिरुमाला पहुंचे सिवन ने बताया कि चंद्रयान 2 प्रक्षेपण के लिए तैयार है। इस पर करीब एक हजार करोड़ की लागत आई है। बारिश से मिशन की रवानगी को खतरा नहीं है क्योंकि जीएसएलवी मार्क3 पर बारिश में भी सुरक्षित रहेगा।

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12.7.19

उत्तर प्रदेश में 26 IAS अधिकारियों के तबादले, 9 जिलों के DM बदले


लखनऊ.

UP सरकार ने 12 जुलाई की देर शाम बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया, यूपी के 26 IAS अफसरों के तबादले किए गए हैं, जिसमें अमेठी , महोबा, गाजियाबाद, मुजफ्फरनगर समेत 9 जिलों के जिलाधिकारी भी बदले गए हैं। अमेठी की नए डीेएम अब प्रशांत शर्मा होंगे। डीएम गाजियाबाद ऋतु महेश्वरी को नोएडा की CEO बनाया गया।

पूरी सूची देखे

रितु माहश्वरी - CEO, नोएडा अथॉरिटी
माला श्रीवास्तव- जिलाधिकारी, बस्ती
इंद्र विक्रम सिंह- जिलाधिकारी, शाहजहांपुर
शकुंतला गौतम- जिलाधिकारी, बागपत
अवधेश कुमार तिवारी- जिलाधिकारी, महोबा
प्रशांत शर्मा- जिलाधिकारी, अमेठी
अजय शंकर पाण्डेय- जिलाधिकारी, गाजियाबाद
सेल्वा कुमार जे- जिलाधिकारी, मुजफ्फरनगर
सुखलाल भारती- जिलाधिकारी, एटा
रमाकां पाण्डेय- जिलाधिकारी, बिजनौर
अमृत त्रिपाठी- विशेष सचिव, वित्त विभाग, यूपी शासन
ईश्वरी प्रसाद पाण्डेय - विशेष सचिव, आबकारी विभाग, यूपी शासन
राम मनोहर मिश्र- विशेष सचिव, ग्राम्य विकास विभाग, यूपी शासन
सहदेव- विशेष सचिव, कृषि उत्पादन आयुक्त शाखा, यूपी शासन
पवन कुमार- विशेष सचिव, आवास एवं शहरी नियोजन विभाग, यूपी शासन
सुजीत कुमार - मुख्य कार्यपालक अधिकारी, यूपी ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण, लखनऊ
जितेंद्र प्रताप सिंह- निदेशक, राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद, लखनऊ
राज शेखर- प्रबंध निदेशक, यूपी राज्य सड़क परिवहन निगम, लखनऊ
धीरज साहू- एमडी रोडवेज का काम हटा
रमेश कुमार- सचिव, उच्च शिक्षा एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग, यूपी शासन
आभा गुप्ता- विशेष सचिव, अल्पसंख्यक कल्याण विभाग, यूपी शासन
शेषनाथ- प्रबंध निदेशक, यूपी एग्रो, लखनऊ
चन्द्र भूषण- विशोष सचिव, लोक निर्माण विभाग, यूपी शासन
कुणाल सिलकू- मिशन निदेशक, कौशल विकास, मिशन एवं निदेशक, प्रशिक्षण एवं सेवायोजन, यूपी
संतोष कुमार राय - वेटिंग में डाला गया है
आलोक टंडन से नोेएडा सीईओ का काम हटा

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11.7.19

देवशयनी एकादशी आज, भगवान विष्णु जाएंगे योगनिद्रा में शुरू होगा चातुर्मास जाने महत्व

लख़नऊ

देवशयनी एकादशी 12 जुलाई को है,12 जुलाई को एकादशी शुरू होने के बाद आगले 4 महीनों तक किसी तरह के मांगलिक कार्य नहीं हो सकेंगे. दिवयशयनी एकादशी के दिन से ही चतुर्मास शुरू हो जाएगा. हिन्दू धर्म के अनुसार इन चार महीनों के लिए भगवान विष्णु योग निद्रा में चले जाते हैं. 

