31.12.20

17 IAS व 11 PCS अधिकारियों के तबादले, हाथरस, प्रतापगढ़, गोंडा, फतेहपुर, मिर्जापुर सहित कई जिलों के DM बदले।

लखनऊ: यूपी में  17 IAS के तबादले किये गये हैं, इनमें ग्यारह जिलों के जिलाधिकारी शामिल हैं। गोंडा, मथुरा, प्रतापगढ़, चंदौली के डीएम बदल दिये गये हैं। इसके अलावा करीब एक दर्जन PCS अफसरों के भी तबादले हुए हैं। 

1. अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी नोएडा श्रुति को बलरामपुर का जिलाधिकारी बनाया गया है। 
2. कृष्णा करुणेश को गाजियाबाद विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष पद पर तैनाती दी गई है। वह बलरामपुर के जिलाधिकारी थे।

3. गाजियाबाद विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष कंचन वर्मा को उत्तर प्रदेश मेडिकल सप्लाई कारपोरेशन लखनऊ का प्रबंध निदेशक बनाया गया है। 
4. गोंडा के जिलाधिकारी डॉ. नितिन बंसल को हटाकर  प्रतापगढ़ का जिलाधिकारी बनाया गया है। 
5. विशेष सचिव चिकित्सा शिक्षा मार्कण्डेय शाही गोंडा के नए जिलाधिकारी बनाए गए हैं। 
6. हाथरस के डीएम प्रवीण कुमार लक्ष्कार भी हटा दिए गए हैं। उन्हें मिर्जापुर का नया जिलाधिकारी बनाया गया है।

7. चंदौली के डीएम नवनीत सिंह चहल को मथुरा का जिलाधिकारी बनाया गया है। 
8. फतेहपुर के जिलाधिकारी संजीव सिंह को हटाकर चंदौली का डीएम बनाया गया है। 
9 सोनभद्र के जिला अधिकारी एस. राजलिंगम को कुशीनगर का जिलाधिकारी बनाया गया है। 
10. औरैया के जिलाधिकारी अभिषेक सिंह द्वितीय को सोनभद्र का नया डीएम बनाया गया है।
11. विशेष सचिव आवास एवं शहरी नियोजन अपूर्वा दुबे को फतेहपुर का जिलाधिकारी बनाया गया है। 

12. संयुक्त प्रबंध निदेशक जल निगम लखनऊ रमेश रंजन को हाथरस का नया जिलाधिकारी बनाया गया है। 
13. नियंत्रक विधिक माप विज्ञान तथा विशेष सचिव खाद एवं रसद व अपर आयुक्त खाद्य सुनील कुमार वर्मा को औरैया का जिलाधिकारी बनाया गया है। 
14. मिर्जापुर के जिला अधिकारी सुशील कुमार पटेल की संयुक्त प्रबंध निदेशक जल निगम लखनऊ के पद पर तैनाती की गई है।
15. कुशीनगर के जिलाधिकारी भूपेंद्र एस. चौधरी को विशेष सचिव सिंचाई एवं जल संसाधन के पद पर तैनाती दी गई है। 
16. मथुरा के जिलाधिकारी सर्वज्ञ राम मिश्र को विशेष सचिव राज्य कर विभाग में तैनाती दी गई है। 
17. प्रतापगढ़ के डीएम डॉ रुपेश कुमार को विशेष सचिव चीनी एवं गन्ना विकास के पद पर तैनाती दी गई है।


एक दर्जन PCS भी बदले गये
1. शशिभूषण राय को लखनऊ का नया सिटी मजिस्ट्रेट बनाया गया है। 
2. राजस्व परिषद लखनऊ में संबद्ध उप जिलाधिकारी विजय प्रकाश तिवारी को कानपुर देहात में उपजिलाधिकारी बनाया गया है।  

3. अमेठी में डिप्टी कलेक्टर रामशंकर-। को विशेष कार्याधिकारी लखनऊ विकास प्राधिकरण के पद पर तैनाती दी गई है। 
4. आनंद कुमार सिंह डिप्टी कलेक्टर कानपुर देहात को लखनऊ विकास प्राधिकरण में नजूल अधिकारी बनाया गया है। 
5. अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) अमेठी वंदिता श्रीवास्तव को अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) गौतमबुद्ध नगर के पद पर तैनाती दी गई है। 
6. नगर मजिस्ट्रेट लखनऊ सुशील प्रताप सिंह को अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व अमेठी के पद पर भेजा गया है।

7. उप जिलाधिकारी सीतापुर शशिभूषण राय को नगर मजिस्ट्रेट लखनऊ बनाया गया है। 
8. नगर मजिस्ट्रेट जौनपुर सहदेव कुमार मिश्रा को अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) बुलंदशहर के पद पर तैनाती दी गई है। 
9. उप जिलाधिकारी कानपुर नगर अनिल कुमार अग्निहोत्री को नगर मजिस्ट्रेट जौनपुर बनाया गया है। 
10. नगर मजिस्ट्रेट बांदा सुरेंद्र सिंह द्वितीय को अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) मुरादाबाद के पद पर भेजा गया है। 
11. उप जिलाधिकारी रायबरेली केशव नाथ को नगर मजिस्ट्रेट बांदा के पद पर तैनाती दी गई है।

21.9.20

मोदी सरकार ने रवी सीजन की फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य घोषित किया, गेंहू पर 106% वृध्दि

दिल्ली: मोदी सरकार ने छह रबी फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में बढ़ोतरी का ऐलान कर सोमवार को देश के किसानों को सौगात दी है. सबसे ज्यादा मसूर के MSP में 300 रुपये प्रति क्विंटल का इजाफा किया गया है, जबकि गेहूं के MSP में 50 रुपये प्रति क्विंटल की वृद्धि की गई है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी  की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (CCEA) ने सोमवार को फसल वर्ष 2020-21 (जुलाई-जून) के रबी सीजन की छह प्रमुख फसलों के एमएसपी में बढ़ोतरी को मंजूरी दी. केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर  ने रबी फसलों के एमएसपी में बढ़ोतरी के सरकार के फैसले का ऐलान किया. तोमर ने कहा कि किसानों को लागत मूल्य पर 106 प्रतिशत तक लाभ मिलेगा. जबकि न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद आगे भी जारी रहेगी.


