22.12.17

सलमान खान ने किया दलितों का अपमान , वाल्मीकि समाज ने FIR दर्ज करने की मांग

जयपुर/ दिल्ली/आगरा

*सलमान खान ने किया दलितों का अपमान, वाल्मीकि समाज ने FIR दर्ज करने की मांग की*

फ़िल्म स्टार सलमान खान ने टाइगर जिंदा है के प्रमोशन के।दौरान सलमान खान ने दलितों को जातिसूचक शब्दो का प्रयोग कर अपमानित किया है, वाल्मीकि एक्शन कमेटी ने दक्षिण दिल्ली में सलमान व शिल्पा शेट्टी पर FIR की मांग की

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आज प्रोड्यूस होने के बाद जयपुर के राजमंदिर थियेटर में सलमान खान मुर्दाबाद के नारे लगा कर दलितों ने किया प्रदर्शन कहा फ़िल्म का प्रदर्शन किया जाय बंद,


गौरतलब हैं की सलमान ने *नट- भंगी* जैसे शब्दों का इस्तेमाल कर अपने फ़िल्म के दौरान दलितों पर जातिसूचक टिप्पणी कीथी, शिल्पा शेट्टी ने भी DANCE INDIA के दौरान जातिसूचक शब्द का किया प्रयोग दोनों पर SC-ST के तहत दर्ज हो सकता है मुकदमा।



मजे की बात रही कि हर मीडिया चैनल ने दबा रखी है ये खबर, सोशल मीडिया में वाइरल हुआ सलमान का नट- भंगी चमार कहने वाला वीडियो, मामला बढ़ने पर बुरे फस सकते है सलमान खान।


*LogicalNews*

13.12.17

नई वैज्ञानिक रिसर्च में हुआ सिद्ध- रामसेतु मानव निर्मित है और 7000 वर्ष पुराना है


लख़नऊ

अमेरिका में साइंस चैनल के पर एक शो ने एक बार फिर से पौराणिक ग्रंथ में जिस रामायण में जिस रामसेतु का जिक्र है उसे चर्चा के केन्द्र में लाकर रख दिया। इसमें यह दावा किया गया है कि यह ढांचा वास्तव में  मानव निर्मित है ना कि प्राकृतिक। चैनल की तरफ से जारी किए गए प्रोमो में यह बताया गया है कि दुनिया जिसे एडम्स ब्रिज के नाम से जानती है वह मानव निर्मित है।
देखिये वीडियो-

“हिन्दू के पौराणिक ग्रंथों में जिस पुल का जिक्र है और जो भारत-श्रीलंका को जोड़ता है क्या वह सच है? भू-वैज्ञानिकों का विश्लेषण तो कुछ ऐसा ही बताता है।” एनसिएंट लैंड ब्रिज नाम के एक प्रोमो में ऐसा दावा किया गया है। ये डॉक्यूमेंट्री आज शाम साढ़े सात बजे डिस्कवरी कम्युनिशेन के साइंस चैनल पर अमेरिका में दिखाया जाएगा।

इसमें अमेरिकन भू-वैज्ञानिकों ने कहा है कि भारत में रामेश्वरम के नजदीक पामबन द्वीप से श्रीलंका के मन्नार द्वीप तक लंबी बनी पत्थरों की यह श्रृंखला मानव निर्मित है। इस प्रोमो को करीब ग्यारह लाख से ज्यादा लोग देख चुके हैं जिसे साइंस चैनल ने करीब 17 घंटे पर अपने सोशल मीडिया पर शेयर किया है। भू-वैज्ञानिक एरिन अर्गेईलियान ने इसका विश्लेषण करते हुए कहा है कि तस्वीर में दिख रहा पत्थर ‘सैंडबार’(बालू) पर है जो आसपास से पानी के साथ बहकर आया है। जबकि, डॉक्टर एलन लेस्टर का ऐसा मानना है कि यहां पर सैंड पहले से मौजूद था जबकि उसके ऊपर पत्थर बाद में लाकर रखा गया है।

भारत के दक्षिण-पूर्वी तट के किनारे तमिलनाडु स्थित रामेश्वरम द्वीप और श्रीलंका के उत्तर-पश्चिमी तट मन्नार द्वीप के बीच चूना पत्थर से बनी एक श्रृंखला आज भी एक रहस्य बना हुआ है। हिन्दू पौराणिक कथाओं में इसे रामसेतु पुल बताया गया है। साइंस चैनल ने व्हाट ‘ऑन अर्थ एनसिएंट लैंड एंड ब्रिज’ नाम से एक डॉक्यूमेंट्री बनाई है। जिसमें भू-वैज्ञानिकों की तरफ से यह विश्लेषण इस ढांचे के बारे में किया गया है।

आइये बताते है इस पुल को लेकर अमेरिकी भू-वैज्ञानिकों ने क्या निष्कर्ष निकाला है और उनका क्या दावा है-

1-    भू-वैज्ञानिकों ने नासा की तरफ से ली गई तस्वीर को प्राकृतिक बताया है।

2-    वैज्ञानिकों ने अपने विश्लेषण में यह पाया कि 30 मील लंबी यह श्रृंखला चेन मानव निर्मित है।

3-    अपने विश्लेषण में भू-वैज्ञानिकों को यह पता चला कि जिस सैंड पर यह पत्थर रखा हुआ है ये कहीं दूर जगह से यहां पर लाया गया है।

4-    उनके मुताबिक, यहां पर लाया गए पत्थर करीब 7 हजार साल पुराना है।

5-    जबकि, जिस सैंड के ऊपर यह पत्थर रखा गया है वह मजह सिर्फ चार हजार साल पुराना है।

6-    हालांकि, कुछ जानकार इसे पांच हजार साल पुराना मानते हैं जिस दौरान रामायण में इसे बनाने की बातें कही गई है।

जाहिर है, वैज्ञानिकों के विश्लेषण के बाद पत्थर के बारे में रहस्य और गहरा गया है कि आखिर ये पत्थर यहां पर कैसे पहुंचा और कौन लेकर आया है।

रामसेतु पुल के बारे में क्या है मान्यताएं

दरअसल, वाल्मीकि रामायण में यह कहा या है कि जब राम ने सीता को लंका के राजा रावण के चंगुल से छुड़ाने के लिए लंका द्वीप पर चढ़ाई की, तो उस वक्त उन्होंने सभी देवताओं का आह्वान किया और युद्ध में विजय के लिए आशीर्वाद मांगा था। इनमें समुद्र के देवता वरुण भी थे। वरुण से उन्होंने समुद्र पार जाने के लिए रास्ता मांगा था। जब वरुण ने उनकी प्रार्थना नहीं सुनी तो उन्होंने समुद्र को सुखाने के लिए धनुष उठाया।

डरे हुए समुद्र ने क्षमायाचना करते हुए उन्हें बताया कि श्रीराम की सेना में मौजूद नल-नील नाम के वानर जिस पत्थर पर उनका नाम लिखकर समुद्र में डाल देंगे, वह तैर जाएगा और इस तरह श्री राम की सेना समुद्र पर पुल बनाकर उसे पार कर सकेगी। यही हुआ भी। इसके बाद राम की सेना ने लंका के रास्ते में पुल बनाया और लंका पर हमला कर विजय हासिल की।

इस दावे के बाद बड़ी बहस शुरू हो गई है कि पुराणों में वर्णित तथ्यों को पश्चिमी जगत ने जिस प्रकार myth या कल्पना कह कर जिस तरह खारिज किया है वो पूरी तरह गलत है ।

LogicalNews

8.12.17

स्कूलों की मनमानी पर रोक लगाने के लिए कानून का मसौदा तैयार

लख़नऊ

स्कूलों की मनमानी होगी ख़त्म, फीस के नाम पर नहीं होगी लूट

यूपी वित्त पोषित स्वतंत्र (शुल्क का विनिमय) विधेयक 2017 का प्रस्तावित मसौदा तैयार हुआ है. इस मसौदे पर अभी 22 दिसंबर तक आपत्तियां मांगी गई हैं. 

अगले शैक्षिक सत्र से इसे लागू किया जाएगा. मंडलायुक्त को अध्यक्षता में एक कमेटी शुल्क के विवादों की सुनवाई करेगी. उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा ने इसकी जानकारी दी. भविष्य में स्कूल से जुड़े मामलों के लिए ट्रिब्यूनल का गठन किया जाएगा. ये प्रस्ताव सभी बोर्ड के स्कूलों के लिए हैं.       
  
जानिए कुछ खास बातें-


हर साल में एडमिशन फीस नहीं ली जायेगी:

इसमें कहा गया है कि एडमिशन कक्षा 5 तक एक ही होगा । कक्षा 6 से 8वीं तक एक ही होगा.9 और 10वीं तक एक ही होगा.

जबर्दस्ती की फीस होगी खत्म-

आवागमन में बिना सुविधा लिए फीस नही देना होगा.जितने भी ऐच्छिक शुल्क है , वह बिना सुविधा लिए नही देना होगा. डेवलोपमेन्ट काम के लिए जो फीस ली जायेगी उससे उनका काम भी दिखाना होगा । स्कूल में जो दुकान ,या व्यापारिक गतिविधि ट्रस्ट के नाम् पर चलते थे, उसकी आय को विद्यालय की आय में ही शामिल होगी और उसी हिसाब से छात्रों की फीस कम करनी होगी.                  
                    
विद्यालय के खर्चों का देना होगा हिसाब-

टीचर के भत्ते में वृद्धि कर सकते है लेकि बीच सत्र में फीस नही बढ़ा सकते.स्कूल को अपने आय व्यय , शुल्क, आदि अपने आने वाले सत्र के लिए 31 से पहले ही हर साल वेबसाइट पर अपलोड करना होगा.
डेवलपमेन्ट का फंड सिर्फ विद्यालय की पूरी आय की 15 प्रतिशत ही हो सकती है.फीस , सालाना की अनिवार्यता नहीं होगी, चाहे मासिक , तिमाही या छमाही या सालाना, स्वच्छिक होगा.

फीस बढ़ाने की सूचना देनी होगी वेबसाइट पर-

किसी भी शुल्क वृध्दि या आय व्यय, का व्योरा शैक्षिक सत्र के 60 दिन पहले वेबसाइट में देना होगा.मंडलीय आयुक्त को अधिकार होगा जो किसी तरह के सत्र के दौरान किसी तरह के परिवाद को सुनेंगे.एक समिति बनाना होगा और आयुक्त समेत समिति निर्णय लेगी, और जरूरत पड़ने पर जुरमाना लगा सकेगी.20 हज़ार से ज्यादा शुल्क लेने वाले स्कूल इस प्रस्तावित कानून के दायरे में आएंगे.

लुटेरे स्कूलों पर स्कूलों पर लगेगा भारी जुर्माना:

जो स्कूल उल्लंघन करेंगे उन पर 1 लाख का जुर्माना पहली शिकायत पर होगा.दूसरी शिकायत साबित होने पर 5 लाख का जुर्माना देना होगा.एडमिशन फीस बार बार नही ले सकते स्कूल.पांचवीं तक, फिर क्लास 6 में एडमिशन फीस ले सकते हैं और फिर क्लास 9 में एडमिशन फीस ले सकते हैं.

फीस सालाना लेना अनिवार्यता नही होगी.स्कूलों में व्यावसायिक एक्टिविटी से आय को स्कूल के आय में जोड़ा जाएगा और फिर बच्चों की फीस तय होगी.

