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30.7.19
उत्तर प्रदेश सरकार ने बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए प्रमुख सचिव गृह सहित 26 IAS अधिकारियों के तबादले किए
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14.7.19
चंद्रयान-2 का आज होगा प्रक्षेपण, जानिये भारत के इस महत्वकांक्षी प्रोजेक्ट के बारे में जिसकी तैयारी हो रही 2008 से
चंद्रयान-2 के 4 हिस्से, पहला- जीएसएलवी मार्क-3, भारत का बाहुबली रॉकेट कहा जाता है, पृथ्वी की कक्षा तक जाएगा
दूसरा- ऑर्बिटर, जो चंद्रमा की कक्षा में सालभर चक्कर लगाएगा
तीसरा- लैंडर विक्त्रस्म, जो ऑर्बिटर से अलग होकर चांद की सतह पर उतरेगा
चौथा- रोवर प्रज्ञान, 6 पहियों वाला यह रोबोट लैंडर से बाहर निकलेगा और 14 दिन चांद की सतह पर चलेगा
जियोसिंक्रोनस लॉन्च व्हीकल मार्क 3 भारत में अब तक बना सबसे शक्तिशाली रॉकेट है। यही चंद्रयान 2 को चंद्रमा की कक्षा तक ले जाएगा। इसे बाहुबली नाम दिया गया है क्योंकि इसमें चार हजार किलो वजनी उपग्रह व उपकरणों को अंतरिक्ष में ले जाने की क्षमता है। इससे दोगुना वजन यह पृथ्वी की निचली कक्षा में 600 किमी ऊंचाई पर ले जा सकता है। 43.43 मीटर ऊंचा यह लॉन्चर चंद्रयान को तीन चरण में अपने क्रायोजेनिक इंजन और दो बूस्टरों की मदद से चंद्रमा तक ले जाएगा।
चंद्रमा की कक्षा में ऑर्बिटर एक वर्ष परिक्रमा करेगा। यह 2,379 किलो वजनी है और सूर्य की किरणों से हजार वॉट बिजली पैदा कर सकता है। चंद्रमा पर अपने अध्ययन और विभिन्न उपकरणों द्वारा भेजी गई सूचनाओं को ऑर्बिटर बंगलूरु में मौजूद इंडियन डीप स्पेस नेटवर्क (आईडीएसएन) में भेजेगा।
लैंडर विक्रम को यह नाम भारतीय खगोल कार्यक्रम के पितामह कहे जाने वाले डॉ. विक्त्रस्म साराभाई पर मिला है। यह पूरे एक चंद्र दिवस काम करेगा, जो हमारे 14 दिन के बराबर हैं। इसमें भी आईडीएसएन से सीधे संपर्क करने की क्षमता है। और ऑर्बिटर और रोवर दोनों को भी सीधे सूचनाएं भेजेगा।
प्रज्ञान यानी बुद्धिमत्ता, चंद्रयान का चंद्रमा पर उतरने जा रहा यह 27 किलो का रोवर मौके पर ही प्रयोग करेगा। इसमें 500 मीटर तक चलने की क्षमता है। इसके लिए यह सौर ऊर्जा का उपयोग करेगा। 27 किलो का यह रोवर 50 वॉट बिजली पैदा करेगा, जिसका उपयोग चंद्रमा पर मिले तत्वों का एक्सरे और लेजर से विश्लेषण करेगा।
9 जुलाई से 16 जुलाई 2019 के बीच मिशन को लॉन्च करने का निर्णय हुआ
15 जुलाई सुबह 2.51 बजे की तारीख तय हुई, इसे श्रीहरिकोटा से लॉन्च किया जाएगा
6 सितंबर 2019 : लैंडर विक्रम और रोवर प्रज्ञान चंद्रमा के दक्षिण ध्रुव पर उतरेंगे
रोवर प्रज्ञान चंद्रमा की सतह पर चलेगा और परीक्षण करेगा
एक चंद्र दिवस यानी 14 दिन तक यहां वैज्ञानिक परीक्षण किए जाएंगे
एक वर्ष तक चंद्रयान 2 चंद्रमा की परिक्रमा करते हुए विभिन्न प्रयोग करेगा और डाटा जुटाता रहेगा
चंद्रमा की सतह पर उतरना किसी विमान के उतरने जैसा कतई नहीं है। श्रीहरिकोटा से 15 जुलाई को जीएसएलवी-एमके 3 रॉकेट से प्रक्षेपित होने के बाद यान का एक हिस्सा लैंडर विक्रम 6 सितंबर को चंद्रमा की सतह पर उतरेगा। मगर इस दौरान कई तरह की चुनौतियां आएंगी।....