चना --
समर्थन मूल्य  -   5100 रुपये प्रति क्विंटल
वृद्धि             -   4.6 प्रतिशत यानी 225 रुपये प्रति क्विंटल
मुनाफा         -   78 प्रतिशत


जौ--
समर्थन मूल्य    -   1600 रुपये प्रति क्विंटल
वृद्धि दर          -   4.9 प्रतिशत यानी 75 रुपये प्रति क्विंटल
मुनाफा           -   65 प्रतिशत


मसूर--
समर्थन मूल्य    -   5100 रुपये प्रति क्विंटल
वृद्धि दर          -   6.3 प्रतिशत यानी 300 रुपये प्रति क्विंटल
मुनाफा           -   78 प्रतिशत

सरसों एवं रेपसीड--
समर्थन मूल्य    -   4650 रुपये प्रति क्विंटल
वृद्धि दर          -   5.1 प्रतिशत यानी 225 रुपये प्रति क्विंटल
मुनाफा            -   93 प्रतिशत


कुसुम्भ--
समर्थन मूल्य    -   5327 रुपये प्रति क्विंटल
वृद्धि दर          -   2.1 प्रतिशत यानी 112 रुपये प्रति क्विंटल
मुनाफा            -   50 प्रतिशत


गेहूं--
समर्थन मूल्य    -   1975 रुपये प्रति क्विंटल
वृद्धि दर          -   2.6 प्रतिशत यानी 50 रुपये प्रति क्विंटल
मुनाफा            -   106 प्रतिशत


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2.9.20

PM मोदी की व्यक्तिगत वेबसाइट का ट्विटर अकाउंट narendramodi_in हैक

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पर्सनल वेबसाइट का टि्वटर अकाउंट हैक कर लिया गया। हैकर ने इसमें लिखा, ‘‘मैं आप लोगों से अपील करता हूं कि कोविड-19 के लिए बनाए गए पीएम मोदी रिलीफ फंड में दान करें।’’ यह दान क्रिप्टो करेंसी बिटकॉइन में मांगा गया था। हालांकि, यह ट्वीट फौरन डिलीट कर दिया गया।

हैकर ने एक अन्य ट्वीट में लिखा, ‘‘यह अकाउंट जॉन विक (hckindia@tutanota.com) ने हैक किया है। हमने पेटीएम मॉल हैक नहीं किया है।’’ ट्विटर ने गुरुवार को इसकी पुष्टि की तभी यह खबर मीडिया में आई। हालांकि, हैकिंग कब हुई यह नहीं बताया गया।

- Dainik Bhaskar

जांच में जुटा ट्विटर

न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक, ट्विटर ने भी इस अकाउंट के हैक होने की पुष्टि की है। ट्विटर के स्पोक्सपर्सन ने ईमेल से दिए गए जवाब में कहा, ‘‘हम स्थिति की जांच कर रहे हैं। अभी हमें दूसरे अकाउंट्स को नुकसान पहुंचाए जाने की कोई जानकारी नहीं है।’’ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पर्सनल वेबसाइट narendramodi.in के इस ट्विटर अकाउंट @narendramodi_in के 25 लाख से ज्यादा फॉलोवर्स हैं।

जुलाई में कई नामी हस्तियों के अकाउंट हैक हुए थे
जुलाई में माइक्रोसॉफ्ट के को-फाउंडर बिल गेट्स, अमेजन के सीईओ जेफ बेजोस, टेस्ला के सीईओ एलन मस्क और अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा समेत कई नामी हस्तियों और कंपनियों के ट्विटर अकाउंट बुधवार को हैक हो गए। हैकर्स ने आईफोन कंपनी एपल और कैब सर्विस कंपनी उबर के अकाउंट्स को भी निशाना बनाया। क्रिप्टोकरंसी फ्रॉड के लिए हैकर्स ने बड़े लोगों के नाम का सहारा लिया।

टTwitter की विश्वसनीयता पर सवाल उठने लगे है इससे पहले भी कई बड़ी हस्तियों के वेरिफाइड twitter accounts को अमेरिका में निशाना बनाया जा चुका है, मौके को देखते हुए ट्विटर की प्रतियोगी वेबसाइट Gab.Com खुद को safe बताया है

 

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29.6.20

इन 59 Apps पर केंद्र सरकार ने लगाया Ban आप भी अपने फोन में देखे।

भारत सरकार ने इन 59 Apps पर ban लगाया है अगर आपके फोन में है तो तुरंत हटा दें ये apps-

टिकटॉक- TikTok
शेयरइट- Shareit
कवाई- Kwai
यूसी ब्राउजर- UC Browser
बायडू मैप- Baidu map
शेन- Shein
क्लैश ऑफ किंग्स- Clash of Kings
डीयू बैटरी सेवर- DU battery saver
हेलो- Helo
लाइकी- Likee
यूकैम मेकअप- YouCam makeup
एमआई कम्युनिटी- Mi Community
सीएम ब्राउजर- CM Browers
वायरस क्लिनर- Virus Cleaner
आपुस ब्राउजर- APUS Browser
रोमवी- ROMWE
क्लब फैक्ट्री- Club Factory
न्यूजडॉग- Newsdog
ब्यूटी प्लस- Beutry Plus
वीचैट- WeChat
यूसी न्यूज- UC News
क्यूक्यू मेल- QQ Mail
वीबो- Weibo 
जेंडर- Xender
क्यूक्यू म्यूजिक- QQ Music
क्यूक्यू न्यूज फीड- QQ Newsfeed
बिगो लाइव- Bigo Live
सेल्फीसिटी- SelfieCity
मेल मास्टर- Mail Master
पैरलल स्पेस- Parallel Space
एमआई वीडियो कॉल- Mi Video Call–Xiaomi
वीसिंक- WeSync
ईएस फाइल एक्सप्लोरर- ES File
कैशे क्लिनर- Cache Cleaner-DU App studio
डीयू क्लिनर- DU Cleaner
डीयू ब्राउजर- DU Browser
हगो प्ले विद न्यू फ्रेंड्स- Hago Play With New Friends
कैम स्कैनर- Cam Scanner
क्लिन मास्टर- Clean Master– Cheetah Mobile
वंडर कैमरा- Wonder Camera
फोटो वंडर- Photo wonder
वी मीट- We Meet
स्वीट सेल्फी- Sweet Selfie
बायडू ट्रांसलेट- Baidu Translate
वीमैट- Vmate
क्यूक्यू इंटरनेशनल- QQ International
क्यूक्यू सिक्योरिटी सेंटर- QQ Security Center
क्यूक्यू लॉन्चर- QQ Launcher
यू-वीडियो- U Video
वी फ्लाई स्टेटस वीडियो- V fly Status Video
मोबाइल लिजेंड्स- Mobile Legends
डीयू प्राइवेसी- DU Privacy