वैष्णों साधकों में देव शयनी एकादशी का बहुत महत्व है, आपको बता दें कि ब्रह्माण्ड के पालन पोषण का काम करने वाले भगवान श्री हरि विष्णु के सो जाने के बाद इन 4 महीनों में पालन की जिम्मेदारी भी भगवान शिव के पास ही रहती है देवशयनी एकादशी  को अन्य नाम पद्मनाभ एकादशी, आषाढ़ शुक्ल एकादशी और प्रबोधनी एकादशी से भी जाना जाता है

इन चार महीनों में किसी भी तरह के मांगलिक कार्यों जैसे शादी, मुंडन, जनेऊ, तिलक आदि कार्यों पर रोक लग जाती है. इन चार महीनों में अगर व्यक्ति भगवान की पूजा-पाठ, कथा, साधना करता है तो उसे अलग ही सकारात्मक ऊर्जा का आभास होता है, इस दौरान दोनों शुभ ग्रह शुक्र व बृहस्पति भी प्रमुदित अवस्था में नही रहते है।

हिन्दू ग्रंथों में दी गई जानकारी के अनुसार इन चार महीनों (इस बार 12 जुलाई से 8 नवंबर तक) में भगवान क्षीर सागर में शेष-शय्या पर शयन करते हैं. भगवान विष्णु इस दौरान योग निद्रा में रहते हैं, जिस वजह से किसी भी तरह के मांगलिक कार्यों को नहीं किया जाता है. घर में शादी, उपनयन संस्कार,गृह प्रवेश, कर्ण भेदन, मुंडन जैसे मांगलिक कार्य नहीं किए जाते हैं. मांगलिक कार्य नहीं करने का एक कारण और भी है कि इन चार महीनों में गुरु और शुक्र तारा भी अस्त रहता है, जिससे मांगलिक कार्य नहीं करने चाहिए. देवशयनी एकादशी के बाद 8 नवंबर को देव प्रबोधिनी एकादशी मनाई जाएगी और 8 नवंबर से फिर से लोग मांगलिक कार्यों को करना शुरू कर सकेंगे.

हालांकि देवशयनी एकादशी शुरू होने से पहले यानी कि 11 जुलाई तक मांगलिक कार्य करने के लिए चार मुहूर्त हैं. घर में शादी के लिए 8, 10 और 11 जुलाई का मुहूर्त शुभ है. लेकिन चार महीने बाद यानी कि 8 नवंबर को देवउठानी एकादशी से सभी मांगलिक कार्य शुरू हो जाएंगे. इनमें से 19, 20, 21, 22, 23, और 30 नवंबर का मुहूर्त विवाह के लिए शुभ बताया गया है. वहीं दिसंबर महीने में विवाह के लिए शुभ मुहूर्त 11 दिसंबर है.

क्या है देवशयनी एकादशी का महत्व
देवशयनी एकादशी के दिन भगवान विष्णु के लिए व्रत रखा जाता है. एकादशी पर विष्णु के साथ ही देवी लक्ष्मी की भी पूजा करनी चाहिए.देवशयनी एकादशी से भगवान चार माह के लिए विश्राम करते हैं. इस दौरान चार माह तक मांगलिक और वैवाहिक कार्यक्रमों पर रोक लग जाती है. हालांकि लोग मांगलिक कार्यों की तैयारी और खरीदारी इन दिनों में कर सकते हैं. स्कंद पुराण के एक अध्याय के मुताबिक भगवान श्रीकृष्ण ने युधिष्ठिर को साल भर के सभी एकादशियों का महत्व बताया है.

सूर्यवंशी राजा मान्धाता के राज्य में 3 वर्ष तक वर्षा न होने पर उन्होंने ऋषि अंगिरा के आज्ञानुसार अपने मंत्रियों सहित देवशयनी एकादशी का व्रत किया था जिसके फलस्वरूप उनके राज्य में वर्षा हुई व आकाल समाप्त हुआ था इस एकादशी का महत्त्व पुराणों में विदित है।

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28.6.19

Big news from G20, India and US may settle tarrif issues

A big and good news may come form G20 summit,which can set A-side the upcoming trade war between India and US.

President Trump has hinted that Washington and New Delhi may settle their trade dispute. It comes as the two countries have already hit each other with tit-for-tat tariffs and the US ended trade privileges for India. 

“I think we’re going to have some very big things to announce. Very big trade deal,” Trump said, as cited by the media at the beginning of talks with Indian Prime Minister Narendra Modi on Friday. He did not elaborate on the matter, just adding that “big things” are coming in terms of trade and manufacturing.

The two leaders are taking part in the G20 meeting in Osaka, Japan. Later in the day, Trump and Modi asked officials to restart trade talks to resolve tariffs issues, according to Indian Foreign Secretary Vijay Gokhale.

The Trump-Modi meeting comes shortly after the US president hit out at New Delhi’s retaliatory tariffs targeting key US exports to India, including almonds, walnuts, apples, as well as some metal and chemical products. The move was postponed several times while India was hoping for progress in trade talks.

