लख़नऊ
रक्षाबंधन विचार:
रक्षाबंधन हिन्दू धर्म का प्रमुख त्योहार है जो सतयुग से मनाया जाता है इसकी नींव स्वयं भगवान विष्णु व माता लक्ष्मी ने डाली और ये हर वर्ष श्रावण सुदी पूर्णिमा को दिन में मनाया जाता है जिसे एक नियतकर्म माना जाएगा।
7 अगस्त को सुबह 6 बजे सूर्योदय होगा और दिन में 2.10 PM तक पूर्णिमा का मान है परंतु रक्षाबंधन पूरे दिन मनाया जाएगा
भद्रा विचार-
रक्षाबंधन के दिन भद्रा का काल 10.58 AM तक है, चंद्रमा मकर राशि में होने के कारण भद्रा का निवास पाताल लोक में होगा अतः भद्रा का प्रभाव पृथ्वी पर नही पड़ेगा, परंतु इस समय भद्रा का निरादर न करते हुए 11 AM तक रक्षाबंधन नही करना चाहिए।
रक्षाबंधन के दिन भद्रा का काल 10.58 AM तक है, चंद्रमा मकर राशि में होने के कारण भद्रा का निवास पाताल लोक में होगा अतः भद्रा का प्रभाव पृथ्वी पर नही पड़ेगा, परंतु इस समय भद्रा का निरादर न करते हुए 11 AM तक रक्षाबंधन नही करना चाहिए।
ज्योतिष के ग्रंथ व्रतराज के अनुसार भद्रा कही भी हो पर उसका परिहार करना चाहिए और अपराह्न में ही रक्षा सूत्र बांधने चाहिए।
चंद्रग्रहण काल-
ज्योतिष व धार्मिक ग्रंथ निर्णय सिंघु व धर्म सिंघु के अनुसार ग्रहण का सूतक 9 घंटे पहले लगता है
रात 10.58 से 12.55 तक खंडग्रास चंद्रग्रहण भारत मे लगेगा जिसका सूतक दिन में 1.58PM से प्रभावी होगा, इस बीच सभी शुभ कार्य वर्जित है और नए काम नही करने चाहिए।
रक्षाबंधन पर ग्रहण का क्या है प्रभाव -
वैदिक ग्रंथ धर्म सिंधु व ज्योतिष ग्रंथ निर्णय सिंधु के अनुसार किसी भी त्योहार खास कर रक्षाबंधन पर चंद्रग्रहण और संक्रांति के सूतक का प्रभाव नही पड़ेगा सिर्फ ग्रहण काल ( राहु दर्शन समय 10.58-12.55) के समय राखी नही बांधनी चाहिए।
रक्षाबंधन हेतु उपयुक्त समय
इन सभी विचारो के बाद ये सिध्द है कि रक्षाबंधन अपराह्न में मनाया जाने वाला त्योहार है जिसके लिए प्रदोष काल सर्वोत्तम माना गया है।
अतः बहनों को चाहिए कि दिन में 11 बजे के बाद रात के 10 बजे तक अपने भाइयों को करें टीका और राखी बांधे किसी भी भ्रांति में पडने की आवश्यकता नहीं है।
वैसे तो 11Am के बाद अच्छा समय रक्षाबंधन हेतु है पर नीचे दिए गए मुहूर्त बहुत शुभ है
अति शुभ मुहूर्त
अभिजित मुहूर्त - 11.45 से 12.38PM
प्रदोष काल- शाम 6 PM से 8 PM तक अति शुभ है।
विशेष- रक्षाबंधन के अतिरिक्त अन्य शुभ कार्यो में ग्रहण के सूतक का विचार करना चाहिए, नया काम करने, गर्भवती महिलाओं को सूतक के नियम मनाने चाहिये।
TheLogicalNews
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