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21.11.17

निकाय चुनावों के दौरान मेरठ में हंगामा ,कोई भी बटन दबाओ पर्ची BJP की

मेरठ

निकाय चुनाव के दौरान मेरठ के वार्ड No 89 में मचा हंगामा लोगो का दावा की सभासद अथवा मेयर हेतु बटन कोई सा भी दबाओ पर्ची BJP की निकल रही है,

ब्रम्हपुरी थाना क्षेत्र का मामला है,मौके पर भारी मात्रा में पुलिस बल तैनात, अधिकारियों से हमने बात की तो उनका कहना है कि ये अफवाह है फिर भी जांच की जा रही है,

साथ ही वार्ड नंबर 77 में से पकड़ी गई फ़र्ज़ी वोट, लोगों ने किया जमकर हंगामा, 850 वोट बताई जा रही है फ़र्ज़ी, कई दलों के प्रत्याशियों ने शासन व प्रसाशन से की शिकायत


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19.11.17

प्रसिद्ध न्यूज़ एंकर रोहित सरदाना पर लखनऊ में FIR की तहरीर


लख़नऊ

हिन्दू स्त्रियों का सम्मान मानी जाने वाली पद्मावती की फ़िल्म में हो सकती है बेइज्जती पर मोहम्मद साहब की बेटी के बारे में बोलने के बाद  न्यूज़ एंकर रोहित सरदाना पर FIR दर्ज करवाने की तहरीर दी गई है

पुराना टिकैतगंज बाजारखाला के निवासी "जोश मेमोरियल फाउंडेशन" के अध्यक्ष मीसम खान ने चौक कोतवाली में रोहित सरदाना के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के लिए तहरीर दी है।

मीसम खान का आरोप है कि न्यूज़ एंकर ने पद्मावती एक बहस के दौरान मोहम्मद साहब की बेटी 'बीबी फातिमा' पर अभद्र टिप्पणी की है।

तहरीर के मुताबिक, रोहित सरदाना ने एक डिबेट के दौरान कहा कि देश मे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता है और कोई कुछ भी फिल्म बना और बोल सकता है तो बीबी फातिमा के ऊपर सेक्सी फातिमा नाम से फिल्म बनानी चाहिए।

मीसम ने कहा कि पत्रकार होने के नाते ये टिप्पणी बिल्कुल गलत है और मुसलमानों की धार्मिक भावनाओं का अपमान है, पुलिस ने तहरीर ले कर उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया है मामले की जांच के बाद FIR दर्ज कर कारवाही की जाएगी।

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5.11.17

New Bomb Blast in the world of Financial Corruption "Paradise Papers" Read details


न्यूयॉर्क

दुनिया मे फैले काले कारोबार और उनके लिए बड़े बड़े रास्ते निकालने वालो के कारनामों का पनामा पेपर्स खुलासा अभी तक शांत नहीं हुआ है और सब्जी आरोपी अभी 

 ब्लैक मनी को लेकर बड़ा खुलासा हुआ. ICIJ (इंटरनैशनल कॉन्सोर्टियम ऑफ इंवेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट्स) ने 96 मीडिया संस्थानों के साथ मिलकर 'पैराडाइज पेपर्स' दस्तावेजों की छानबीन की है. पनामा पेपर्स लीक की तरह इस खुलासे में भी कई भारतीय राजनेताओं, अभिनेताओं और कारोबारियों के नाम सामने आए हैं. पैराडाइज पेपर्स' में 1.34 करोड़ दस्तावेज शामिल हैं. आज हम आपको कई ऐसे प्रोजेक्ट्स के बारे में बताएंगे जो बड़े पैमाने पर चल रह थे.


जर्मन अखबार Süddeutsche Zeitung को बरमूडा की कंपनी एप्पलबी, सिंगापुर की कंपनी एसियासिटी ट्रस्ट और कर चोरों के स्वर्ग समझे जाने वाले 19 देशों में कराई गई कार्पोरेट रजिस्ट्रियों से जुड़े दस्तावेज मिले. पैराडाइज पेपर्स में उन फर्जी कंपनियों के बारे में जानकारी सामने आई है जो विश्वभर में अमीर लोगों के पैसों को विदेशों में भेजने में उनकी मदद करते हैं.जर्मनी के जीटॉयचे साइटुंग नामक उसी अखबार ने किया जिसने आज से ठीक 18 महीने पहले पनामा पेपर्स का खुलासा किया था.  Süddeutsche Zeitung नामक अखबार ने ये दस्तावेज इंटरनैशनल कॉन्सोर्टियम ऑफ इंवेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट्स और The Guardian, BBC और The New York times पार्ट्नर्स के साथ शेयर किए. 

'पैराडाइज पेपर्स' मामले में सामने आए ये प्रोजेक्ट्स 

डोनाल्ड ट्रम्प के मंत्रिमंडल के सदस्यों, सलाहकारों द्वारा भी कईं व्यापक अपतटीय सौदे किए गए हैं, ट्रंप के वाणिज्य मंत्री विल्बर रॉस ने एक जहाजरानी कंपनी में निवेश बरक़रार रखा जो रूस की एक ऊर्जा कंपनी के लिए गैस और तेल का परिवहन करके सालाना करोड़ों डॉलर कमाती है.

क्वीन प्राइवेट इस्टेट ने केमैन आइसलैंड फंड में लाखों पाउंड का निवेश किया था, बता दें कि इनमें से कुछ पैसे एक ऐसे रिटेलर के पास गए थे जिसपर गरीब परिवारों और कमजोर लोगों का शोषण करने का आरोप है.

रूस ने फेसबुक और ट्विटर में Jared Kushner ally के जरिए निवेश किया था.
 
पैराडाइज पेपर्स में कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो द्वारा व्यवस्थित Cayman Islands ट्रस्ट का भी नाम शामिल है.

लॉर्ड ऐशक्रॉफ्ट ने भी ऑफशोर ट्रस्ट में अपना काला धन का निवेश किया हुआ था. 

पैराडाइज पेपर्स में कई बड़ी मल्टीनेशनल कंपनियों के नाम भी सामने आए जो कर निवारण किया करती थीं, इनमें नाइक और एप्पल जैसी बड़ी कंपनियों के नाम भी सामने आए हैं.

ऑफशोर स्कीम की मदद से फिल्म और टीवी इंडस्ट्री के कई बड़ी हस्तियों ने भी अपने पैसों को प्रोटेक्ट कर रखा था.  

Isle of Man and Malta निजी जेट्स और लक्जरी नौकाओं के मालिकों ने भी अरबों रुपए का टैक्स रिफंड किया है.

डेमोक्रेटिक रिपब्लिक में माइनिंग राइट्स को सुरक्षित रखने के लिए लंदन स्थित Glencore ने  सिक्रेट लोन और संधि का इस्तेमाल किया था.

दो रूसी अरबपतियों ने ऑफशोर वेब का इस्तेमाल कर Arsenal and Everton football क्लब में स्टेक खरीदे हैं.

इन भारतीयों के नाम शामिल
'पैराडाइज पेपर्स' में केंद्रीय विमानन राज्य मंत्री जयंत सिन्हा, बॉलीवुड के शहंशाह अमिताभ बच्चन, बीजेपी से राज्यसभा सांसद और कारोबारी आरके सिन्हा, संजय दत्त की पत्नी मान्यता दत्त के पुराने नाम दिलनशीं, नीरा राडिया, विजय माल्या, कार्ति चिदंबरम का जिक्र है.


बरमूडा की कंपनी में बिग बी के शेयर्स
रिपोर्ट्स के मुताबिक, बिग बी के बरमूडा की एक कंपनी में शेयर्स होने का खुलासा हुआ है. वहीं, केंद्रीय मंत्री जयंत सिन्हा का नाम 'ओमिड्यार नेटवर्क' में साझेदारी को लेकर सामने आया है. राज्यसभा सांसद आरके सिन्हा की कंपनी 'एसआईएस सिक्यॉरिटीज' का नाम भी 'पैराडाइज पेपर्स' में है.


डोनाल्ड ट्रंप और एलिजाबेथ-2 का नाम भी शामिल
'पैराडाइज पेपर्स' में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, कनाडा के पीएम जस्टिन ट्रू़डो के चीफ फंडरेज़र, इंग्लैंड की क्वीन एलिजाबेथ-2 का नाम भी सामने आया है. ट्रंप के आईसीआईजे (ICIJ) ने 'पैराडाइज पेपर्स' में ट्रंप के अरबपति कॉमर्स सेक्रेटरी विलबर रॉस और रूस के बीच रिश्ते, कनाडा के पीएम जस्टिन ट्रू़डो के चीफ फंडरेज़ के खुफिया लेनदेन, मेडिकल और कंज्यूमर बेस्ड कंपनियों में क्वीन एलिजाबेथ- 2 के शेयर्स के दस्तावेज रिलीज किए हैं.


पुतिन के दामाद के भी दस्तावेज
'पैराडाइज पेपर्स' में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के दामाद रॉश का नाम भी सामने आया है. रॉश अरबपति इंवेस्टर हैं. नेविगेटर होल्डिंग्स में उनके कुल 31 फीसदी स्टैक्स हैं. रिपोर्ट्स के मुताबिक, रॉश की प्राइवेट इक्विटी फर्म नेविगेटर में सबसे बड़ी शेयरहोल्डर है.


सामने आए इन कॉरपोरेट्स हाउस के नाम
जीएमआर ग्रुप, अपोलो टायर्स, हेवेल्स, हिंदूजा समूह, एम्मार एमजीएफ, विडियोकॉन, हीरानंदानी समूह, डीएस कंस्ट्रक्शन, यूनाइटेड स्पिरिट्स लिमिटेड इंडिया और डिएगो के दस्तावेज भी लीक हुए हैं.


बता दें कि 'पैराडाइज पेपर्स' कुछ और दस्तावेज अभी रिलीज होने बाकी हैं. माना जा रहा है कि इसमें कई और जाने-माने अमीर और ताकतवर लोगों के नाम आ सकते हैं.

LogicalNews.in
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24.10.17

बिजनौर में जब अपने पिता से मिले CM योगी तो आंखे हुई नम

बिजनौर
 
बड़े दिनों बाद अपने पिता से मिले CM योगी तो आंखें हुई नम, बेटे ने शाल ओढ़ाया तो पिता को मिला संसार।
मंगलवार को एक कार्यक्रम में नजीबाबाद पहुंचे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ अपने पिता आनंद सिंह बिष्ट से मिले। करीब दस मिनट की मुलाकात में योगी ने पिता के स्वास्थ्य की जानकारी ली और परिजनों की कुशल क्षेम भी पूछी। पिता-पुत्र की छह माह में यह दूसरी मुलाकात है।


कोटद्वार से 25 किलोमीटर दूर नजीबाबाद (बिजनौर, उत्तर प्रदेश) की किसान चीनी सहकारी मिल में एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। इसमें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मुख्य अतिथि थे। इस अवसर पर आयोजकों ने योगी के पिता आनंद सिंह बिष्ट को भी आमंत्रित किया। गौरतलब है कि योगी आदित्यनाथ पौड़ी जिले में यमकेश्वर ब्लाक के ग्राम बिथ्याणी के रहने वाले हैं।

करीब अस्सी वर्ष के आनंद सिंह बिष्ट अपने पोते अविनाश मोहन बिष्ट व मित्र प्रकाश जोशी के साथ कार्यक्रम में पहुंचे थे। आयोजकों ने उन्हें अतिथि कक्ष में  बिठा दिया। कार्यक्रम संपन्न होने के बाद योगी कक्ष में पहुंचे। पुत्र को देखते ही आनंद सिंह बहुत खुश हुए और उनकी आंखें भर आईं, CM योगी भी हुए भावुक।

पुत्र ने भी पिता के इस भाव को समझा। मुख्यमंत्री ने पिता का हालचाल पूछा और इसके बाद उन्हें शॉल ओढ़ाया। कुछ देर उन्होंने भतीजे अविनाश और पिता के साथ आए प्रकाश जोशी से भी बातचीत की। इस दौरान उन्होंने पिता को लखनऊ भी आमंत्रित किया।

नजीबाबाद से लौटे आनंद सिंह बिष्ट ने Logical News के रिपोर्टर को बताया कि एक पिता के लिए इससे अधिक गौरव क्या हो सकता है कि उसका बेटा मुख्यमंत्री है। बेटे से क्या बात हुई, पूछने पर वह कहते हैं 'पिता होने के नाते मैं सिर्फ आशीर्वाद ही दे सकता हूं। बाकी घर परिवार की बात ही हुई, पिता का आशीर्वाद सदा उनके साथ है और वो प्रदेश और देश के लिए अच्छे काम करते रहेंगे ।



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10.10.17

हिंदू स्त्रियों की आभा रानी पद्मावती को मनोरंजन की विषयवस्तु नही बनने देना चाहिए LogicalNews देगा आपको बॉलीवुड के षड्यंत्र के खिलाफ सच्चाई की जानकारी

लख़नऊ

महारानी पद्मावती का जौहर मनोरंजन की विषय वस्तु नही सच्चाई आपके सामने लाएगा LogicalNews
शिशोदिया राजवंश की शान व एक धर्मिष्ठ महारानी जिसने अपने लाज सम्मान और देश के स्वाभिमान की रक्षा के लिए अपने जीवन का बलिदान दे दिया उंसके बलिदान को मनोरंजन की वस्तु समझने वाला *संजय लीला भैंसाली* और उसके चापलूस चाहे 100 जन्म ले फिर भी खिलजी को हीरो नही बना पाएंगे, एक षड्यंत्र के तहत बड़े स्टार रणवीर सिंह को अलाउद्दीन खिलजी बनाया गया और राणा रतन सिंह के रोल में अपेक्षाकृत छोटे कलाकार को रखा गया।