India’s tariff hikes came after the Trump administration removed trade benefits India enjoyed under the Generalized System of Preferences (GSP) program. Around $5.6 billion-worth annually of Indian products, including textiles, leather, gems, and jewelry, used to have duty-free access to the US market under the program.

While India was only threatening to respond to the unfriendly trade policies, it said that the duties are equivalent to Washington’s own increase in tariffs on Indian products. Last March, Washington hit all imported steel and aluminum with 25 and 10 percent tariffs. India, which is one of the largest steel producers in the world, was granted no exemption from the measure.

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उत्तर प्रदेश में 15 IAS अधिकारियों के तबादले

उत्तर प्रदेश सरकार ने 15 आईएएस अधिकारीयों का तबादला किया है. इन अधिकारीयों में मथुरा, झांसी, मेरठ,नगर आयुक्त और प्रयागराज, हापुड़,गोरखपुर, वाराणसी के बीसी का तबादला किया गया है. यूपी में डीएम बनने वाले अधिकारीयों को यह बड़ा झटका लगा है.

IAS देवेश चतुर्वेदी ,प्रमुख सचिव आवास बने

IAS नीतित रमेश गोकर्ण के पास सिर्फ़ PWD बचा

IAS संजय आर भूसरेड्डी प्रमुख सचिव आबकारी

IAS कल्पना अवस्थी- प्रमुख सचिव वन एवं पर्यावरण बचा

IAS डॉक्टर अरविंद कुमार चौरसिया नगर आयुक्त मेरठ बने

IAS मनोज कुमार को झांसी का नगर आयुक्त बनाया गया, मनोज कुमार को मेरठ से झांसी नगर आयुक्त की जिम्मेदारी

IAS रविन्द्र कुमार मन्दर को नगर आयुक्त मथुरा बनाया गया

PCS समीर वर्मा नगर आयुक्त को वेटिंग में डाला गया

3 नगर आयुक्त की कुर्सी पर IAS अफ़सरो की तैनाती

IAS विजय कुमार सिंह ,अपर निदेशक सुडा से VC हापुड़ बने

IAS ज्ञानेश्वर त्रिपाठी को बड़ी मुश्किल से कामयाबी, अलीगढ़ के VC बने

गोरखपुर VC IAS अमित कुमार बंसल को विशेष सचिव बनाया,अपर निदेशक PGI का अतिरिक्त चार्ज

IAS भानु प्रताप सिंह से अब सर्फ DM इलाहाबाद रहेंगे, VC का चार्ज वापस

IAS टी के शिबु को VC इलाहाबाद प्राधिकरण बनाया गया

IAS एन दिनेश कुमार VC गोरखपुर प्राधिकरण बने

IAS उमेह प्रताप सिंह को वाराणसी VC बनाया गया, PCS एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष और IAS प्रोन्नति मंच के अध्यक्ष भी है उमेश प्रताप सिंह.

24.5.19

चुनाव दर चुनाव एक असफल नेता साबित होते जा रहे अखिलेश यादव, योग्यता पर उठने लगे सवाल


लख़नऊ

उत्तर प्रदेश के सभी 80 सीटों के नतीजे घोषित हुए, घोषित नतीजो के अनुसार दलीय स्थिति इस प्रकार
BJP-62
BSP-10
SP  -5
अपना दल- 2
कांग्रेस- 1

गौरतलब है कि इस चुनाव की कई तरीके से समीक्षा की जाएगी पर एक बाद जो साफ दिख रही है वो ये है कि साल 2019 में  कांग्रेस से भी बडे लूज़र अखिलेश यादव बने, जिन्होंने अपना वोट ट्रांसफर करवा कर मायावती को 10 सीटें दिलवाई जबकि सपा को 5 पर ही बनाए रखा।

 अपने पिता की तरह जनता से जुड़े नहीं
शुरू से ही अखिलेश यादव धरातल से जुड़े हुए नेता नही रहे है साल 2012 में इनके पिता व सपा संस्थापक नेता जी मुलायम सिंह ने UP विधानसभा चुनाव मायावती को हराकर जीता व इनको मुख्यमंत्री बनाया, उसी समय से अखिलेश के नेतृत्व में हुए हर चुनाव को सपा हारती चली गई चाहे 2014 हो 2017 या 2019 अपने गलत निर्णयों व गठबंधनों से सपा के संगठन को खत्म करते जा रहे है अखिलेश यादव, अखिलेश सदैव ही चापलूसों से घिरे रहने वाले अति महत्वाकांक्षी व्यक्ति की छवि बना रहे है, अखिलेश जी ने गोरखपुर व फूलपुर उपचुनाव के बाद राष्ट्रीय राजनीति में छाने के सपने देखने शुरू किए पर सच्चाई से दूर होते गए, इस गठबंधन को लेकर भी नेताजी ने पहले ही सचेत किया था जिसका परिणाम सामने है।