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1.6.20

केंद्रीय कैबिनेट की बैठक के बड़े फैसले

Delhi

PM मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में MSME क्षेत्र के लिए कई ऐतिहासिक घोषणाएं की गईं। ये फैसले MSME, किसान और रेहड़ी पटरी वालों के जीवन पर प्रभाव डालने वाले हैं। भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ कहा गया है, जिसकी संख्या करीब 6 करोड़ है। कोविड की महामारी के बाद PM ने MSMSE  पैकेज भी दिया , ताकि वह संभल सकें। देखा जाए तो मोदी सरकार की घोषणाओं से 66 करोड़ लोगों को फायदा होगा, जिसमें 55 करोड़ खेती पर निर्भर लोग हैं, जबकि 11 करोड़ ऐसे लोग हैं जो एमएसएमई में काम कर रहे हैं।

एमएसएमई को 20 हजार करोड़ का लोन
आज की बैठक में आत्मनिर्भर भारत पैकेज के तहत घोषणाओं के लिए रोडमैप तैयार किया जा चुका है। प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि इन घोषणाओं से एमएसएमई क्षेत्र में निवेश आएगा और नौकरियां पैदा होंगी। संकट में फंसे एमएसएमई को इक्विटी सहायता देने को घोषणा हुआ है, जिसके तहत 20 हजार करोड़ रुपए की सहायता के प्रावधान पर मुहर लग गई है। इससे 2 लाख संकट में फंसे एमएसएमई को फायदा होगा। 50 हजार करोड़ रुपए के इक्विटी निवेश का प्रस्ताव भी पहली बार हुआ है, जिससे एमएसएमई उद्योगों को स्टॉक एक्सचेंज में सूचिबद्ध होने का मौका मिलेगा।

एमएसएमई की परिभाषा में हुआ और संशोधन
एमएसएमई की परिभाषा को भारत सरकार ने आज और संशोधित किया है। इकाई की परिभाषा के तहत निवेश की सीमा बढ़ाकर 1 करोड़ के निवेश और 5 करोड़ का कारोबार कर दिया है। वहीं लघु इकाई निवेश की सीमा बढ़ाकर 10 करोड़ रुपए और 50 करोड़ रुपए का कारोबार कर दिया गया है। मध्यम इकाई के तहत 20 करोड़ रुपए निवेश और 250 करोड़ रुपए का कारोबार कर दिया है। पीएम ने मध्यम और मैन्युफैक्चरिंग सेवा इकाइयों की सीमा भी बढ़ाकर 50 करोड़ निवेश कर दी और कारोबार की सीमा 250 करोड़ तक बढ़ा दी है। साथ ही ये भी फैसला लिया गया है कि निर्यात में एमएसएमई को किसी भी टर्नओनर में नहीं गिना जाएगा, चाहे वह सूक्ष्म हों, लघु हों या फिर मध्यम हों।

रेहड़ी वालों को लोन की सौगात
यूनियन कैबिनेट की इस बैठक में रेहड़ी पटरी और ठेले वालों के लिए एक विशेष ऋष योजना की भी घोषणा हुई। इससे रेहड़ी पटरी ठेले वाले, छोटी दुकान वाले, सड़क पर माल बेचने वाले लोगों की क्षमता बढ़े और उनका काम चले, इसके लिए अधिक लोन दिया जाएगा और ये योजना लंबी चलेगी। इससे 50 लाख से अधिक लोग लाभान्वित होंगे। रेहड़ी पटरी और ठेले लगाकर बहुत से लोग सब्जी, फल, चाय, पकौडा, चप्पल, किताब, अंडा और कई अन्य चीजें बेचते हैं। इसके तहत सैलून, मोची, लॉन्ड्री और पान की दुकानें भी आएंग। कोविड-19 के दौरान इनका ध्यान रखने के लिए योजना शुरू की गई है, ताकि उन्हें मदद मिले।


फुटपाथ दुकानदारों को 10 हजार तक का मिलेगा लोन
फुटपाथ दुकानदारों को इस योजना के तहत 10 हजार रुपए का लोन दिया जाएगा, जिसे वह मासिक किश्तों में 1 साल में लौटा सकते हैं। समय से भुगतान में 7 फीसदी वार्षिक ब्याज सब्सिडी के रूप में लाभार्थी के खाते में डाल दिए जाएंगे। जावड़ेकर ने घोषणा करते हुए साफ किया कि इसमें कोई दंड का प्रावधान नहीं है। बैंक और स्वयं सहायता समूहों की जिम्मेदारी भी तय की गई है, ताकि ये फायदा जिनके लिए है, उन तक आसानी से पहुंच सके। इसमें पारदर्शिता बनी रहे, इसके लिए पोर्टल और मोबाइल ऐप भी तैयार किए गए हैं।

ब्याज में छूट सहित किसानों के लिए भी अहम घोषणाएं
मोदी कैबिनेट की इस बैठक में किसानों के लिए भी बड़े फैसले किए गए, जो अहम हैं। न्यूनतम समर्थन मूल्य फसल की कुल लागत का डेढ़ गुना रखने का वादा सरकार पूरा कर रही है। 14 फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य जारी भी कर दिया है। बैंकों द्वारा खेती और उससे जुड़े काम-धंधों के लिए 3 लाख रुपए तक के अल्पकालिक भुगतान की तिथि भी 31 अगस्त तक के लिए बढ़ा दी गई। किसान को ब्याज में छूट और अदायगी में मोहलत का फायदा मिलेगा। ब्याज में 2 फीसदी और अदायगी में 3 फीसदी का फायदा होगा। आम तौर पर 9 फीसदी ब्याज पर कर्ज मिलता है, लेकिन सरकार 2 फीसदी सब्सिडी देते हुए किसान को 7 फीसदी ब्याज पर कर्ज दे रही है। इसके तहत 3 लाख रुपए तक का लोन दिया जा रहा है। समय से भुगतान करने पर 3 फीसदी की छूट दी जा रही है यानी 4 फीसदी पर किसानों को 3 लाख रुपए का लोन मिलेगा। ये लोन किसान क्रेडिट कार्ड के जरिए दिया जा रहा है। पिछले कुछ हफ्तों में बहुत से किसान लोन अदायगी के लिए बैंक नहीं जा सके हैं। ऐसे सभी लोगों को सरकार के फैसलों से लाभ होगा। 

19.4.20

कल 20 अप्रेल से लॉक डाउन में कुछ चीजों में ढील दी जा रही है, , जानें किन चीजों में मिलेगी छूट, और क्या क्या रहेगा बंद

दिल्ली

केंद्रीय गृह मंत्री ने कोरोना महामारी पर 20 अप्रैल से दी जाने वाली छूट के सम्बन्ध में राज्यों से महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा कर स्थिति को नियंत्रण में रखने के निर्देश दिए हैं.
गृह मंत्रालय ने कहा है कि ऐसे क्षेत्र जो हॉट-स्पॉट, क्लस्टर्स , कंटेनमेंट ज़ोन में नहीं आते उनमें कुछ गतिविधियों की अनुमति दी जा रही है.