संजय लीला भैंसाली की आगामी फिल्म *पदमावती* का टेलर कल रिलीज़ हो चुका है, साफ दिख रहा है की रानी पद्मावती जिनको राजपूत क्षत्रियों के वंश की आभा माना जाता है व लोग सती माँ तरह पूजते है की शहादत का मजाक उड़ाया गया है।

प्रारम्भ में करणी सेना ने इसका विरोध किया था और भंसाली की पिटाई भी कर दी थी पर अब 1.5 करोड़ रुपये के बदले करणी सेना बट चुकी है और विरोध बंद हो गया है

राजपूत करणी सेना या BJP के तथाकथित हिदुत्व बेचने वाले नेताओं के शांत हो जाने से इतिहास को हम बदलने नही देंगे और रानी पद्मिनी , राजा रावल रतन सिंह और धोखेबाज अलाउद्दीन खिलजी की सच्चाइयों को हम आपके सामने लाते रहेंगे क्योंकि की किसी के 2 घंटे की फ़िल्म बना लेने से राजपूतों व हिंदुओं का 2000 साल पुराना गौरवशाली इतिहास बदलेगा नही।

शिशोदिया राजपूतों के कवि नरेंद्र मिश्र ने सही कहा है कि -
*"दोहराता हूँ सुनो रक्त से लिखी हुई कुर्बानी, जिसके कारण मिट्टी भी चंदन है राजस्थानी"*

भैंसाली के सुपर हीरो मोहम्मद अलाउद्दीन खिलजी ने जब राजा रावल रतन सिंह को धोखे से कैद कर लिया तब सेनापति गोरा के शब्दों में स्वाभिमान झलकता था डर नही- 

*जबतक गोरा के कंधे पर दुर्जय शीश रहेगा , महाकाल से भी राणा का मस्तक नही कटेगा*
*तुम निश्चिंत रहो महलों में देखो समर भवानी, खिलजी देखेगा केसरिया तलवारों का पानी*


आने वाले समय मे LogicalNews आपको रानी पद्मिनी और चित्तौड़गढ़ के बारे में  सच्चाइयों से अवगत कराता रहेगा हमारे सोच के अनुसार ये हिंदुओ के इतिहास व रानी पद्मिनी के जौहर के प्रति जिहादी बॉलीवुड के कुत्सित षडयंत्र के खिलाफ सार्थक लड़ाई होगी जो आपके वोट लेने वाले तथाकथित नेता नही कर रहे। 


TheLogicalNews

17.9.17

Paris Climate Accord पर ट्रम्प ने बदला रुख, जानिए क्या है पेरिस समझौता और इसका महत्व


पेरिस

फ्रांस के नए औऱ युवा राष्ट्रपति एममेनुअल मेक्रेन से अपनी पहली मुलाकात के दौरान अमरीका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 2015 Paris Climate Accord पर अपना रुख बदलने के संकेत दिए थे आज विदेश सचिव रेक्स टिलरसँ के UN मीटिंग से पहले  दिए बयान ने साफ कर दिया है कि अमेरिका इस समझौते से बाहर नही जा रहा।


गौरतलब है कि दुनिया के बदलते मौसम और बढ़ते तापमान को नियंत्रित करने को लेकर 1992 के UNFCCC समझौते को 1997 में जापान के क्वेटो शहर में एक प्रभावी रूप दिया गया जिसे Kyoto Protocol कहा जाता है, 

2015 में इसी क्योटो प्रोटोकॉल के आधुनिक रूप जिंसमे Greenhouse Gases के उत्सर्जन कम करने और Global warming को वापस करने हेतु पृथ्वी के तापमान को औद्योगिक क्रांति के पहले के स्तर ( लगभग सन 1750)  से 2℃ कम पर लाने हेतु एक समझौता हुआ जिंसमे 195 देशो ने हस्ताक्षर किये , 

दुनिया के सबसे बड़े Greenhouse Gases के उत्सर्जक देश , इसमे कार्बन डाइऑक्साइड, मीथेन और अन्य हानिकारक गैस शामिल है-
1. China- 29.7%
2. USA- 16.49%
3. India- 7.1%
4. Russia- 4.8%
5. Japan- 3.4%
6. Germany- 2.1%
7. Iran- 1.8%

गौरतलब है कि विश्व मे प्रति व्यक्ति प्रदूषण उत्सर्जन में ये आंकड़े एकदम अलग है देखिये-
1. USA- 16.1
2. Russia- 12.7
3.Japan- 9.9
4.  Germany- 9.6%
5. Iran- 8%

कैसे काम करेगा पेरिस समझौता- 

पेरिस एकॉर्ड 14 नवंबर 2016 से प्रभावी हुआ है इसके अनुसार ग्रीनहाउस गैसों का उत्सर्जन करने वाले यंत्रो जैसे कि फ्रिज, AC आदि का विकल्प खोजना होगा और नई टेक्नोलॉजी कम विकसित देशों को मुहैया करानी होगी, 

इस समझौते में 2020 से विकासशील देशों को Green Technology और Finance भी विकसित देशों द्वारा बहुत सस्ती दरों पर देनी होगी ताकि पूरा विश्व बढ़ते तापमान से बच सके।


अमेरिका द्वारा विरोध- 1 जून 2017 को राष्ट्रपति ट्रम्प ने घोषणा की कि अमेरिका जो कि ग्रीनहाउस गैसों के उत्सर्जन में चीन के बाद दुनिया में दूसरा सबसे बड़ा उत्सर्जक देश है ने इस समझौते से बाहर निकलेगा,

बहरहाल sec 28 के तहत जब भी कोई देश पेरिस समझौते से निकलने की नोटिस देगा तो 3 साल बाद उसे बाहर किया जा सकेगा उस लिहाज से 4 नवंबर 2020 के बाद अमेरिका इस समझौते से बाहर हो सकता है पर शायद इसकी आवश्यकता न पड़े। 

जानिए क्या है
Greenhouse Gases-  https://en.m.wikipedia.org/wiki/Greenhouse_gas


 Kyoto Protocol-www.kyotoprotocol.com





TheLogicalNews
(Stay  Updated) 

3.9.17

देश मे नेताओ की शख्त कमी , अधिकारियों से भरी मोदी कैबिनेट में परिवर्तन के बाद विभाग आवंटित, पढिये किसको मिला कौन सा विभाग

दिल्ली


आज हुए कैबिनेट परिवर्तन के  बाद अधिकारियों से भरी मोदी की कैबिनेट, राष्ट्रपति भवन में मंत्रियों के शपथ ग्रहण के बाद अब उनके विभागों का बंटवारा भी कर दिया गया है.

सरकार में 4 नौकरशाहों को मंन्त्री बनाने के बाद पटना में अनुग्रह नारायण इंस्टीट्यूट ऑफ़ सोशल साइंस के पूर्व निदेशक और अर्थशास्त्र के प्रोफ़ेसर डीएम दिवाकर कहते हैं, ''मोदी सरकार में औसत दर्जे के लोगों की पूछ है. ये प्रतिभाशाली लोगों को बर्दाश्त नहीं करते हैं. नीति आयोग के चेयरमैन अरविंद पनगड़िया, पूर्व अटॉर्नी जनरल मुकुल रोहतगी और रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन को मिसाल के तौर पर देखा जा सकता है. आख़िर इन्होंने अपने-अपने पदों की बजाय अपने मूल पेशे में जाना क्यों पसंद किया?''

शपथ ग्रहण समारोह में 4 मंत्रियों को प्रमोशन मिला है. मुख्तार अब्बास नकवी, निर्मला सीतारमण, पीयूष गोयल और धर्मेद्र प्रधान को प्रमोशन दिया गया है. उन्हें राज्यमंत्री से कैबिनेट का दर्जा दिया गया है.

इसके अलावा नये चेहरों में से अनंत हेगड़े, वीरेंद्र कुमार और हरदेव सिंह पुरी को राज्यमंत्री बनाया गया है. मुंबई पुलिस के पूर्व कमिश्नर और बागपत से सांसद सतपाल सिंह तथा पूर्व गृह सचिव और बिहार के आरा से सांसद आरके सिंह को भी राज्यमंत्री बनाया गया है. गजेंद्र सिंह, अल्फोंस कन्नाथनम, शिवप्रताप शुक्ला और अश्विनी चौबे को भी राज्यमंत्री बनाया गया है.

मंत्रियों के विभागों का बंटवारा इस तरह है-

कैबिनेट मंत्री

1. धर्मेंद्र प्रधान- कौशल विकास व पेट्रोलियम मंत्रालय

2. पीयूष गोयल- रेल मंत्रालय

3. निर्मला सीतारमण- रक्षा मंत्रालय

4. मुख्तार अब्बास नकवी- अल्पसंख्यक मंत्रालय

5. सुरेश प्रभु- वाणिज्य मंत्रालय

6. स्मृति ईरानी- सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय

7. नितिन गडकरी- केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय, जल संसाधन मंत्रालय

8. उमा भारती- पेयजल एवं स्वच्छता मंत्रालय

 राज्यमंत्री

1. शिव प्रताप शुक्ला - वित्त राज्यमंत्री

2. अश्विनी कुमार चौबे- स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्यमंत्री

3. वीरेंद्र कुमार- महिला एवं बाल विकास राज्यमंत्री

4. अनंत कुमार हेगड़े  - कौशल विकास राज्यमंत्री

5. राजकुमार सिंह (पूर्व ब्यूरोक्रेट)- ऊर्जा एवं नवीकरणीय एवं अक्षय ऊर्जा मंत्रालय (स्वतंत्र प्रभार)

6. हरदीप सिंह पुरी (पूर्व IAS) - आवास एवं शहरी मामलों का मंत्रालय (स्वतंत्र प्रभार)

7. गजेंद्र सिंह शेखावत- कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय

8. सत्यपाल सिंह (पूर्व IPS) एचआरडी मंत्रालय

9. अल्फोंस कन्ननथनम- (पूर्व IAS) पर्यटन मंत्रालय (स्वतंत्र प्रभार)

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14.8.17

गोरखपुर त्रासदी पर LogicalNews की रिपोर्ट, डिम्पल यादव कनेक्शन, कमीशन का खेल और CM योगी के प्रति साजिश का परदा फाश


लख़नऊ

प्रदेश का मुख्यमंत्री अपने जिले की 3 घंटे समीक्षा बैठक करके जानना चाहता था कि इंसिफेलाइटिस से जूझ रहे बच्चों  के इलाज में कोई कमी तो नही है, दवाएं और अन्य आवश्यक उपकरण मौजूद तो है? रोगियों को कोई दिक्कत तो नही आएगी, कोई कमी हो तो हमको अभी बताइए???

अस्पताल प्रशासन के इंचार्ज राजीव मिश्रा और DM राजीव रौतेला  ने पूरी तरह आश्वस्त कर दिया कि साहब आप तो लखनऊ जाओ इँहा हम संभाल लेंगे.. सब कुछ मौजूद है सही है चिंता की कोई बात नहीं

एक मुख्यमंत्री इससे ज्यादा क्या चाहेगा वो सिर्फ अपने अधीन लोगो से रिपोर्टिंग ही ले सकता है नाकि खुद सब चेक करने लगे इसके बाद भी CM योगी ने अस्पताल जाकर रोगियों का हालचाल लिया और इसेफिलाइटिस से होने वाली मौतें जिनसे वो 1978 से लड़ रहे है के विषय मे हिदायत देकर वापस चले गए

अब इस मामले में योगी जी को गलत बताने वाले लोग हमको बताएं कि इससे ज्यादा कोई CM क्या कर सकता है जब हर आदमी झूठ बोले।

साजिश की आती है बू

गैस सप्लाई करने वाली कम्पनी पुष्पा_सेल्स का मालिक मनीष भंडारी उत्तराखंड मूल से है जो लखनऊ में निवास करता है, डिम्पल_यादव (पूर्व में डिम्पल रावत) के परिवार से घनिष्ठ सम्बन्धो का लाभ उठाकर इसे कई अस्पतालों में गैस सप्लाई का ठेका मिला था जहां ये ओवर बिलिंग करके मनमाने बिल भेजकर कमीशन देकर भुगतान लिया करता था,
जब तक सपा सरकार रही तब तक इसका गोरखधंधा चलता रहा।

पर bjp सरकार बनते ही अस्पताल प्रशासन इसे सबक सिखाने के मूड में आ गया, अब अस्पताल प्रशासन के उच्चाधिकारियों द्वारा इससे ज्यादा कमीशन की मांग की गई और इसके बिल लटका दिए गए, और दूसरी कम्पनियों को ठेका देने की कवायद शुरू हो गयी।

कमीशन के झगड़े में 31 मार्च को इस मद का सारा बजट खर्च न होने के कारण लैप्स हो गया, जिससे कम्पनी का भुगतान लटक गया। और अब बढ़ते बढ़ते 69 लाख हो गया था,
पर मनीष भंडारी बड़ा सप्लायर था, मात्र 69 लाख के लिए बड़ी कम्पनी का मालिक सैंकड़ो बच्चों की जान नही ले सकता था!!