बार बार चूक रहे अखिलेश
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस बार मामला गोरखपुर और फूलपुर उपचुनावों के बिल्कुल उलट गया है, जहां SP ने BSP की मदद से प्रभावशाली जीत हासिल की थी। इस बार यादव बिरादरी ने वोट BSP को ट्रांसफर किया, लेकिन दलित समुदाय ने SP को वोट देने के बजाय BJP को वोट दे दिया। इसके अलावा कांग्रेस ने सिर्फ रायबरेली सीट जीती, लेकिन उसने बाराबंकी, बदायूं, संत कबीर नगर और बस्ती जैसी करीब आधा दर्जन लोकसभा क्षेत्रों में गठबंधन का खेल बिगाड़ दिया जबकि इन चीजों को समझने में नाकामयाब रहे अखिलेश जी

मौजूदा चुनाव में गंभीर नेता के तौर पर नही दिखे अखिलेश
प्रचार के दौरान अखिलेश CM  योगी की मिमिक्री करने वाले एक व्यक्ति को साथ लेकर मनोरंजन करते हुए दिखते थे मायावती और अखिलेश ने अपने भाषणों में प्रधानमंत्री पर जमकर निशाना साधा था और हमेशा नया प्रधानमंत्री लाने की बात करते थे। वे जाति या अपने उम्मीदवारों के बारे में काफी कम बात करते थे, जो उनकी सबसे मजबूत ताकत थी। उनके भाषणों में किसी विकल्प देने की बजाय राष्ट्रीय राजनीति पर छाने की अभिलाषा ज्यादा झलकती थी जिसे जनता ने हल्के में लिया

सवर्णों का धुर विरोधी दिखने का प्रयास पड़ा भारी
सपा ने 2019 में जितने टिकट दिए एक भी सवर्ण समाज से नही था व अपने घोषणापत्र में सवर्णो पर TAX लगाने की भी बात की थी साथ ही अपनी रैलियों में सवर्णो की कोसते रहते थे जबकि मायावती व BJP ने सभी समुदायों को साथ लेकर चलने की रणनीति अपनाई जिसका उनको व BJP को फायदा मिला और अखिलेश की सपा पिछड़ती गई।

इन हालात में 2022 भी अखिलेश के लिए मुश्किल
2019 के चुनाव में सपा की गढ़ रही कन्नौज सीट से अपनी पत्नी व बदायूं से अपने चचेरे भाई की हार व UP में फिर से सर उठाती BSP अखिलेश के लिए आगामी विधानसभा चुनाव में परेशानी का सबब बनेगी जबकि अखिलेश मान के बैठे है कि अगला CM मैं हूं ऐसे में UP के सफलतम राजनेता के पुत्र होने के अतिरिक्त अखिलेश पर जिम्मेदारी है कि वो अपने आप को एक गंभीर व समझदार नेता की तरह सिद्ध करें ना कि EVM, साम्प्रदायिकता आदि बहानों से सच्चाई को ढकने का प्रयास करें।
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19.3.19

चाइनीज़ मीडिया ने भारत पर कसा तंज, कहा भला लगे या बुरा, चीनी समान भारतीयों को खरीदना ही पड़ेगा।

The Internet

पाकिस्तान के चिर परिचित मित्र चीन के प्रॉडक्ट्स के बॉयकॉट की उठ रही मांग पर भारत को चुनौती देते हुए Global Times ने तंज कसा है। चीन के सरकारी अखबार ग्लोबल टाइम्स ने कहा है कि भारतीय मैन्युफैक्चरिंग इंडस्ट्री अभी भी अविकसित है और इसमें प्रतिद्वंद्विता की क्षमता नहीं है। यही कारण है कि भारत में 'बॉयकॉट चाइनीज प्रॉडक्ट्स' मुहिम अब तक असफल रहा है।

Global Times के एक ब्लॉग में कहा गया है, 'कुछ भारतीय विश्लेषक मेड इन चाइना प्रॉडक्ट्स के बहिष्कार की अपील कर रहे हैं। खासकर मसूद अजहर को वैश्विक आतंकी घोषित करने के प्रयास को यूएन में चीन द्वारा रोके जाने के बाद, हैशटैग बॉयकॉट चाइनीज प्रॉडक्ट्स ट्विटर पर काफी लोकप्रिय हो गया है। लेकिन इतने सालों से बॉयकॉट का प्रयास असफल क्यों रहा है? ऐसा इसलिए क्योंकि भारत खुद प्रॉडक्ट्स का उत्पादन नहीं कर सकता है।