हालांकि ये छूट कंटेनमेंट ज़ोन में लागू नहीं होगी.
सरकार की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि 'यह सुनिश्चित करना ज़रूरी है कि छूट केवल वास्तविक परिस्थितियों का यथोचित आंकलन करके दी जाए.'

सरकार ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बल देने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में कुछ आर्थिक गतिविधियों की अनुमति दी है.
सरकार ने राज्य सरकारों से ये भी कहा है कि बड़ी औद्योगिक इकाइयों और औद्योगिक परिसरों के संचालन पर विशेष ध्यान दिया जाए. ख़ासकर ऐसी इकाइयों के संचालन पर ज़ोर देना है जहां मज़दूरों के परिसर में ही रहने की व्यवस्था हो.

सरकार ने अपने बयान में कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 14 अप्रैल को दिए अपने भाषण में कहा था कि 20 अप्रैल से कुछ शर्तों के साथ लॉकडाउन से कुछ इलाक़ों में छूट दी जाएगी, सरकार ने इस संबंध में 15 अप्रैल को दिशानिर्देश भी जारी किए थे और उन गतिविधियों का ज़िक्र किया था जिन्हें अनुमति दी जाएगी.अब सरकार ने कहा है कि ये ढील 20 अप्रैल की मध्यरात्रि से लागू होगी.

20 अप्रैल से इन चीज़ों में ढील दी जाएगी-
- खेती, हॉर्टीकल्चर, कृषि से जुड़ी गतिविधियों को शुरू करने की इजाज़त दी जाएगी.
- सभी स्वास्थ्य सेवाएं चालू रहेंगी. इनमें आयूष से जुड़ी सेवाएं भी हैं.
- मनरेगा वर्करों को काम करने की इजाज़त होगी लेकिन उन्हें सोशल डिस्टेंसिंग का सख़्ती से पालन करना होगा.
- खेती से जुड़े सामान, कल-पुर्ज़े, सप्लाई चेन से जुड़े काम किए जा सकेंगे.
- दवा बनाने वाली कंपनियां और मेडिकल उपकरण बनाने वाले कारख़ाने खुल सकेंगे.
- चाय, कॉफ़ी, और रबर पलांटेशन को अधिकतम 50 फ़ीसदी कर्मचारियों के साथ काम करने की इजाज़त होगी.
- तेल और गैस सेक्टर से जुड़ी सभी गतिविधियां जारी रहेंगी.
- पोस्टल सर्विस जारी रहेगी, पोस्ट ऑफ़िस खुले रहेंगे.
- गौशाला और जानवरों के शेल्टर होम खुले रहेंगे.
- आवश्यक सेवाओं की आपूर्ति बरकरार रखी जाएगी.
- निर्माण कार्यों को अनुमति होगी.
- हाइवे के ढाबे, ट्रक रिपेयर करने वाली दुकान, सरकारी काम से जुड़े कॉल सेंटर खुल सकेंगे.
- इलेक्ट्रिशियन, आईटी रिपेयरिंग वाले, पलंबर, मोटर मैकेनिक, कार्पेंटर और इसी तरह के स्वरोज़गार वाले लोगों को काम करने की इजाज़त होगी.

- लेकिन ये सारी छूट कोरोना के हॉटस्पॉट और कंटेनमेंट ज़ोन में रहने वाले लोगों को नहीं दी जाएगी.
- ग्रामीण इलाक़ों में चल रहे उद्योग धंधों को खोलने की इजाज़त होगी लेकिन इसके लिए सोशल डिस्टेंसिंग का सख़्ती से पालन करना होगा.

- किसी भी राज्य सरकार या केंद्र शासित प्रदेश को इन गाइडलाइन को नज़रअंदाज़ करने की अनुमति नहीं होगी. अलबत्ता राज्य या केंद्र शासित प्रदेश चाहें तो अपने स्थानीय ज़रूरतों के अनुसार लॉकडाउन को और ज़्यादा सख़्त बना सकते हैं.

- केंद्र सरकार और राज्य सरकार के सभी दफ़्तर खुले रहेंगे.
- सार्वजनिक जगहों पर फ़ेस मास्क पहनना या किसी भी तरह चेहरे को ढंकना अब अनिवार्य कर दिया गया है.
- पीडीएस, फल-सब्ज़ी, दवा, राशन, दूध, गोश्त, मछली की दुकानें खुली रहेंगी.
- बैंक और एटीएम खुले रहेंगे.
- शेयर बाज़ार खुले रहेंगे.

जो क्रियाकलाप रहेंगे बंद-
- रेल, मेट्रो, सड़क और हवाई यात्रा तीन मई तक बंद रहेंगे.
- शॉपिंग मॉल, सिनेमाघर, ऑडिटोरियम, खेल परिसर, स्वीमिंग पूल, मनोरंजन पार्क, बार, जिम, रेस्त्रां वग़ैरह भी बंद रहेंगे.
- स्कूल, कॉलेज और सभी शिक्षण संस्थान भी तीन मई तक बंद रहेंगे. लेकिन इन संस्थानों को अकादमिक सेशन को मेंटेन करना होगा. इसके लिए वे ऑनलाइन क्लासेज़ का सहारा ले सकते हैं. इसके लिए दूरदर्शन और दूसरे शैक्षणिक चैनलों की भी मदद ली जा सकती है.
- मंदिर, मस्जिद, गुरुद्वारे, चर्च और किसी भी तरह के धार्मिक स्थल पूरी तरह बंद रहेंगे. इसके लिए किसी भी तरह के धार्मिक आयोजन की भी अनुमति नहीं होगी.
- शादी-विवाह, सार्वजनिक कार्यक्रम, सामाजिक उत्सव, सांस्कृतिक कार्यक्रम, सेमिनार, राजनीतिक कार्यक्रम, कॉन्फ़्रेंस, खेल आयोजन पर भी पाबंदी लगी रहेगी.
- अंतिम संस्कार में 20 से ज़्यादा लोगों को शामिल होने की अनुमति नहीं होगी.


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24.3.20

आज से शुरू हो रहा है प्रमादी नाम का नया वर्ष विक्रम संवत 2077, जानिए इस साल के बारे में क्या कहता है ज्योतिष

 लखनऊ

आज 25 मार्च 2020 को नव विक्रम संवत का आरंभ हो रहा है 2077 का नव संवत्सर प्रमादी नाम से पुकारा और जाना जाएगा. इस वर्ष संवत के राजा बुध होंगे और मंत्री चंद्रमा होंगे. प्रमादी नामक संवत के प्रभाव से कृषी के क्षेत्र में विकास देखने को मिल सकता है. अनाज का अच्छा उत्पादन होगा. रस से भरपूर पदार्थों के मूल्यों में बढ़ोत्तरी देखने को मिल सकती है. गुड़ और चीनी जैसे मीठे पदार्थ भी महंगे होने लगेंगे. 