अब मुख्यमंत्री के अस्पताल दौरे के तुरन्त बाद जिस प्रकार अचानक से ऑक्सिजन सप्लाई बंद कर दी गयी और सैंकड़ो मासूमो की एक प्रकार से निर्मम हत्या कर दी गयी इसमे निश्चित रूप से कमीशन के झगड़े के साथ साथ राजनैतिक साजिश की भी बू आ रही है।।

इस मनीष भंडारी के राजनैतिक कनेक्शन की पूरी जांच कर साजिश का खुलासा होने बेहद जरूरी है और अस्पताल के प्रिंसिपल डॉक्टर राजीव मिश्रा, मनीष भंडारी ,डीएम राजीव रौतेला, स्वास्थ्य विभाग के उच्चाधिकारियों पर हत्या का मुकदमा दर्ज कर इन्हें जेल में डालना जरूरी है।

ये आपराधिक negligence का केस है इसमें कठोर सजाएं देनी होंगी और छोटे कर्मचारियों को नही बल्कि उच्च पदाधिकारियों को नापना होगा....... क्योंकि बड़े अधिकारी एक हो छोटे को फंसवा देते है.
मीडिया का योगी विरोधी चेहरा सामने आया

CM योगी ने गलत तथ्य पेश करने वाले ठेकेदार व अन्यों के खिलाफ जांच कर एक सप्ताह में रिपोर्ट देने को कह दिया गया है। यह भी पता चला है कि गैस ठेकेदार अखिलेश यादव के ससुराल पक्ष का जानकार है,CM योगी ने जो प्रेस से कहा उससे कुछ बातों का निष्कर्ष निकलता है, वह है:-

1) योगी सरकार के पास अस्पताल प्रशासन का बकाया वाला पत्र 4 अगस्त को पहुंचा था और उस पर तुरंत एक्शन लेते हुए सरकार ने एक दिन बाद ही 5 अगस्त को अस्पताल प्रशासन को गैस ठेकेदार के 68 लाख बकाए के एवज में 2 करोड़ रुपया जारी कर दिया था।

3) प्रिंसिपल यह पैसा दबा ले गया और उसने 68 लाख का बकाया 11 अगस्त को ठेकेदार को जारी किया, यानी रकम मिलने के 6 दिन बाद।

4) योगी स्वयं 9 अगस्त को वहां गये थे, लेकिन प्रिंसिपल ने बकाया का मुद्दा नहीं उठाया, क्योंकि उसे तो फंड मिल चुका था! वह झूठ बोल कर फंस जाता!

5) 9 अगस्त की बैठक के बाद प्रिंसिपल सीधे ऋषिकेश भाग गया, जो संदेह उत्पन्न करता है। उसे इसीलिए तत्काल बर्खास्त किया गया है।

6) लिक्विड आक्सीजन की आपूर्ति कुछ समय के लिए ठप हुई, हालांकि उस दौरान सिलेंडर आक्सीजन उपलब्ध था और उस दौरान किसी बच्चे की भी मृत्यु नहीं हुयी , बार-बार स्वयं मुख्यमंत्री व स्वास्थय मंत्री द्वारा औपचारिक बयान के बावजूद कि सिलेंडर की कमी से एक भी बच्चे की मौत नहीं हुयी; मीडिया द्वारा केवल इस पर जोर देना संदेह पैदा करता है!

7) हर साल अगस्त महीने में प्रतिदिन 19 से 22 बच्चों की मौत उस अस्पताल में होती रही है।
इसीलिए अगस्त में ही प्रिंसिपल द्वारा ठेकेदार के बकाए रकम की मांग सरकार को भेजना,
चिट्ठी के अगले ही दिन फंड रिलीज होने पर उसे दबा कर बैठ जाना, और सबसे बड़ी बात कि कुछ समय के लिए आक्सीजन सप्लाई में ठेकेदार द्वारा कोताही;
लगता है न्यूजमेकरों ने बड़ी साजिश के साथ जाल को बुना था!

डॉक्टर कफील की भूमिका संदिग्ध- 

गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में कई बच्चों की मौत के बाद जिस डॉक्टर कफील अहमद को हीरो बनाने की कोशिश हो रही है उनकी सच्चाई भी सामने आ रही है। मेडिकल कॉलेज से जुड़े कई लोगों ने उन मीडिया रिपोर्ट्स पर हैरानी जताई है जिनमें कफील को किसी फरिश्ते की तरह दिखाया गया है। जबकि सच्चाई बिल्कुल अलग है। डॉ कफील मोहम्मद बीआरडी मेडिकल कॉलेज के इन्सेफेलाइटिस डिपार्टमेंट के चीफ नोडल ऑफिसर हैं। वो मेडिकल कॉलेज से ज्यादा अपनी प्राइवेट प्रैक्टिस के लिए जाने जाते हैं। आरोप है कि वो अस्पताल से ऑक्सीजन सिलेंडर चुराकर अपने निजी क्लीनिक पर इस्तेमाल किया करते हैं। न्यूज़लूज़ को मिली जानकारी के मुताबिक कफील और प्रिंसिपल राजीव मिश्रा के बीच गहरी साठगांठ थी और दोनों इस हादसे के लिए सबसे ज्यादा जिम्मेदार हैं। लेकिन बच्चों की मौत के बाद उसने मातम मना रहे कुछ मां-बाप के पास खड़े होकर रोनी सी शक्ल बनाकर फोटो खिंचवा ली और अपने करीबी पत्रकारों की मदद से फर्जी खबरें छपवा दीं।

कफील की भूमिका की जांच जरूरी

मेडिकल कॉलेज के कई कर्मचारियों ने हमें बताया कि शुक्रवार को जब बच्चों की मौत की खबर पर हंगामा मचा तो कफील अपने प्राइवेट अस्पताल में थे। वहां से उन्होंने कुछ सिलेंडरों को अस्पताल भिजवा दिया। क्योंकि ये वो सिलेंडर थे जो वो खुद मेडिकल कॉलेज से चोरी करके ले गए थे। उन्होंने मीडिया को बताया कि इन सिलेंडरों का इंतजाम उन्होंने अपनी जेब से किया है। जबकि ऐसा कुछ नहीं था। एक डॉक्टर जो खुद परचेज कमेटी का मेंबर हो वो ऐसा करने के बजाय सरकारी तरीके से पहले ही सिलेंडर खरीद सकता था। दिन में भी जब मीडिया पहुंची तो बार-बार कफील ही बाहर आकर मीडिया से बात करने लगे। जबकि वो इसके लिए अधिकृत नहीं हैं। बाकी डॉक्टरों का ध्यान बच्चों की देखभाल में था, लेकिन कफील का ध्यान मीडिया पर था। आखिरकार उन्होंने अपने बारे में झूठी खबरें प्लांट करके खुद को पूरे वाकये का हीरो बनवा ही लिया।

त्रासदी और उसके बाद सरकार की किरकिरी के जिम्मेदार हैं ये IAS और मंत्री भी-

अनिता भटनागर- 

UP की चिकित्सा शिक्षा विभाग की प्रमुख सचिव अनिता भटनागर जैन जो कि पिछली सरकार में कई क्रीम विभागों में रही उनको इस सरकार में भी कई पैरवीकारों ने फिर के अच्छे विभाग दिलवा दिए अनिता भटनागर की भूमिका भी कमीशन खोरी में संदिग्ध है आखिर क्यों फरवरी से आ रहे पत्रों को सचिव ने कूड़े की टोकरी में फेंका, 
 आखिर क्यों मार्च में बजट लेप्स हो गया पर किसी मेडिकल कॉलेज का भुगतान नही किया गया।
आखिर जब पूरी दुनिया मे हल्ला मचा था तो अनिता भटनागर अपन आफिस बंद करने बैठी थी इनके ऊपर सख्त कार्यवाही जरूरी है।

सिद्धार्थ नाथ सिंह- 

UP की पार्ट टाइम स्वास्थ्य मंत्री जी ने भी योगी सरकार की इमेज बिगड़ने में कोई कास्ट नही रखी पहले तो चीजों पर इनकी कोई पकड़ नाजी है उंसके बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में पिछले 3 सालों में हुई मौतों का आंकड़ा देते दिखे और बेशर्मी से हंस रहे थे इनके नाना पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री जी ने रेल दुर्घटना पर नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा दे दिया था और ये बेशर्मी से बच्चो की मौत पर हंस रहे थे।

DM गोरखपुर राजीव रौतेला- 

जब सबसे पहले ये मामला आया तो DM रौतेला ने ये स्वीकारा की 30 बच्चों की मौत ऑक्सीजन रुकने से हुई उंसके बाद आशुतोष टंडन से बात करते समय झूठ बोल दिया की सिर्फ 7 लोगों की मौत हुई है उंसके बाद अपनी रिपोर्ट में फिर स्वीकार किया कि ऑक्सीजन रुकने से हुई घटना, इसके अलावा जिले के स्वास्थ्य समिति का अध्यक्ष होने के बाद भी BRD में चल रही अनियमितता की DM कोई जानकारी नहीं थी जो कि घोर लापरवाही है।

आशा है कि चीफ सेक्रेटरी राजीव कुमार अपनी रिपोर्ट में इन बिंदुओ का जरूर ध्यान रखेंगे।


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8.8.17

Whatsapp को टक्कर दे रहा सऊदी अरब का सराहा App


Whatsapp को टक्कर दे रहा सऊदी अरब का सराहा app.

सऊदी अरब के एक IT प्रोफेशनल 29 वर्षीय जेन अल-अबीदीन तौफ़ीक का बनाया App सराहा हो रहा दुनिया मे पापुलर,

गूगल प्ले स्टोर से 5 मिलियन (50 लाख)  बार Download किये जा चुके इस APP में है कई खूबियां जिनके बलपर ये दुनिया के पिछले 3 महीने में सबसे तेज लोकप्रिय होने वाला app बन गया

क्या है खास-
सराहा APP में व्हाट्सएप के जैसे फीचर्स नही है इसमें आप दुनिया के किसी भी नंबर पर मैसेज भेज सकते हैं जबकि पाने वाला ये जान नही पाएगा कि उसे मेसेज किसने भेजा है।

इसमे सबसे अच्छा फ़ीचर ये है कि आप अपने भेजे गए मेसेज को खुद Delete कर सकते है या उसे Recipient ने पढ़ा हो या नही इन चीजों के कारण इसको युवा पसंद कर रहे है खासकर जब भेजने वाला अपनी पहचान गुप्त रखना चाह रहा हो।

इस बड़ी सफलता कर बाद तौफीक से मीडिया द्वारा जब यह पूछा गया कि क्या वो इसे बनाते समय यह सोच रहे थे कि ये इतना लोकप्रिय हो जाएगा?

तौफ़ीक ने कहा कि वो आशावादी थे, सोच रहे थे की डाउनलोड की संख्या 1000 तक पहुंचेगी, लेकिन अब ये गूगल प्ले स्टोर पर ही 50 लाख से भी ऊपर पहुंच गई है.

यह पूछे जाने पर कि अगर लोगों को मैसेज भेजने वाले का पता नहीं चलेगा तो इसका गलत इस्तेमाल भी धड़ल्ले से हो सकता है, उन्होंने कहा कि ऑनलाइन उत्पीड़न, शोषण या बुरा व्यवहार करने से रोकने की भी सख़्त व्यवस्था भी है. यहां ब्लॉक या फिल्टर करने की सुविधा भी मौज़ूद है.