लॉन्च के समय धरती से चांद की दूरी करीब 3. 844 लाख किमी होगी। इतने लंबे सफर के लिए सबसे जरूरी सही मार्ग (ट्रैजेक्टरी) का चुनाव करना, क्योंकि सही ट्रैजेक्टरी से चंद्रयान-2 को धरती, चांद और रास्ते में आने वाली अन्य वस्तुओं की ग्रैविटी, सौर विकिरण और चांद के घूमने की गति का कम असर पड़ेगा।
गहरे अंतरिक्ष में संचार
चांद की कक्षा में पहुंचना
चांद की कक्षा में घूमना
चंद्रमा पर चंद्रयान-2 को रोवर और लैंडर की सहज लैंडिंग सबसे बड़ी चुनौती है। चांद की कक्षा से दक्षिणी ध्रुव पर रोवर और लैंडर को आराम से उतारने के लिए प्रोपल्शन सिस्टम और ऑनबोर्ड कंप्यूटर का काम मुख्य होगा। ये सभी काम खुद-ब-खुद होंगे।
चांद की सतह पर ढेरों गड्ढे, पत्थर और धूल है। जैसे ही लैंडर चांद की सतह पर अपना प्रोपल्शन सिस्टम ऑन करेगा, वहां तेजी से धूल उड़ेगी। धूल उड़कर लैंडर के सोलर पैनल पर जमा हो सकती है, इससे बिजली आपूर्ति बाधित हो सकती है। ऑनबोर्ड कंप्यूटर के सेंसरों पर भी असर पड़ सकता है।
बदलता तापमान चांद का एक दिन या रात धरती के 14 दिन के बराबर होती है। इसकी वजह से चांद की सतह पर तापमान तेजी से बदलता है। इससे लैंडर और रोवर के काम में बाधा आएगी।
भगवान वेंकटेश की पूजा में तिरुमाला पहुंचे सिवन ने बताया कि चंद्रयान 2 प्रक्षेपण के लिए तैयार है। इस पर करीब एक हजार करोड़ की लागत आई है। बारिश से मिशन की रवानगी को खतरा नहीं है क्योंकि जीएसएलवी मार्क3 पर बारिश में भी सुरक्षित रहेगा।
12.7.19
उत्तर प्रदेश में 26 IAS अधिकारियों के तबादले, 9 जिलों के DM बदले
लखनऊ.
UP सरकार ने 12 जुलाई की देर शाम बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया, यूपी के 26 IAS अफसरों के तबादले किए गए हैं, जिसमें अमेठी , महोबा, गाजियाबाद, मुजफ्फरनगर समेत 9 जिलों के जिलाधिकारी भी बदले गए हैं। अमेठी की नए डीेएम अब प्रशांत शर्मा होंगे। डीएम गाजियाबाद ऋतु महेश्वरी को नोएडा की CEO बनाया गया।
पूरी सूची देखे
रितु माहश्वरी - CEO, नोएडा अथॉरिटी
माला श्रीवास्तव- जिलाधिकारी, बस्ती
इंद्र विक्रम सिंह- जिलाधिकारी, शाहजहांपुर
शकुंतला गौतम- जिलाधिकारी, बागपत
अवधेश कुमार तिवारी- जिलाधिकारी, महोबा
प्रशांत शर्मा- जिलाधिकारी, अमेठी
अजय शंकर पाण्डेय- जिलाधिकारी, गाजियाबाद
सेल्वा कुमार जे- जिलाधिकारी, मुजफ्फरनगर
सुखलाल भारती- जिलाधिकारी, एटा
रमाकांत पाण्डेय- जिलाधिकारी, बिजनौर
अमृत त्रिपाठी- विशेष सचिव, वित्त विभाग, यूपी शासन
ईश्वरी प्रसाद पाण्डेय - विशेष सचिव, आबकारी विभाग, यूपी शासन
राम मनोहर मिश्र- विशेष सचिव, ग्राम्य विकास विभाग, यूपी शासन
सहदेव- विशेष सचिव, कृषि उत्पादन आयुक्त शाखा, यूपी शासन
पवन कुमार- विशेष सचिव, आवास एवं शहरी नियोजन विभाग, यूपी शासन
सुजीत कुमार - मुख्य कार्यपालक अधिकारी, यूपी ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण, लखनऊ
जितेंद्र प्रताप सिंह- निदेशक, राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद, लखनऊ
राज शेखर- प्रबंध निदेशक, यूपी राज्य सड़क परिवहन निगम, लखनऊ
धीरज साहू- एमडी रोडवेज का काम हटा
रमेश कुमार- सचिव, उच्च शिक्षा एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग, यूपी शासन
आभा गुप्ता- विशेष सचिव, अल्पसंख्यक कल्याण विभाग, यूपी शासन
शेषनाथ- प्रबंध निदेशक, यूपी एग्रो, लखनऊ
चन्द्र भूषण- विशोष सचिव, लोक निर्माण विभाग, यूपी शासन
कुणाल सिलकू- मिशन निदेशक, कौशल विकास, मिशन एवं निदेशक, प्रशिक्षण एवं सेवायोजन, यूपी
संतोष कुमार राय - वेटिंग में डाला गया है
आलोक टंडन से नोेएडा सीईओ का काम हटा
LogicalNews.in
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11.7.19
देवशयनी एकादशी आज, भगवान विष्णु जाएंगे योगनिद्रा में शुरू होगा चातुर्मास जाने महत्व
देवशयनी एकादशी के दिन भगवान विष्णु के लिए व्रत रखा जाता है. एकादशी पर विष्णु के साथ ही देवी लक्ष्मी की भी पूजा करनी चाहिए.देवशयनी एकादशी से भगवान चार माह के लिए विश्राम करते हैं. इस दौरान चार माह तक मांगलिक और वैवाहिक कार्यक्रमों पर रोक लग जाती है. हालांकि लोग मांगलिक कार्यों की तैयारी और खरीदारी इन दिनों में कर सकते हैं. स्कंद पुराण के एक अध्याय के मुताबिक भगवान श्रीकृष्ण ने युधिष्ठिर को साल भर के सभी एकादशियों का महत्व बताया है.
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