 कुछ विशेष फल
आषाढ़ माह का समय कम वर्षा हो सकती है और भाद्रपद के महीने में अधिक बारिश होने की संभावना रहेगी. इस नव संवत में राज और मंत्र के मध्य मित्रता की कमी के कारण सरकार की ओर से कुछ कठोर कानून भी लाए जा सकते हैं. विरोधाभास की स्थिति बनी रहने वाली है. नियम एवं कानून में कठोरता और सख्ती के कारण क्रोध बढ़ सकता है.
जरुरी सामान महंगा हो सकती है. कुछ कारणों से , राजनीतिक उथल पुथल भी देखने को मिल सकती है. जातगत हिंसा भी बढ़ सकती है. नव सम्वत्सर का स्थान इस वर्ष वैश्य के घर पर होने के कारण, व्यापारिक और आर्थिक क्षेत्र में तेजी देखने को मिलेगी. मौसम में बदलाव दिखाई देगा. दूध जैसे पेय पदार्थ महंगे हो सकते हैं. इस समय लोभ व स्वार्थ की स्थिति अधिक दिखाई देगी. व्यापारियों के लिए थोड़ा अधिक लाभ और बेहतर जीवन शैली दिखाई देगी.
देश के दक्षिण प्रांत में अव्यवस्था दिखाई दे सकती है. शासन परिवर्तन और राजनैतिक उतार-चढा़व दिखाई देते हैं. कहीं-कहीं अनाज की कमी भी देखने को मिल सकती है. इस समय लड़ाई झगड़े और एक दूसरे के प्रति असंतोष भी लोगों में बहुत अधिक होगा. 

नव संवत के राजा का चयन कैसे होता है
किसी भी नए संवत्सर में राजा का चयन चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि के वार के अनुसार होता है, अर्थात इस दिन जो वार होता है उस वार के स्वामी को संवत का राजा माना जाता है.
2077 के सम्वत में ग्रहों को निम्न अधिकार प्राप्त होंगे जिनके अनुरुप यह पूरा वर्ष प्रभावित रहेगा. आईए जानते हैं इसके बारे में विस्तार से.

सम्वत राजा बुध
इस सम्वत वर्ष के राजा बुध होंगे. बुध के प्रभाव से शुभ एवं मांगलिक कार्यों का आयोजन बना रहेगा पर इसके साथ ही इसमें दूसरों के कारण परेशानी भी उत्पन्न की जा सकती हैं. मानसिक रुप से उत्सुकता और उत्साह की स्थिति अधिक दिखाई देती है. बड़े बुजुर्गों के साथ विरोधाभास भी अधिक रह सकता है. मनोरंजन के क्षेत्र में लोगों का झुकाव अधिक रहने वाला है. धन धान्य और सुख सुविधाओं के प्रति भी अधिक इच्छाएं होंगी.
बुध का प्रभाव लोगों के मध्य चालाकी से काम करने की प्रवृत्ति को बढ़ाने वाला होगा. एक दूसरे के साथ झूठ और छल करने की प्रवृत्ति भी बढ़ेगी. कला और संगीत के क्षेत्र में अधिक विकास होगा. व्यापारी वर्ग के लिए थोड़ा बेहतर समय होगा. साधु संतों का भी इस समय प्रभाव अधिक रहने वाला होगा. कानून विरोधी काम भी अधिक होंगे, ऑनलाइन व्यापार, स्टॉक मार्केट के लिए अच्छा साल रहेगा।

सम्वत मंत्री चंद्रमा
चंद्रमा के मंत्री होने के कारण भौतिक सुख सुविधाओं का बोलबाला होगा. लोगों का ध्यान भी इस ओर अधिक रह सकता है. वर्षा अच्छी होने की उम्मिद भी की जा सकती है. दूध और सफेद वस्तुओं का उत्पादन भी अच्छा होगा. रस और अनाज में वृद्धि होगी. बाजार में मूल्यों में उतार-चढा़व जल्दी दिखाई देगा. कोई भी स्थिति लम्बे समय तक नहीं रह पाए. असंतोष और दुविधा आम व्यक्ति के मन में बहुत अधिक रहने वाली है. 

सस्येश (फसलों) का स्वामी गुरु
इस समय सस्येश गुरु का प्रभाव होने से रस और दूध और फलों की वृद्धि अच्छी होगी. इस समय वेद और धर्म के मार्ग पर जीवन जीने से लोगों का कल्याण होता है. कृषि के क्षेत्र में अच्छा रुख दिखाई दे सकता है. पशुओं से लाभ मिलने की उम्मीद भी दिखाई देती है. खेती से जुड़े व्यापारियों को भी लाभ मिलने की अच्छी उम्मिद दिखाई देती है. 

धान्येश मंगल का प्रभाव
धान्येश अर्थात अनाज और धान्य जो हैं उनके स्वामी मंगल होंगे. मंगल के प्रभाव से चना, सरसों बाजरा के मूल्य में वृद्धि देखने को मिल सकती है. तेल जैसे पदार्थों में तेजी आएगी ये वस्तुएं महंगी हो सकती है. 

मेघश सूर्य का प्रभाव
मेघेश यानी के वर्षा का स्वामी. इस वर्ष सूर्य मेघेश होंगे. सूर्य के प्रभाव गेहूं, जौ, चने, बाजरा की पैदावार अच्छी होगी. दूध, गुड़ भी अच्छे होंगे, उत्पादन में वृद्धि होगी. सूर्य का प्रभाव कई स्थानों पर वर्षा में कमी ला सकता है. नदी और तालाब जल्द सूख भी सकते हैं. 

रसेश शनि का प्रभाव
रसेश अर्थात रसों का स्वामी, रस का स्वामी शनि होने के कारण भूमी का जलस्तर कम हो सकता है. वर्षा होने पर भी जल का संचय भूमि पर नहीं हो पाए. बेमौसमी और प्रतिकूल वर्षा के कारण अनेक रोग उत्पन्न हो सकते हैं. कुछ ऎसे रोग भी बढ़ सकते हैं जो लम्बे चलें और आसानी से ठीक न हो पाएं. 

नीरसेश गुरु का प्रभाव
नीरसेश अर्थात ठोस धातुओं का स्वामी. इनका स्वामी गुरु है. गुरु के प्रभाव से तांबा, सोना या अन्य पीले रंग की वस्तुओं के प्रति लोगों का झुकाव और अधिक बढ़ सकता है. इनकी मांग बढ़ सकती है. 