साथ ही आप को ये जान कर बहुत आश्चर्य भी होगा कि इस APP को बनाने वाली कंपनी www.Sarahah.com में सिर्फ 3 कर्मचारी काम करते है और इन मे से सिर्फ 1 तौफीक ही मुसलमान है, सऊदी अरब की भाषा मे सराहा का मतलब होता है ईमान ( Honesty)


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6.8.17

7 अगस्त को दिन भर मनाया जाएगा रक्षाबंधन , सभी भ्रांतियां का करें त्याग, जाने उचित समय


लख़नऊ

रक्षाबंधन विचार:
रक्षाबंधन हिन्दू धर्म का प्रमुख त्योहार है जो सतयुग से मनाया जाता है इसकी नींव स्वयं भगवान विष्णु व माता लक्ष्मी ने डाली और ये हर वर्ष श्रावण सुदी पूर्णिमा को दिन में मनाया जाता है जिसे एक नियतकर्म माना जाएगा।
7 अगस्त को सुबह 6 बजे सूर्योदय होगा और दिन में 2.10 PM तक पूर्णिमा का मान है परंतु रक्षाबंधन पूरे दिन मनाया जाएगा

भद्रा विचार-
रक्षाबंधन के दिन भद्रा का काल 10.58 AM तक है, चंद्रमा मकर राशि में होने के कारण भद्रा का निवास पाताल लोक में होगा अतः भद्रा का प्रभाव पृथ्वी पर नही पड़ेगा, परंतु इस समय भद्रा का निरादर न करते हुए 11 AM तक रक्षाबंधन नही करना चाहिए।

ज्योतिष के ग्रंथ व्रतराज के अनुसार भद्रा कही भी हो पर उसका परिहार करना चाहिए और अपराह्न में ही रक्षा सूत्र बांधने चाहिए।

चंद्रग्रहण काल-

ज्योतिष व धार्मिक ग्रंथ निर्णय सिंघु व धर्म सिंघु के अनुसार ग्रहण का सूतक 9 घंटे पहले लगता है
रात 10.58 से 12.55 तक खंडग्रास चंद्रग्रहण भारत मे लगेगा जिसका सूतक दिन में 1.58PM से प्रभावी होगा, इस बीच सभी शुभ कार्य वर्जित है और नए काम नही करने चाहिए।

रक्षाबंधन पर ग्रहण का क्या है प्रभाव - 

वैदिक ग्रंथ धर्म सिंधु व ज्योतिष ग्रंथ निर्णय सिंधु के अनुसार किसी भी त्योहार खास कर रक्षाबंधन पर चंद्रग्रहण और संक्रांति के सूतक का प्रभाव नही पड़ेगा सिर्फ ग्रहण काल ( राहु दर्शन समय 10.58-12.55) के समय राखी नही बांधनी चाहिए।

रक्षाबंधन हेतु उपयुक्त समय

इन सभी विचारो के बाद ये सिध्द है कि रक्षाबंधन अपराह्न में मनाया जाने वाला त्योहार है जिसके लिए प्रदोष काल सर्वोत्तम माना गया है।
 अतः बहनों को चाहिए कि दिन में 11 बजे के बाद रात के 10 बजे तक अपने भाइयों को करें टीका और राखी बांधे किसी भी भ्रांति में पडने की आवश्यकता नहीं है।

वैसे तो 11Am के बाद अच्छा समय रक्षाबंधन हेतु है पर नीचे दिए गए मुहूर्त बहुत शुभ है
 अति शुभ मुहूर्त
अभिजित मुहूर्त - 11.45 से 12.38PM
प्रदोष काल- शाम 6 PM से 8 PM तक अति शुभ है।

विशेष- रक्षाबंधन के अतिरिक्त अन्य शुभ कार्यो में ग्रहण के सूतक का विचार करना चाहिए, नया काम करने, गर्भवती महिलाओं को सूतक के नियम मनाने चाहिये।

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27.7.17

डोकलाम विवाद पर क्यों भड़का हुआ है चीन, क्या भारत से लड़ने की हिम्मत है चीन में


A Concise analysis by Logical Research

Chinese Propaganda News channel Global Times और सरकारी न्यूज़ Agency शिन्हुआ ने अपने आज के लेख में डोकलाम विवाद के लिए अमेरिका और पश्चिमी देशों पर दो पड़ोसियों को उकसाने का लगाया आरोप।

शिन्हुआ ने Economic growth की policies के लिए PM मोदी की तारीफ की है भारत के NSA अजित डोभाल चीन दौरे पर है, Global Times  ने कहा है कि डोभाल के दौरे से चीन के रूख में कोई बदलाव नही होगा अगर भारत पीछे नही हटा तो चीनी कश्मीर में करेंगे दखल।


असल मे ये दिखाता है कि चीन भारत से लड़ने की हिम्मत नहीं रखता पर नवंबर में होने वाली Chinese Communist Party की पोलित ब्यूरो की मीटिंग में शि-जिनफिंग कमजोर न दिखाई पढ़ें इस लिए धमकी भी दे रहा है।

Analyst इस बात को लेकर आश्वस्त है कि आगामी सर्दियों तक चीनी सरकार भारत के साथ इस विवाद को सुलझा लेगी, 

चीनी मीडिया जिस पहाड़ से भी उचे स्वाभिमान वाले सैनिकों की दुहाई दे रही थी उन चीनी सैनिकों को भारतीय सेना ने 150 मीटर पीछे धकेल दिया है ये बर्दाश्त करने में थोड़ा समय लगेगा चीनियों को।

असल मे चीन का सबसे नजदीकी युद्द का अनुभव 1979 का वियतनाम से युद्द का है जिसमें उसने कंबोडिया पर कब्जा करने के आरोप में वियतनाम पर हमला बोला था और कुछ दिनों बाद खुद ही एकतरफा जीत की घोषणा कर दी व अपनी सेनाएं वापस बुला ली थी जबकि वियतनाम की सेनाएं कंबोडिया में 1989 तक जमी रही,  जबकि भारत ने 18 साल पहले 1999 में कारगिल युद्ध डंके की चोट पर जीता है ।

इन कारणों से चीन भारत जैसे अन्तराष्ट्रीय राजनीति में अतिसक्रिय देश के साथ युद्द भूल कर भी नही करेगा क्योंकि उसको पाक के अलावा कोई सहयोगी दुनिया मे।नही दिख रहा साथ ही कमजोर होती अर्थव्यवस्था भी रोडे अटका रही है।

-Logical Research.
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20.7.17

मंत्री की कुर्सी पर जा बैठा युवक, FB पर डाली फोटो, हुआ गिरफ्तार

 लख़नऊ

बाराबंकी के एक युवक ने पहले तो प्रदेश सरकार के शिक्षामंत्री संदीप सिंह की कुर्सी पर बैठकर फोटो खिंचवाई। इसके बाद फोटो फेसबुक पर अपलोड कर दी। 

फोटो के नीचे टिप्पणी लिखी कि "शिक्षामंत्री की कुर्सी का आनंद लेते हुए....."

इसके बाद फोटो तेजी से वायरल होने लगी। इसके बाद मंत्री के पीएस की शिकायत पर हुसैनगंज पुलिस ने आरोपी युवक को हिरासत में ले लिया। हालांकि देररात तक मंत्री की तरफ से कोई तहरीर नहीं दी गई थी।

इंस्पेक्टर राजकुमार सिंह के मुताबिक, बाराबंकी के हैदरगढ़ निवासी अजय तिवारी ईद के दिन शिक्षामंत्री संदीप सिंह के आवास पर मिलने गया था। इस दौरान शिक्षामंत्री के दफ्तर में उनकी कुर्सी खाली दिखी तो वह उस पर बैठ गया। यही नहीं, इसके बाद कई फोटो भी खींच लिए। 


इसके बाद अजय ने यह फोटो फेसबुक पर अपलोड कर दिए। फोटो के नीचे टिप्पणी लिखी की शिक्षामंत्री की कुर्सी का आनंद लेते हुए.....। जब फेसबुक पर अपने कार्यालय की फोटो वायरल होने की सूचना मिली तो मंत्री के होश उड़ गए। उन्होंने इस संबंध में अपने पीएस से थाने में शिकायत करने को कहा। 

पीएस ने हुसैनगंज इंस्पेक्टर राजकुमार सिंह से संपर्क कर मामले की पूरी जानकारी दी। इसके बाद साइबर सेल की मदद से आरोपी युवक के  बारे में जानकारी हासिल कर उसे दबोच लिया गया। इंस्पेक्टर ने बताया कि आरोपी युवक हिरासत में मंत्री के पीएस की तहरीर का इंतजार किया जा रहा है। 

TheologicalNews.org
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11.7.17

योगी सरकार ने पेश किया 3.84 लाख करोड़ का अपना पहला बजट

लख़नऊ
UP सरकार ने अपना पहला बजट पेश किया ,
विपक्ष के हंगामे के बाद भी सदन में पेश हुए बजट, वित्त मंत्री राजेश अग्रवाल ने विधानसभा में और डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा ने पेश किया बजट, विपक्ष के हंगामे के कारण पूरा बजट भाषण नही पढ़ सके दिनेश शर्मा,

जानिये किन बड़ी योजनाओं के लिए कितना बजट हुआ अलॉट, वित्तमंत्री के भाषण के प्रमुख अंश-

3.84 लाख करोड़ का बजट सदन में पेश किया गया,55781 करोड़ रुपए की नई योजनाएं बजट में शामिल, 10% विकास दर प्राप्त करना लक्ष्य
कौशल विकास को बढ़ावा देना बजट मे शामिल,24 जनवरी UP दिवस मनाने की योजना,पूंजी निवेश योजना की नीति लागू की जा रही-वित्तमंत्री
बजट में 55 हज़ार 781 करोड़ की नई योजनाएं शामिल,2017-18 वर्ष में राजस्व प्राप्ति का अनुमान 3 लाख 77 हज़ार करोड़, 12378 करोड़ की बचत का अनुमान

किसानों के मुद्दे-
2017-18 में 42 हज़ार 967 करोड़ के राजकोषीय घाटे का अनुमान,किसान कर्जमाफी के लिए 36 हज़ार करोड़ की बजट मे व्यवस्था, 

पं.दीनदयाल उपाध्याय किसान समृद्धि योजना की शुरुआत,किसान समृद्धि योजना के लिए 10 करोड़ का बजट,
वर्मी कम्पोस्ट खाद के लिए 19 करोड़ 56 लाख का बजट,सिंचाई के लिए स्प्रिंकलर के लिए 10 करोड़ 41 लाख का बजट, 

सोलर पंप योजना के लिए 125 करोड़ का बजट,गन्ना किसानों की उपज बाजार तक पहुंचाएगी सरकार,
ग्रामीण क्षेत्रों में संपर्क मार्गों के निर्माण के लिए 200 करोड़ का बजट,संपर्क मार्गों के रखरखाव के लिए 250 करोड़ का बजट,

कानपुर,फैजाबाद,मेरठ,बांदा,इलाहाबाद में फसलों पर होगा शोध,सेंटर ऑफ इक्सीलेंस की स्थापना के लिए 10 करोड़,चीनी उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए 273 करोड़ का बजट,बंद मुंडेरवा चीनी मिल की जगह नये प्लांट के लिए 270 करोड़, निर्माणाधीन चीनी मिल सठियांव के लिए 33 करोड़ 35 लाख,रमाला सहकारी चीनी मिल के लिए 84 करोड़ का बजट, सब्जियों के उत्पादन-प्रबंधन के लिए 25 करोड़ का बजट,

विकास के मुद्दे-

कानपुर,वाराणसी,आगरा,गोरखपुर शहरों में मेट्रो का प्रस्ताव, मेट्रो रेल परिजयोजनाओं के लिए 288 करोड़ का बजट,सड़कों के चौड़ीकरण के लिए 598 करोड़ का बजट,

गांव को पक्के मार्गों से जोड़ने,छोटे पुलों के लिए 451 करोड़,जिला मुख्यालयों को फोर लेन से जोड़ने के लिए 71 करोड़, सड़कों के रखरखाव,गड्ढा मुक्त के लिए 3 हज़ार 972 करोड़,उप्र राज्य सड़क विकास निगम की स्थापना होगी, उप्र राज्य सड़क विकास निगम के लिए 50 करोड़ का बजट,

चल रही विशेष योजनाओं को बजट-

पूर्वांचल की विशेष योजनाओं के लिए 300 करोड़ का बजट, बुंदलेखंड की विशेष योजनाओं के लिए 200 करोड़ का बजट,पं.दीनदयाल उपाध्याय नगर विकास योजना के लिए 300 करोड़

प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना के लिए 3 हज़ार करोड़,शहरों में मलिन बस्ती विकास के लिए 385 करोड़ का बजट,पं.दीनदयाल अंत्योदय शहरी आजीविका मिशन के लिए 218 करोड़,गांवों में दीनदयाल उपाध्याय सोलर स्ट्रीट के लिए 30 करोड़