इसमें आगे कहा गया है, 'पसंद करें या नहीं, उन्हें अभी भी चीन में बने सामानों का इस्तेमाल करना पड़ेगा क्योंकि अभी भी बड़े पैमाने पर उत्पादन में भारत की क्षमता कम है।'

चीन की सत्ताधारी कम्युनिस्ट पार्टी से जुड़े अखबार ने कहा कि 'भारत के भीतर मौजूद ताकतें' ही देश में सुधारों की प्रक्रिया को रोक रही हैं। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के बयान का उल्लेख करते हुए अखबार ने कहा कि भारतीय नेता वोट बटोरने के लिए चीन का इस्तेमाल ना करें।

लेख में कहा गया है, 'नई दिल्ली यह समझे, कि भारतीय लोगों का ध्यान चीन की ओर भटकाने से आतंरिक समस्याएं और गंभीर होंगी। भारत और चीन के बीच रिश्ते में सुधार आया है और पेइचिंग व्यापार घाटे के मुद्दे पर भी काम कर रहा है।'

अखबार ने चेताया, 'यदि आने वाले लोकसभा चुनाव में प्रत्याशी राष्ट्रवाद को उभारने और लोकप्रियता हासिल करने के लिए चीन का डर दिखाएंगे तो यह खतरनाक होगा। चीनी मामलों को सनसनीखेज बनाने से राजनीतिक करियर चमक सकता है, लेकिन यह देश की अर्थव्यवस्था, मैन्युफैक्चरिंग या लोगों के जीवनस्तर को नहीं सुधार पाएगा, इसमें कहा गया है कि भारतीय लोग जापानी नही है जो विदेशी उत्पादों का सक्रिय रूप में बहिष्कार कर सकें।"
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30.1.19

अमेरिका में आर्कटिक ब्लास्ट से जनजीवन अस्त व्यस्त, -55℃ पहुँचा तापमान

न्यूयॉर्क

आर्कटिक ब्लास्ट की वजह से अमेरिका में पड़ रही है कड़ाके की सर्दी ने कई वर्ष का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। अमेरिका में भारी बर्फबारी से जनजीवन अस्त-व्यस्त है और पारा -53 डिग्री सेल्सियस तक गिरने की ओर है। ये सब पोलर वोर्टेक्स (ठंडी हवाओं) की वजह से हुए आर्कटिक ब्लास्ट के कारण हो रहा है, 10 राज्यो में इमरजेंसी घोषित की गई है

ऐसे में मध्य पश्चिमी राज्य जैसे विस्कोंसिन, मिशिगन और इलिनोइस आदि में आपातकाल घोषित कर दिया गया है। संभावना जताई जा रही है कि अमेरिका के दक्षिणी राज्यों अलाबामा और मिसीसिपी आदि में भी जल्द मौसम की मार पड़ने वाली है, लिहाजा यहां भी आपातकाल लागू किया जा सकता है। आयोवा राज्य के मौसम अधिकारियों के अनुसार अमेरिका में खून जमाने वाली सर्दी पड़ रही है। 

ऐसे में अधिकारियों ने लोगों के लिए चेतावनी जारी की है कि वह घर से बाहर निकलते वक्त गहरी सांस न लें और कम से कम बात करें। अमेरिका में मौसम की मार की वजह से 1100 उड़ाने रद कर दी गई हैं।

10 मिनट में जा सकती है जान
अमेरिका में इन दिनों इतनी ज्यादा सर्दी पड़ रही है कि राष्ट्रीय मौसम सेवा ने अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि ऐसे मौसम में 10 मिनट तक खुले आसमान के नीचे रहना जानलेवा साबित हो सकता है।

मौसम सेवा केंद्र ने अमेरिका में मंगलवार से गुरुवार तक मौसम की सबसे ज्यादा मार पड़ने की चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग ने आशंका व्यक्त की है कि इस दौरान शिकागो का तापमान पृथ्वी के सबसे ठंडे आर्कटिक से भी कम हो सकता है। इस दौरान इलिनोइस, विस्कोंसिन, अलाबामा और जॉर्जिया में भीषण बर्फबारी होने की संभावना व्यक्त की गई है।, शिकागो की सड़कों का हाल आप हमारे एक पाठक द्वारा भेजे गए वीडियो में ऊपर देख सकते है।

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