फलेश सूर्य का प्रभाव
फलेश अर्थात फलों का स्वामी. सूर्य के फलों का स्वामी होने के कारण इस समय वृक्षों पर फल बहुत अच्छी मात्रा में रहेंगे. फल और फूलों की अच्छी पैदावार भी होगी ओर उत्पादन भी बढ़ेगा. पर कुछ स्थान पर इसमें विरोधाभास भी दिखाई देगा जैसे की कही अच्छा होना और कहीं अचानक से कम हो जाना. 

धनेश बुध का प्रभाव
धनेश अर्थात धन का स्वामी राज्य के कोश का स्वामी. बुध के धनेश होने के कारण वस्तुओं का संग्रह अच्छे से हो सकता है. व्यापार से भी लाभ मिलेगा और सरकारी खजाने में धन आएगा. धार्मिक कार्य कलापों से भी धन की अच्छी प्राप्ति होगी.

दुर्गेश सूर्य का प्रभाव
दुर्गेश अर्थात सेना का स्वामी. सूर्य के दुर्गेश होने से सैन्य कार्य अच्छे से हो सकेंगे. न्याय पालन करने में लोगों का असहयोग रहेगा. पर कई मामलों में कुछ लोग निड़र होकर कई प्रकार के खतरनाक हथियारों का निर्माण करने में भी लगे रह सकते हैं. सरकारी तंत्र से जुड़े लोग नियमों को अधिक न मानें और अपनी मन मर्जी ज्यादा कर सकते हैं. 

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13.3.20

दंगाइयों पर सख्त योगी सरकार ने उपद्रवियों पर कसी और नकेल, कैबिनेट ने दी सार्वजनिक संपत्ति को क्षति पहुंचाने के वसूली के अध्यादेश को मंजूरी

लखनऊ

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में शुक्रवार की शाम को यहां लोकभवन में कैबिनेट की बैठक संपन्न हुई। जिसमें धरना, प्रदर्शन और बंद के नाम पर सार्वजनिक और निजी संपत्ति को क्षति पहुंचाने वाले उपद्रवियों से नुकसान की भरपाई का अध्यादेश पास कर दिया गया। अब उत्तर प्रदेश रिकवरी ऑफ डैमेज टू पब्लिक एंड प्राइवेट प्रापर्टी अध्यादेश 2020 के तहत प्रदर्शन के नाम पर आगजनी और तोड़फोड़ के दोषी व्यक्तियों से क्षति की वसूली की जाएगी। पहले ऐसे किसी मामले में शासनादेश के माध्यम से वसूली का प्रावधान था।

सरकार के प्रवक्ता सिद्धार्थनाथ सिंह और वित्तमंत्री सुरेश खन्ना ने लोकभवन में पत्रकारों से बात करते हुए बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि देश में राजनीतिक धरना, प्रदर्शन, बंद और हड़ताल के दौरान उपद्रवियों द्वारा सरकारी एवं निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया जाता है। जिसके निवारण हेतु कड़े कानून की आवश्यकता है। सुप्रीम कोर्ट ने ऐसे प्रदर्शनों की वीडियो ग्राफी, विवेचना एवं छतिपूर्ति के लिए दावा अधिकरण की स्थापना के निर्देश दिए थे। उसी संबंध में आज यह अध्यादेश कैबिनेट में लाया गया, जो सर्वसम्मति से पारित हुआ। बहुत जल्द ही इसकी नियमावली भी आएगी।

इन प्रस्तावों पर भी लगी मुहर
•सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग और ODOP के प्रोत्साहन के लिए प्रदेश की MSME से 25 फीसद सरकारी खरीद अनिवार्य होगी। कैबिनेट ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। केंद्र की गाइड लाइन के अनुसार अब तक खरीद की अनिवार्यता 20 फीसद तक थी, पर यह खरीद देश की किसी भी एमएसएमई से की जा सकती थी। प्रदेश से ही खरीद को अनिवार्य करने वाला उप्र देश का पहला राज्य है। इस सेक्टर की महिला, एससी-एसटी और इको ग्रीन इकाईयों से क्रमश: 3, 4 और 5 फीसद की खरीद करनी होगी। प्राइस में भी 15 फीसद की वरीयता देनी होगी। प्रदेश की इकाईयों द्वारा आपूर्ति नहीं किए जाने की दशा में ही किसी और प्रदेश के एमएसएमई से खरीद की जा सकेगी। इससे मेक इन यूपी और मेक इन इंडिया को बढ़ावा मिलेगा।

•पीपीपी मॉडल पर बनेंगे प्रमुख शहरों में 23 बस अड्डे। इनके लिए सरकार एक मानक तय करेगी। मसलन पूरे रकबे का 55 फीसद बस टर्मिनल के लिए होगा। 45 फीसद रकबा व्यावसायिक निर्माण के लिए होगा। निर्माता अनिवार्य रूप से वहां सभी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराएगा। संचालन की अवधि 60 साल की होगी। 30 साल बाद निर्माता विथड्रा भी कर सकता है। जिन शहरों में इनका निर्माण होना है, उनमें गाजियाबाद, लखनऊ, गोरखपुर, वाराणसी, हापुड़, रायबरेली, बरेली, आगरा, बुलंदशहर और अयोध्या आदि शामिल हैं।  

•इलाहाबाद हाईकोर्ट में बहुमंजिला पार्किंग के निर्माण को कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है। इसके लिए जजों के 12 बंग्लों, टाइप-ए के 80 आवास, दो रिकॉर्ड रूम, संपर्क गलियारा और पुलिस बैरक को ध्वस्त किया जाएगा। बहुमंजिला पार्किंग के अलावा अधिवक्ताओं चैंबर भी बनेंगे। इसके अलावा वहां के न्यायाधीशों के लिए 11 कोरोला आल्टिस कार खरीदने का निर्णय भी कैबिनेट में पास हुआ।

•कैबिनेट ने जिलों के न्यायालयों की त्रिस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था का भी निर्णय लिया है। यह काम संसद सहित केंद्र के तमाम प्रतिष्ठानों की सुरक्षा इंतजाम करने वाली इलेक्ट्रॉनिक कारपोरेशन ऑफ इंडिया (इसीआईएल) को अधिकृत किया गया है। शीघ्र ही इसका ऑकलन रिपोर्ट तैयार किया जाएगा। 

•कैबिनेट ने प्रदेश के तीन प्रमुख मेलों का प्रांतीयकरण करने की मंजूरी दी है। जिन मेलों का प्रांतीयकरण किया गया है उनमें बरसाना-नंदगांव की लट्ठमार होली, डलमऊ बरेली का कार्तिक पूर्णिमा मेला और मिश्रित तीर्थ सीतापुर को 84 कोसी होली परिक्रमा शामिल है।