नई योजनाओं को बजट-

हवाई पट्टियों के निर्माण,रखरखाव,जमीन अधिग्रहण के लिए 400 करोड़,बेसहारा पशुओं के लिए कान्हा गौशाला एवं बेसहारा पशु आश्रय योजना के लिए 40 करोड़ का बजट

वाराणसी,फैज़ाबाद,अयोध्या,नैमिषारण्य,चित्रकूट,विंध्याचल ,कुशीनगर, गोला गोकर्णनाथ,मथुरा,गोरखपुर,देवा शरीफ में बस अड्डों का उच्चीकरण और नव निर्माण होगा

औद्योगिक विकास पर बजट- 

औद्योगिक निवेश एवं रोजगार प्रोत्साहन नीति 2017,रोजगार प्रोत्साहन के क्रियान्वयन लिए 20 करोड़ का बजट,सिंगल विंडो क्लीयरेंस के लिए 10 करोड़ का बजट,स्कूलों में बच्चों को बैग बांटने के लिए 100 करोड़ का बजट

शिक्षा पर बजट आवंटन

स्कूलो मे बच्चो को जूता,मोजा,स्वेटर बांटने के लिए 300 करोड़,बच्चो को यूनिफॉर्म और किताबो के लिए 124 करोड़ का बजट, 

लड़कियों को स्नातक तक निशुल्क शिक्षा देगी सरकार,अहिल्याबाई निशुल्क शिक्षा योजना के लिए 21 करोड़ का बजट,
दसवीं तक के पिछड़े वर्ग के छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति मिलेगी,दसवीं तक छात्रवृत्ति के लिए 142 करोड़ का बजट,

दसवीं से ऊपर छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति के लिए 1 हज़ार 61 करोड़ का बजट, अल्पसंख्यक समुदाय के लिए स्कालरशिप हेतु 942 करोड़ का बजट।

सरकारी,प्राइवेट डिग्री कॉलेज,विवि में WiFi के लिए 50 करोड़ का बजट अलाट,

अन्य खास घोषणाएं-

किसान और दुर्बल आय वर्ग  के लिए 5 लाख तक का बीमा होगा,किसान बीमा योजना के लिए 692 करोड़ का बजट,
फेरी लगाने वालों का होगा रजिस्ट्रेशन,स्वच्छ भारत अभियान के लिए 3255 करोड़जिंसमे से शहरों के लिए 1000 करोड़

2019 में प्रस्तावित अर्ध कुम्भ के लिए 500 करोड़,प्रदेश में बाढ़ नियंत्रण 674.30 करोड़ की व्यवस्था
वाराणसी संस्कृति केंद्र के लिए 200 करोड़ की व्यवस्था।

प्रसाद योजना के लिए अयोध्या, मथुरा, काशी में 800 करोड़,अमृत योजना के लिए 2000 करोड़, स्मार्ट सिटी को 1500 करोड़।

कानून व्यवस्था के लिए थानों की कार्यप्रणाली में सुधार होगा, 33000 पुलिसकर्मियों की भर्ती प्रक्रिया शुरू, नदी प्रदूषण नियंत्रण कार्यक्रम के तहत 15 करोड़ ।

दुग्ध संघो को पुनर्जीवित करने केलिए 75 करोड़,गौसेवा आयोग केलिए 15 करोड़,नेपाल जुड़े जिलो की सड़को केलिए 251 करोड़।

झीलों,तालाबों के संरक्षण के लिए 70 करोड़ का बजट,डॉ.एपीजे अब्दुल कलाम नगरीय सौर कुंज योजना के लिए 50 करोड़ का बजट घोषित

बाढ़ नियंत्रण और जल निकासी के लिए 647 करोड़,प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के लिए 112 करोड़ का बजट


सरकार की आय के क्या रहेंगे स्रोत

आबकारी शुल्क से राजस्व का लक्ष्य 20593.23 करोड़,
State GST और VAT से लक्ष्य 65000 करोड़,
स्टाम्प पंजीयन से 17458.34 करोड़ का राजस्व प्रस्तवित,
वाहन कर लक्ष्य 5481.20 करोड़ रखा गया है,
मथुरा गीता शोध संस्थान के लिए 1 करोड़ की व्यवस्था,
ज़िलो से जुड़ी सड़को को सुधारने के लिए Asian Development Bank से 2782करोड़ का अनुबंध,रकम का 70%हिस्सा कर्ज़ रूप मे होगा.


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5.7.17

भारत- इसराइल के बीच अत्याधुनिक हेरान TP ड्रोन को लेकर समझौता, जानिए खासियत

तेल अवीव

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इजरायल दौरे से दुनिया की शक्ति संतुलन बदलने की संभावना इस दौरे से अमेरिका + भारत+ इसराइल का नया शक्ति संयोग दिखेगा इस दौरे के सांस्कृतिक राजनीतिक सहयोग के साथ आतंकवाद के खिलाफ लड़ाने लड़ने में भी भारत को इस मजबूती मिलने वाली है. 

इजरायल से भारत को दुश्मनों को नेस्तनाबूत करने वाल ताकतवर ड्रोन मिलने वाला है. पीएम मोदी के दौरे पर इजराइल के 10 हेरॉन टीपी ड्रोन को लेकर अहम डील होने वाली है, जो 400 मिलियन डॉलर का करार होगा.
2015 में भारत में किया था प्रदर्शन

अब ऐसा पहली बार होगा जब भारतीय सेना लड़ाकू ड्रोन्स से लैस होगी. इजरायल से भारत को गाइडेड मिसाइलों से लैस 10 हेरॉन-टीपी लड़ाकू ड्रोन की डिलीवरी शुरू होने वाली है. भारत के रक्षा मंत्रालय ने साल 2015 में इजरायल के साथ हेरॉन-टीपी ड्रोन की डील को मंजूरी दी थी. इजरायल ने फरवरी 2015 में बंगलुरु के एयरो इंडिया शो में हेरॉन टीपी ड्रोन का प्रदर्शन किया था. जिसके बाद 11 सितंबर 2015 को रक्षा मंत्रालय ने इजराइल से 400 मिलियन डॉलर में 10 मिसाइल-सशस्त्र ड्रोन की खरीद को मंजूरी दी थी. पिछले साल जब भारत मिसाइल प्रौद्योगिकी नियंत्रण शासन यानी MTCR का सदस्य बना तो इजरायल से लड़ाकू ड्रोन की खरीद का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया था, अब इंजरायल की एयरोस्पेस इंडस्ट्रीज भारत के लिए हेरॉन-टीपी ड्रोन बना रही है. और जल्द ही भारत को उसके पहले लड़ाकू ड्रोन मिल जाएंगे.

पूरी तरह ऑटोमैटिक हैं ड्रोन
भारत के लिए मेड इन इजरायल लड़ाकू ड्रोन एक गेमचेंजर माने जा रहे हैं. जिनकी अहमियत का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि हेरॉन-टीपी लड़ाकू ड्रोन हवा से जमीन पर टारगेट तबाह करने वाली मिसाइलों से लैस होंगे. हेरॉन-टीपी लड़ाकू ड्रोन्स पूरी तरह ऑटोमेटिक हैं, जिसे कंट्रोल रूम में बैठकर सिर्फ एक शख्स ऑपरेट कर सकता है. हेरॉन-टीपी लड़ाकू ड्रोन्स एक टन से ज्यादा भारी विस्फोटक लेकर 45 हजार फीट तक की ऊंचाई तक उड़ान भर सकते हैं.

आतंकवाद के खिलाफ मिलेगी सबसे बड़ी ताकत

इजरायल से मिलने वाले ये लड़ाकू ड्रोन्स आतंकवाद के खिलाफ भारत की लड़ाई में भारतीय सेना के लिए तुरुप का इक्का साबित होंगे. बिलकुल वैसे ही होंगे जैसे अमेरिकन प्रिडेटर और रीपर ड्रोन्स अफगानिस्तान-पाकिस्तान और इराक में आतंकी अड्डों को नेस्तनाबूद कर देते हैं. ये ड्रोन अभी अफगानिस्तान और इराक में आतंकी ठिकानों पर अटैक के लिए इस्तेमाल हो रहे हैं. लड़ाकू ड्रोन हेरॉन पहले अपने टारगेट को खोजता है. फिर अपना टारगेट सेट करता है. और फिर हवा से जमीन पर मार करने वाली मिसाइलों से टारगेट को तबाह कर देता है. मेड इन इजरायल हेरॉन-टीपी ड्रोन 2004 से इस्तेमाल में हैं. जिनका इस्तेमाल इजरायल की सेना अपने दुश्मनों के ठिकानों को तबाह करने के लिए करती आई है.

इनको निशाना बनाएगा भारत

हेरॉन-टीपी ड्रोन भारतीय सेना में शामिल हो जाएंगे तो एलओसी पर पाकिस्तानी कब्जे वाले कश्मीर में धड़ल्ले से चल रहे आतंकी कैंपों के खिलाफ एक्शन लेना आसान हो जाएगा. लड़ाकू ड्रोन के टॉप-5 टारगेट में सबसे ऊपर पीओके में एक्टिव 45 से ज्यादा टेरर कैंप हो सकते हैं. इस लिस्ट में दूसरे नंबर पर भारत का मोस्ट वॉन्टेड और ग्लोबल आतंकवादी सैयद सलाहुद्दीन हो सकता है. तीसरा नंबर हाफिज मोहम्मद सईद का है, जो इन दिनों पाकिस्तान में हाउस अरेस्ट है. भारत को मिलने जा रहे लड़ाकू ड्रोन्स की हिट लिस्ट में चौथा नाम पाकिस्तान में बैठे जैश-ए-मोहम्मद चीफ मौलाना मसूद अजहर का हो सकता है. जबकि 1993 मुंबई सीरियल ब्लास्ट का गुनहगार दाऊद इब्राहिम को भी लड़ाकू ड्रोन्स के जरिए ठिकाने लगाया जा सकता है, जो इन दिनों कराची में बैठकर भारत के खिलाफ साजिश रच रहा है.

हेरॉन ड्रोन की खास बात

ये किसी भी मौसम में आसानी से अपने मिशन को अंजाम दे सकता है. करीब 30 घंटे तक लगातार उड़ान भर सकता है. 40 हजार फीट तक की ऊंचाई से जमीन पर टारगेट भेद सकता है. एक टन से ज्यादा विस्फोटक पेलोड लेकर उड़ान भर सकता है. 370 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से उड़ते हुए अटैक कर सकता है. और 7400 किलोमीटर की रेंज में अचूक निशाना लगा सकता है. सिर्फ इतना ही नहीं इजरायल के हेरॉन-टीपी ड्रोन के जरिए बड़े पैमाने पर खुफिया निगरानी भी की जा सकती है.

ऐसे आतंकवादियों की एक लंबी लिस्ट है जो अफगानिस्तान, पाकिस्तान, इराक और सीरिया में अमेरिका-रूस और इजरायल के लड़ाकू ड्रोन्स के जरिए ठिकाने लगाए जा चुके हैं. जानकार कहते हैं कि हेरॉन ड्रोन के जरिये पीओके में आतंकी कैंपों पर कार्रवाई करना बेहद आसान होगा. भारत अभी भी निगरानी ड्रोन्स के जरिये पीओके के आतंकी कैंपों पर नजर रखता है. लेकिन लड़ाकू ड्रोन से पीओके के आतंकी कैंपों को देखते ही उन्हें तबाह करने की ताकत मिलेगी. 

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4.7.17

PM मोदी का ऐतिहासिक इसराइल दौरा, जानिए पूरा कार्यक्रम


नई दिल्ली

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इजरायल के दौरे पर हैं. चार जुलाई से छह जुलाई तक वे वहां रहेंगे. इस दौरान वे कई कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे.
Logicalnews के पास  हैं प्रधानमंत्री का पूरा कार्यक्रम. (भारतीय समयानुसार)

4 जुलाई, मंगलवार 
शाम 06:30 बजे : बेन गुरीआं इंटरनेशल एयरपोर्ट पर पीएम मोदी का विमान उतरेगा. इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू उनका प्रोटोकॉल तोड़कर  एयरपोर्ट पर आधिकारिक तौर पर स्वागत करेंगे.

शाम 07:30 बजे : बेंजामिन नेतन्याहू और इजरायल के कृषि मंत्री उरी एरियल के साथ वे मिशमर हशीवा जाएंगे. यहां वे फूलों के बाग देखेंगे.

रात 09:00 से 09:45 बजे : पीएम मोदी याद वाशेम जाएंगे. यहां वे मेमोरियल सेरेमनी में हिस्सा लेंगे.

रात 10:30 बजे : पीएम मोदी, इजरायल के प्रधानमंत्री के जेरूसेलम स्थित आवास जाएंगे. वहां वे रिसेप्शन में हिस्सा लेंगे. साथ ही साझा बयान भी जारी करेंगे.

रात 11:15 बजे : पीएम मोदी, बेंजामिन नेतन्याहू के साथ डिनर करेंगे.

5 जुलाई, बुधवार

दोपहर 01:00 बजे : इजरायल के राष्ट्रपति रेउवेन रिवलिन से मुलाकात करेंगे.

दोपहर 02:00 से 02:30 बजे : पीएम मोदी, इजरायल के पीएम के साथ बैठक करेंगे.

दोपहर 02:30 से 04:00 बजे : सभी का लंच होगा.

शाम 04:30 बजे : एग्रीमेंट्स का आदान-प्रदान होगा. साझा प्रेसकांफ्रेंस होगी.

शाम 07:00 बजे : विपक्ष के नेता एमके इसाक हरजॉग से मुलाकात करेंगे.

शाम 07:30 बजे : भारतीय मूल के लोगों से मुलाकात करेंगे.

शाम 08:00 बजे : इजरायल म्यूजियम देखने जाएंगे.

रात 10:15 से 11:30 बजे : टेल अवीव कन्वेंशन सेंटर में हिस्सा लेंगे.

6 जुलाई, गुरुवार

दोपहर 01:00 बजे : हाफिया सिमेट्री पर कार्य़क्रम. यहां भारतीय सैनिकों को दफनाया गया था (हाफिया वॉर के दौरान).

दोपहर 02:00 बजे : ओलगा बीच पर खास कार्यक्रम का आयोजन.

शाम 03:30 बजे : भारतीय और इजरायली सीईओ’ज के साथ लंच.

शाम 05:00 बजे : इजरायली और भारतीय कंपनियों की ओर से प्रेजेंटेशन का कार्यक्रम.

शाम 06:30 बजे : डैन होटेल में भारतीय स्टूडेंट्स से मिलेंगे पीएम मोदी.

शाम 07:30 बजे : विशष विमान से भारत के लिए रवाना होंगे.

गौरतलब है कि LogicalNews की टीम रहेगी PM के कार्यक्रम की सुचना आपतक पहुँचाने के लिए


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28.6.17

भारत मे दलित समस्या और आरक्षण, कैसे आएगा सुधार, कब बदलेंगी सोच

लख़नऊ
आरक्षण को लेकर चल रही रस्सा कस्सी के बीच भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता और पूर्व सांसद विजय सोनकर शास्त्री जी ने Logicalnews के लिए लिखा अपना आर्टिकल, आखिर क्या है दलित समस्या और क्या है इसका इलाज , दलित संसय का एकमात्र उपाय इनको हिन्दू समाज मे आत्मसात करने का है, शिया-सुन्नी या प्रोटेस्टेंट- कैथोलिक जैसे अलग सम्प्रदाय बनाना कभी  नही हो सकता।
पढिये डॉ विजय सोनकर शास्त्री जी का ये लेख-

माइन्ड सेट बदले कैसे और कब तक..?

"आजकल के बच्चों को शेड्यूल कास्ट्स और शेड्यूल ट्राइब्स को आरक्षण क्यों दिया जाता है, यह स्पष्ट होना बहुत आवश्यक है। हम अपने आसपास के सामान्य वर्ग के बच्चों को यह कहते अक्सर सुन सकते हैं उनके स्थान पर दलित वर्ग के बच्चे को उनका हक दे दिया गया। इस प्रकार का वे अपना दर्द बयान करते है । उसके बयान के तह में जाना होगा और इस तरह के लाखों लाख बच्चे जो भ्रमित हैं, जिनके मन में दलित वर्ग के प्रति भ्रम है एवं जो शेड्यूल कास्ट्स,शेड्यूल ट्राइब्स को दिए गए आरक्षण को समझ नहीं पाए हैं, उन को समझाने कि चुनौती को स्वीकार करना होगा।
वे बच्चे यह जान ले कि दलित समस्या वास्तव में है क्या ? तो उन्हें यानी दलित वर्ग के लिए आदर और सम्मान के साथ उन्हें आत्मियता भी देंनें में पिछे नहीं हटेंगे।

इस संदर्भ में संक्षिप्त में मैं इतना कहना चाहूंगा कि दलित वर्ग के लोग गरीब, अशिक्षित अत्यंत पिछड़े ही केवल नहीं होते बल्कि वे अस्पृश्य एवं सामाजिक व्यवस्था में सबसे निम्न होते हैं।यह निर्धारन समाज ने किया है।उनके प्रति यह व्यवहार समाज ने सुनिश्चित किया है, जो उचित नहीं है। और यह अकारण एवं षड्यंत्रयुक्त लगता है। लगभग आठ सौ बर्षों से यह दुर्भाग्यपूर्ण कुकृत्य कुछ लोगों के साथ हुआ।स्वाभिमानी और धर्माभिमानी हिंदू योध्दाओ को उनके राष्ट्राभिमान और धर्माभिमान की सजा मुगल काल में उन्हें मिला। वे भी ब्राह्मण और क्षत्रिय ही थे।

उनका स्वभिमान और धर्माभिमान भंग करके उन्हें अस्वच्छ कार्य जैसे मैला ढोने एवं चर्म कर्म में लगाकर अस्पृश्य यानी अछूत बना दिया। आज आठ सौ बर्षों बाद दलित के रूप मे चिन्हित हैं।

आज सामान्य वर्ग में उनके प्रति जो स्थापित मानसिकता है , वह उन्हें निम्न समझते है जबकि इसका आर्थिक, शैक्षणिक, राजनीतिक इत्यादि समस्या से कोई लेना देना नहीं है।

वास्तव में एक ब्राह्मण भी निर्धन हो सकता है । आवास रहित हो सकता है। कपड़े का उसको भी आभाव हो सकता है, यानी मूलभूत आवश्यकता की वस्तुएं वस्तुओं से वंचित हो सकता है । और ऐसा ही अन्य जातियों की भी स्थिति है। परन्तु क्या कोई ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य या अन्य सामान्य वर्ग या जाति के लोग दलित हो सकते हैं ?

दलित का मतलब  सामाजिक व्यवस्था में निम्न एवं अस्पृश्य माना जाता है। यह सामान्य लोगों की स्थापित मानसिकता यानी माइन्ड सेट है। यदि यह बदल जाय तो आरक्षण का औचित्य ही समाप्त हो जाएगा। फिर दलितों को आरक्षण की आवश्यकता ही नहीं रह जाएगी।

जबतक समाज में आत्मियता स्थापित नहीं हो जाती,तब तक तो हमें प्रतिक्षा करना ही होगा। हमे अपने बच्चों को भी यह समझाना होगा। उनके भ्रम को तोड़ना ही होगा। उनके तथा समाज के माइन्ड सेट को बदलना ही होगा।समाज हित और देश हित में भी यह आवश्यक है। सादर।

नोट- लेखक भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता और पूर्व सांसद है डॉ बिजय सोनकर शास्त्री के बारे अधिक जानने के लिए पढ़े - https://en.m.wikipedia.org/wiki/Bizay_Sonkar_Shastri
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26.6.17

मोदी -ट्रैम्प की मुलाकात के बाद भारत अमेरिका में इन 10 बातों पर बनी सहमति

न्यूयॉर्क

अमेरिका दौरे के दौरान आज राष्ट्रपति ट्रम्प से मिले PM मोदी, स्वागत में पत्नी सहित व्हाइट हाउस के बाहर खड़े रहे प्रेसिडेंट ट्रम्प, दोनों देशों के नेताओ में पहली मुलाकात में दिखी आत्मीयता, Logicalnews की टीम ने किया इस ऐतिहासिक मुलाकात का लाइव कवरेज, इस मुलाकात के दौरान ओबामा युग से ज्यादा नजदीकी भारत अमेरिका की भविष्य में होगी जिसकी झलक दिखाई पड़ रही है

वाइट हाऊस के अंदर प्रेसिडेंट ट्रम्प ने मोदी को कहा महान प्रधानमंत्री का स्वागत करके खुद को गौरवान्वित महसूस कर रहा हु, 

दोनों देशोंके बीच डेलिगेशन स्तरीय चर्चा में इन 10 बातों पर रह फोकस-

-आतंकवाद से लड़ने के लिए हम दोनों नेताओं ने प्रतिबद्धता जतायी है. हम आतंकवाद से मिलकर लड़ेंगे: PM मोदी

-मोदी ने कहा कि हम दोनों नेताओं के बीच बातचीत बेहद अहम रही है.

-पीएम मोदी ने कहा कि इस गर्मजोशी से स्वागत के लिए मैं प्रथम महिला मेलानिया ट्रंप और राष्ट्रपति ट्रंप का आभारी हूं.

-ट्रंप की बेटी ने भारत आने का निमंत्रण स्वीकार किया है. मैं उनकी प्रतीक्षा कर रहा हूं.

ट्रंप ने कहा कि आतंकवाद से लड़ने के लिए भारत-अमेरिका प्रतिबद्ध है,

ट्रंप ने कहा हिंद महासागर में सबसे बड़ा सैन्य अभ्यास करेंगे. भारत, जापान और अमेरिका के बीच होगा सैन्य अभ्यास.

-इस्लामिक आतंकवाद का खात्मा करेंगे: डोनाल्ड ट्रंप

-ट्रप ने कहा कि भारत दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ती हुई अर्थव्यवस्था है.

-मैं मीडिया से कहना चाहूंगा कि हम सोशल मीडिया के वर्ल्ड लीडर हैं. हम दोनों जनता से सीधा संवाद करते हैं.

-ट्रंप ने कहा कि ह्वाइट हाउस में दो सच्चे मित्र मौजूद हैं, भारत बहुत शानदार देश है.

-TheLogicalNews
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15.6.17

आज से रोज बदलेंगी पेट्रोल डीजल की कीमतें, इन तरीकों से घर बैठे जान सकते है क्या है आप के शहर में कीमतें


लखनऊ
आज से रोज होगा पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बदलाव अभी तक हर 15 दिन में या 2 हप्ते के बाद होता था बदलाव, IOC, HP, BPCL जो कि बाजार का लगभग 95% हिस्सा रखते है ने इसके लिए कमर कस ली है, जानिए किन किन तरीको से आप जान सकते है नए दाम अपने शहर में ।

रोज सुबह 6 बजे आएगा नया रेट-
पूरे देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में रोज सुबह 6 बजे बदलाव होगा। बता दें कि अभी तक कीमतों में बदलाव हर 2 हफ्ते बाद आधी रात को किया जाता था। पेट्रोल पंप मालिकों ने अतिरिक्त कर्मचारियों की तैनाती का हवाला देते हुए रात के वक्त कीमतों में बदलाव का विरोध किया था, बयाद में अपनी स्ट्राइक वापस ले लिया है।

इन शहरों में पहले से चल रहा था प्रोजेक्ट-
यह फैसला देश के कुछ शहरों में ऑइल कंपनियों द्वारा 1 मई से चलाए जा रहे पायलट प्रॉजेक्ट का विस्तार है। इन शहरों में उदयपुर, जमशेदपुर, पुडुचेरी, चंडीगढ़ और विशाखापट्टम शामिल हैं। 

कैसे मिलेगी नई क़ीमतों की जानकारी-
नई कीमतों की जानकारी पेट्रोल पंपों पर तो मिलेगी ही, इसके अलावा ग्राहक एसएमएस और इंडियन ऑइल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (आईओसीएल) की मोबाइल ऐप (Fuel@IOC) के जरिए भी यह जानकारी पा सकेंगे।

IOC APP से जाने नई कीमतें-
ग्राहकों को आईओसीएल ऐप में जाकर 'लोकेट अस' टैब दबाना होगा। इसके बाद उन्हें मैप में आसपास स्थित पेट्रोल पंप दिखेंगे। ग्राहक पंप पर क्लिक कर नई कीमतों के बारे में जान सकेंगे।

SMS से लें प्रतिदिन नई कीमत की जानकारी-
ग्राहक अपने शहर में लागू कीमतों के बारे में एसएमएस के जरिए भी जान सकेंगे। इसके लिए उन्हें RSP लिखकर एक स्पेस के बाद डीलर कोड लिखना होगा और इस संदेश को 9224992249 पर भेजना होगा। बता दें कि सभी पेट्रोल पंपो पर उनका डीलर कोड प्रदर्शित किया जाएगा।