•केंद्रीय वित्त आयोग और महालेखाकार उप्र की संस्तुतियों के आधार पर कंसॉलिडेटेड सिंकिंग फंड के सृजन को भी कैबिनेट ने मंजूरी दी है। कई राज्यों में पहले से ही ऐसे फंड हैं। इसके लिए राज्य सरकार 2500 से 3000 करोड़ रुपये तक के फंड का सृजन करेगी। इससे निवेशकों का भरोसा बढ़ेगा।

•पीएम आवास योजना के घटक भागीदारी में किफायती आवास (अफोर्डेबल हाउसिंग इन पार्टनरशिप) योजना के तहत बनने वाले ईडब्लूएस आवासों की लागत में संशोधन को भी कैबिनेट ने मंजूरी दी है। इनकी लागत 4.5 लाख रुपये से बढ़ाकर 6 लाख कर दिया गया है। केंद्र और प्रदेश सरकार इस मद में जो देती थी वह यथावत रहेगा।

•पीएम आवास योजना के तहत निजी क्षेत्र की सहभागिता किफायती आवास योजना 2018-2022 में संशोधन के तहत पहले एक हेक्टेयर में 250 आवास बनाने होते थे। अब इनकी संख्या 150 होगी। कैबिनेट ने इस प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी है।

•प्रदेश में पुलिस लाइन, बैरक, थाने और फायर ब्रिगेड के लिए जो भी निर्माण हो रहे हैं, उन सबमें लगभग एकरूपता रहे इसकी भी मंजूरी कैबिनेट ने दी है।

•न्यूनतम समर्थन मूल्य पर सरकार इस रबी के सीजन में 1925 रुपये प्रति क्विंटल की दर से 55 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदेगी। खरीद एक अप्रैल से 15 जून तक होगी। किसानों के खाते में 72 घंटे के भीतर भुगतान किया जाएगा।

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3.3.20

कोरोना वाइरस से बचाव के घरेलू तरीके

 दिल्ली

UP सहित भारत मे चीन के वुहान से निकले कोरोना वाइरस के मरीज आने शुरू हो गए हैं ये वाइरस सामान्य सर्दी जुखाम की तरह लोगो को प्रभावित करता है परंतु रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होने पर मृत्य तक हो जाती है, 

इस वाइरस के बारे में चीन व इस्राएल में हुए रिसर्च के बाद कुछ तथ्य सामने आए है जससे हैम कुछ सामान्य तरीको से इससे बच सकते हैं, ये रोग 35℃ के सामान्य तापमान में 3 घंटे में नष्ट हो जाता है भारत मे इस समय 28℃ सामान्य तापमान है जोकि कुछ दिनों में 35℃ तक पहुँच जाएगा, इससे प्रभावित लोगों में 2 से 5% तक कि मृत्य होती है
हम अपनी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाकर इससे लड़ सकते है इससे लिए निम्न काम कर सकते है-

क्या करें
- विटामिन सी प्रचुर मात्रा में लें जो नींबू, संतरा, मोसम्मी आदि में मिलता है।
- दूध, दही, मौसमी सब्जियां और फलों का प्रयोग करें। अंगूर, सेब, अमरूद, खीरा, ककड़ी, टमाटर अच्छी तरह धोकर खायें।
- नींबू के टुकड़े काटकर कप में ऊपर से गरम पानी डालकर पीने से बहुत लाभ होता है।
- बाजार के ठंडे और खुले खाने से बचें।
- अपने आसपास गंदगी व प्रदूषण न होने दें।
- हाथ, मुंह और कपड़े अच्छी तरह धुलते रहें।
- झींकते व खांसते वक्त रुमाल का प्रयोग करें, हाथ मिलाने से बचें।
- मच्छरों और मक्खियों से बचाव करें।
- किचेन, बेडरूम, बाथरूम टॉयलेट की सफाई का भी ध्यान रखें। खुली हवा आने दें।
- खाने में हल्दी, तुलसी, गिलोय, काली मिर्च, लौंग, सौंफ और जीरा आदि का उपयोग करें।
- जितना हो सके पैदल चलें, व्यायाम करें और खुली हवा में गहरी सांस लें

क्या ध्यान रखें
हाथ मिलाने से बचें
लोगो से गले न मिलें
मास्क का इस्तेमाल करें
अनावश्यक बाहर न निकलें
ठंढ से बचे
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28.2.20

जुममेे की नांमाज के बाद शान्त रहा उत्तर प्रदेश, बिजनौर व् बुलन्द्षहर में घरों की छत पर मिले पत्थर

मेरठ

दिल्ली में  चल रहे साम्प्रदायिक तनाव व दंगो के बीच राजधानी से सटे  जिलों में फोर्स काफी मुस्तैद थी आज। यूपी में बीते दिसंबर में हुई हिंसा के बाद छाई शांति पर एक बार फिर खतरे का बादल मंडरा रहा था। प्रदेश में माहौल खराब होने की आशंका के बीच पुलिस ने मोर्चा संभाल लिया था। मेरठ, बागपत, शामली, बिजनौर, बुलंदशहर, मुजफ्फरनगर के साथ सहारनपुर की जामा मस्जिद क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की थी। मुजफ्फरनगर में एसपी सिटी विनीत भटनागर के नेतृत्व में जमा मस्जिद के आसपास भारी पुलिस बल था। बागपत की की कैराना कोतवाली में डीएम और एसपी ने पहुंचकर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया।

घरों की छतों पर मिले पत्थर पुलिस ने उतरवाए
बिजनौर तथा बुलंदशहर में जुमे की नमाज से ठीक पहले पुलिस प्रशासन अलर्ट मोड पर रहा। ऊपरकोट मोहल्ले में ड्रोन की मदद से तीन मकानों की छत पर पत्थर देखे गए। उसी समय आईजी ज्योति नारायण ने सीओ सिटी को आदेश दिया कि इन घरों की छतों से पत्थरों को उतरवाया जाए। बिजनौर में चहशीरी इलाके के कई घरों की छतों पर पत्थरों से भरे बोरो के मिलने से स्थानीय पुलिस के होश उड़ गये हैं। इस बात की खबर मिलते ही पुलिस ने पूरे इलाक़े में तलाशी अभियान तेज कर दिया। ड्रोन से निगरानी के आधार पर ऐसे तमाम घरों पर कार्रवाई शुरू हुई जहां पत्थरों से भरे बोरे रखे हुए थे। पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर उन पत्थरों को हटवाया


 कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच मेरठ मंडल में जुमे की नमाज शांतिपूर्ण ढंग से अदा की गई। किसी भी जिले से कोइ बवाल की खबर नहीं है। एसएसपी और डीएम सड़कों पर उतरकर अपने क्षेत्र की निगरानी कर रहे हैं। इसके साथ ही सभी जिलों में भारी पुलिस बल व पीएसी के जवानों को उतारा गया है। ड्रोन से भी नजर रखी गई। मेरठ में जुमे की नमाज पर कड़ी सुरक्षा एसएसपी अजय साहनी और डीएम अनिल धींगरा दोनों अफसर संयुक्त रूप से फोर्स के साथ जिले का भ्रमण कर रहे थे

अधिकारियों को मिली अलग अलग जिम्मेदारी
लखनऊ में DGP हितेश चंद्र अवस्थी ने ADG, IG, व DIG स्तर केे अधिकारियों को अलग अलग जिला में शांति-व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए। उनके निर्देश पर वरिष्ठ अधिकारी उन जिलों में कैंप कर रहे हैं। एडीजी अविनाश चंद्र ने अलीगढ़, एडीजी प्रशांत कुमार ने मेरठ, आइजी प्रवीण कुमार त्रिपाठी ने गाजियाबाद, आइजी रमित शर्मा ने संभल, आइजी ज्योति नारायण ने बुलंदशहर व हापुड़ तथा आइजी लक्ष्मी सिंह को ने मुजफ्फरनगर और डीआइजी जे.रविंद्र गौड ने बिजनौर की मॉनीटरिंग तथा कड़े सुरक्षा प्रबंध को सुनिश्चित किया

उत्तर प्रदेश पुलिस 22 जिलों में अतिरिक्त खुफिया मॉनिटरिंग कर रही है व सोशल मीडिया सेल के जरिए नजर रखी जा रही है


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9.2.20

SC-ST Act पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला, अब शिकायत पर होगी गिरफ्तारी

दिल्ली



SC-ST एक्ट पर 2018 में हुए कानून संसोधन पर डाली गई याचिकाओं की सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला दिया व संसोधन को मान्यता प्रदान की, इस आधार पर अब शिकायत दर्ज होते ही होगी गिरफ्तारी।

पिछले साल मार्च महीने में कोर्ट ने एससी-एसटी कानून के दुरुपयोग के मद्देनजर इसमें मिलने वाली शिकायतों को लेकर स्वत: एफआईआर और गिरफ्तारी के प्रावधान पर रोक लगा दी थी। इसके बाद संसद में अदालत के आदेश को पलटने के लिए कानून में संशोधन किया गया था। संशोधित कानून की वैधता को शीर्ष अदालत में चुनौती दी गई थी।

वहीं दूसरी ओर, उच्चतम न्यायालय ने कहा है कि राज्य सरकारें नियुक्तियों में आरक्षण देने के लिए बाध्य नहीं है तथा पदोन्नति में आरक्षण का दावा करने का कोई मूल अधिकार नहीं है। न्यायमूर्ति एल नागेश्वर राव और न्यायमूर्ति हेमंत गुप्ता की पीठ ने कहा, ”इस न्यायालय द्वारा निर्धारित कानून के मद्देनजर इसमें कोई शक नहीं है कि राज्य सरकारें आरक्षण देने के लिए बाध्य नहीं है। ऐसा कोई मूल अधिकार नहीं है जिसके तहत कोई व्यक्ति पदोन्नति में आरक्षण का दावा करे।”

पीठ ने अपने फैसले में कहा, ”न्यायालय राज्य सरकार को आरक्षण उपलब्ध कराने का निर्देश देने के लिए कोई परमादेश नहीं जारी कर सकता है।” उत्तराखंड सरकार के पांच सितम्बर 2012 के फैसले को लेकर दायर याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए शीर्ष न्यायालय ने यह टिप्पणी की।

गौरतलब है कि उत्तराखंड सरकार ने राज्य में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति को आरक्षण उपलब्ध कराये बगैर सार्वजनिक सेवाओं में सभी पदों को भरे जाने का फैसला लिया गया था। सरकार के फैसले को उत्तराखंड उच्च न्यायालय में चुनौती दी गई थी, जिसने इसे खारिज कर दिया था।

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18.1.20

गुड़िया गैंगरेप केस में आया फैसला, दो आरोपी दोषी करार।।

दिल्ली 

राजधानी के चर्चित गुड़िया गैंगरेप केस (Gudia Gang Rape) में कड़कड़डूमा कोर्ट का फैसला आ गया है. शनिवार को कोर्ट ने दोनों आरोपियों प्रदीप और मनोज को दोषी करार दिया है. अब इन दोनों की सजा पर 30 जनवरी को बहस होगी. सुनवाई के बाद कोर्ट से बाहर आते समय दो दोषियों में से एक ने पत्रकारों पर हमला किया और उनके मोबाइल फोन भी छीनने की कोशिश की

दरअसल दोषी करार दिए जाने के बाद दोनों प्रदीप और मनोज को कोर्ट से बाहर ले जाया जा रहा था, मौके पर मौजूद मीडिया ने उनसे सवाल पूछने की कोशिश की. इस पर एक दोषी भड़क गया और उसने मीडियाकर्मियों पर हमला करते हुए मोबाइल फोन को छीनने की कोशिश की.

पूर्वी दिल्ली में 2013 में पांच वर्ष की बच्ची से गैंगरेप मामले में कोर्ट में कुल 59 लोगों की गवाही हुईं. जिसके बाद कोर्ट ने ये फैसला सुनाया है. पुलिस ने आरोपी प्रदीप और मनोज के खिलाफ जान से मारने की कोशिश, गैंगरेप, किडनैपिंग, सबूत मिटाने और पोक्सो एक्ट (POCSO Act) के तहत मामला दर्ज किया हुआ है.

इससे पहले कड़कड़डूमा कोर्ट मामले की सुनावाई करते हुए कहा कि इस घटना ने समाज की चेतना को झकझोर कर रख दिया. हमारे समाज में छोटी बच्चियों की देवी की तरह पूजा होती है. कोर्ट ने बलात्कार के लिए दोनों लोगों प्रदीप और मनोज को दोषी ठहराते हुए कहा कि महज पांच वर्ष की बच्ची को बुरे आचरण, अति क्रूरता का सामना करना पड़ा.

गौरतलब है कि  बच्ची के साथ जब ये दरिंदगी हुई थी तब उसकी उम्र महज पांच साल थी. गैंगरेप के बाद दोनों दोषियों ने उसे जान से मारने की भी कोशिश की थी. 15 अप्रैल, 2013 की शाम गुड़िया अपने गांधी नगर के घर से लापता हो गई थी. इसके दो दिन बाद 17 अप्रैल की सुबह वो घायल अवस्था में अपने घर के पास मिली थी. गुड़िया को इलाज के लिए एम्स अस्पताल में भर्ती कराया गया था. कई दिनों तक गुड़िया की हालत अस्पताल में नाजुक बनी हुई थी
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