हर बड़ी कंपनी के दामों में होगा अंतर-
किसी भी शहर में 3 बड़ी कंपनियों (IOCL, BPCL और HPCL) के पंपों पर कीमतों में 15 पैसे प्रति लीटर का अंतर हो सकता है। बता दें कि पूरे देश में मौजूद फ्यूल स्टेशनों का 95 फीसदी हिस्सा इन 3 कंपनियों के नियंत्रण में है।

डीलरों के प्रशिक्षण का काम चालू-
देश की सबसे बड़ी ऑइल रिटेलर कंपनी आईओसीएल के मुताबिक उसके सभी 26000 डीलरों को कीमतों के बदलाव की जानकारी देने के लिए प्रशिक्षण दिया जाएगा ताकि ग्राहकों को कीमतों के बारे में गलत जानकारी न मिले। आईओसीएल के ऑटोमेटेड पेट्रोल पंपो पर कीमतों के बदलाव की सूचना केंद्रीयकृत तरीके से अपडेट होगी, जबकि नॉन-ऑटोमेटेड पेट्रोल पंपो पर बदले मूल्यों की जानकारी उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी डीलरों की होगी।


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8.6.17

मंदसौर आंदोलन: हिल चुका है भाजपा का मध्य प्रदेश का किला

मन्दसौर में किसान आंदोलन

भोपाल
मध्य प्रदेश के मन्दसौर जिले में 6 जून को आंदोलनरत किसानों पर पुलिस की गोली से 5 किसानों की मौत हो गई  इसके बाद मुख्यरूप से माल्वा इलाके के 9 जिलों मंदसौर, नीमच, खरगौन, देवास, धार, इंदौर, रतलाम, उज्जैन, और बडवानी में प्रदर्शनकारियों ने जगह-जगह में आगजनी, तोड़फोड़ और पथराव किया. गुरुवार को लगातार तीसरे दिन वहां हिंसा का दौर जारी है, भाजपा पिछले 13 साल से मध्यप्रदेश में शाशन में है और जल्द चुनाव आने को है ऐजे में इस घटना के बाद जनमानस का बीजेपी से मोहभंग हो रहा है हमने इसकी जांच की।

विपक्ष ने पकड़ा मुद्दा-
6 जून को घटना के बाद तुरंत ही कांग्रेस के नेताओं ने मौके पर पहुँच कर मोर्चा संभाला साथ ही सोशल मीडिया में भी शिवराज के खिलाफ गुस्सा दिखने लगा, Twitter पर ट्रेंड करने लगा #शिवराज_का_शवराज , ज्योतिरादित्य सिंधिया ने CM को इन हत्याओं का दोषी ठहराया साथ ही कि किसान संगठन सरकार के विरोध में आ गए, आज राहुल गांधी भी मन्दसौर और नीमच पहुच रहे है

आंदोलनके कारण

किसान आंदोलन के बाद उग्र मालवा क्षेत्र के यूं उबलने की पीछे की वजह यह है कि इस क्षेत्र की इंदौर मंडी राज्य के बड़े बाजार में शुमार होती है और यहां के किसान ज्यादा संगठित हैं यह RSS का किसान संघ के साथ कई अन्य किसान यूनियन है जो किसानों के लिए संघर्ष करते है,


किसान कई साल से बढ़ते कर्ज और घटती फसल की कीमत से परेशान है, इलाके में मुख्य फसल प्याज है इस साल प्याज की फसल 1.5 रु/ किलो में बिक रही है जबकि 4 से 5 रु/किलो की लागत वाली प्याज की MSP शिवराज सरकार ने 6 रु/KG रखी इसी का विरोध हो रहा था।

शिवराज की अंध RSS भक्ति-

पिछले महीने नर्मदा यात्रा के दौरान शिवराज सरकार पूरे शबाब से दिखावे पर थी और प्याज की MSP बढ़ाने की मांग कर रहे किसानों की सुनने का उनके पास समय नही था, इंदौर में आंदोलनकारियों से मिलने को शिवराज आए पर सिर्फ RSS के संगठन किसान संघ के अपने चेलों से मिले और 8रु/KG की MSP की घोषणा करके चले गए, इसके अलावा अन्य संगठनों से बात करना मुनासिब नही समझा, 

क्या चल रहा MP के लोगों में

लोगों में इस मामले को लेकर भारी रोष है,6 जून के दिन अपनी मांगो को लेकर प्रदर्शन करने वाले किसानों को असामाजिक तत्व बता कर DM ने गोली चलाने के आदेश दिए 5 लोगो की जान गई, विश्वस्त सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार RSS के किसान संघ के लोगों ने ही किसानों पर गोली चलवाने के लिए प्रशासन को उकसाया और सारा प्रकरण बड़े नेताओ की जानकारी में था, 

विफल होता प्रशासन- 
इस घटना के बाद MP का प्रशासन और सरकार कंफ्यूज है, पहले  ग्रह मंत्री ने कहा पुलिस की गोली से मौत नही हुई फिर IG का बयान आया कि पुलिस की गोली से किसान मरे बदनामी होते देख शिवराज सिंह ने 1-1 करोड़ के मुआवजे की घोषणा कर दी पर लोगों के दिल मे लगी चोट भरी नही और अगले दिन DM और SHO की पिटाई हुई, फिर DM और SP का ट्रांसफर किया गया। अब शिवराज सरकार बैकफुट पर है और विपक्ष आक्रामक,

LogicalNews Analysis- 

कांग्रेस नेता राहुल की गिरफ्तारी और जिस अंदाज में ज्योतिरादित्य सिंधिया की बाते लोगों को भा रही है ये शिवराज सिंह के लिए अच्छा संकेत नहीं है, भारत का इतिहास साक्षी है कि किसानों की अनदेखी करने वाला देश पर राज्य नही कर पाया ये सच है कि शिवराज सिंह ने अपने शासन में किसानों की आय बढ़ाने के बहुत सार्थक प्रयास किये है और MP ने हर क्षेत्र में प्रगति की है पर कुछ गलत निर्णय भारी पड़ रहे हैं , 

इस समय भारतीय किसान यूनियन के नेता शिव प्रकाश शर्मा ने जिस तरह से सभी किसानों को एकजुट कर लिया ह ये दिखाता है कि हिल चुका है किला और इसको अगर बचाना है तो ठोस उपाय करने होंगे जो सभी को स्वीकार हो सिर्फ RSS या उसके संगठनों को नही, साथ ही अन्य प्रदेशों के लिए भी साफ संदेश है



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1.6.17

UP में बिगड़ती कानून व्यवस्था और दंगे एक संयोग या CM योगी के खिलाफ बड़ी साजिश ।

लख़नऊ

19 मार्च को योगी आदित्यनाथ के CM पद की शपथ लेने के बाद से  प्रदेश में कई जगह धार्मिक व ठाकुर- दलित संघर्ष , बढ़ते रेप, छेड़छाड़ की खबरें आती  रही है, सहारनपुर, मुरादाबाद, अलीगढ़, आगरा, रामपुर संभल सहित पश्चिम के जिलो में बार बार ऐसी खबर आती रही है जिनमे सबसे उल्लेखनीय सहारनपुर अलीगढ़ और सम्भल है जहाँ छोटी छोटी बातों पर पैदा हुआ संघर्ष विकट रूप धारण कर गया और पत्थरबाजी, आगजनी और पुलिस पर फायरिंग हुई कई जाने गई

इन सभी मामलों में ध्यान देने वाली बात ये है कि इनका केंद्र जातीय और धार्मिक रूप से संवेदनशील रहा पश्चिमी यूपी है जोकि चुनावी और भूराजनैतिक रूप से बहुत प्रभावशाली है कहते है कि पश्चिम यूपी से चली हवा ही पूरे प्रदेश में बहती है जहाँ पर ऐसी घटनाएं होना सबकुछ ठीक होने की सूचना  नही देती, साथ ही ये सोचने पर मजबूर करती हैं कि क्या ये सब संयोग है या कोई सुनियोजित साजिश, देखें इसके पहलू पर-

BJP के विरोधी दलों की स्थिति- 

वर्तमान में यूपी की आम जनता में BJP के विरोधी दलों बसपा सपा कांग्रेस की कोई खास पकड़ और सम्मान नही ही अतिशय जातिवाद या अल्पसंख्यकवाद के कारण तीनो ही बदनाम है, जाटव( चमार) बसपा यादव सपा और कांग्रेस मुस्लिमों की पार्टी बन कर रह गई हैं, जो कुल वोटर्स का 32% है, जोकि पूरा इन दलों के साथ नही है, 

विश्वसनीयता खोना ही शायद वो कारण था कि UP की जनता के सर आंखों पर रहे विपक्षी दल विधानसभा में  78 सीट पर आ गया है।इसका अर्थ है कि विपक्षी दल सदन या सड़क पर फिलहाल योगी सरकार का विरोध करने की स्थिति में नही है।


कानून व्यवस्था की खराबी का बढ़ता ग्राफ

गौरतलब है की 2017 के चुनाव में BJP ने खराब कानून व्यवस्था और महिला सुरक्षा को चुनाव के केंद्र बिन्दु में रखा था, चाहे गायत्री प्रजापति हो या बुलंदशहर कांड सबमे भाजपा और मीडिया ने सपा सरकार को कटघरे में खड़ा किया था और जनता ने महसूस भी किया कि कानून व्यवस्था खराब है अमूमन तो FIR दर्ज ही नही होती है और अगर दर्ज हुई तो कोई कार्यवाही नही होती थी, जिसके फलस्वरूप सपा- बसपा की बुरी हार हुई, दोनी ही पार्टिया अपना वजूद बचने को साथ आ चुकी है,
जबसे BJP की सरकार आई है सभी तरह के अपराध भी एकदम से बढ़े है चाहे जेवर कांड हो या सहारनपुर, या संभल या अलीगढ़ या या रामपुर कांड सबमे सरकार की भद्द पिटी, महिलाओं के प्रति भी अपराधों में बाढ़ आ गई है लोग अब भाजपा के शाशन पर सवाल उठाने लगे है ।

क्यों बढ़ते जा रहे अपराध-

1. पुलिस रिपोर्टिंग - जबसे योगी आदित्यनाथ ने CM पद संभाल है उनके सख्त निर्देश है कि थाने में आए हुए व्यक्ति की शिकायत अवश्य सुनी जाय और FIR दर्ज हो इसका असर ये हुआ कि पीड़ित पक्ष अब थाने जाने की हिम्मत कर रहा है और उसकी शिकायत दर्ज भी की जा रही है, चाहे मुकदमा झूठा ही क्यों न हो पर दर्ज तो होगा है जब NCRB की आप लिस्ट देखेने तो यही लगेगा कि अपराध बहुत बढ़ने लगा पर उसकी सच्चाई तो बाद में सामने आती है, मुख्यमंत्री योगी का ये प्रयास कुछ दिन भले ही बदनामी दे पर आगे इसके अच्छे परिणाम जनता के हित में आएंगे।

2. हो सकती है राजनीतिक साजिश भी - 

आपको याद होगा जब मायावती की सरकार आई थी 2003 में तब UP में अचानक मुँहनोचवा, मुडकटवा और ऐसे ही कई चमत्कारी तत्व उपस्थित हो गए थे जिनसे जनता और शाशन हिल गया असंतोष इतना बढ़ा की हाहाकार मचा और बसपा सरकार गिरी, कुछ ऐसी ही तैयारी शायद इस बार भी रही होगी पर पूरी तरह कामयाब नहीं हो पा रही, CM योगी ने भी कई बार कहा है कि कुछ विरोधी दलों के कार्यकर्ता केसरिया गमछा डाल कर अपराध कर रहे हैं ताकि योगी और BJP बदनाम हो खासकर योगी का संगठन हिन्दू युवा वाहिनी बदनाम हो और जनता में मुख्यमंत्री योगी की छवि खराब हो, क्योंकि योगी ठाकुर है इसलिए ठाकुरों से हुए संघर्ष भी बड़ा राजनीतिक रूप रख लेते है।


आज के परिपेक्ष्य में जब सोशल मीडिया इतना तेज है और जनता स्वयं जागरूक है तब ये अपराधी तत्व कितना सफल हो पाएंगे हमारी टीम के रिसर्च में एक बात सामने आई है कि अपराधी योगी सरकार में कुण्ठा ग्रस्त हो चुका है और इसलिए भी हो सकता की अपराध बढ़ रहे हो पर इसमे कही से सरकार या पुलिस की ढिलाई नही दिखाई पड़ी, इसे में इन परिस्थितियों को मुख्यमंत्री और UP पुलिस कैसे निपटेगी इसपर LogicalNews की नज़र रहेगी।


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