29.6.16

7वे वेतन आयोग की सिफारिश के प्रमुख बिंदु, किसकी कितनी बढ़ी पगार


प्रधानमंत्री ने आज कैबिनेट बैठक में केंद्रीय मंत्रिमंडल के साथ 29/6 2016 को हुई अपनी बैठक में सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों से अधिक वेतन वृद्धि के प्रस्ताव पर सहमति की मुहर लगा दी है। आपको बता दें कि आज कैबिनेट की बैठक में सातवां वेतन आयोग एक अहम मुद्दा था। इन सिफारिशों के लागू होने के बाद केंद्रीय कर्मचारियों के वेतन में 23 फीसदी तक का इजाफा हो जाएगा।

-सातवें वेतन आयोग ने अपनी रिपोर्ट में सरकारी कर्मचारियों की बेसिक सैलरी में 14.27 फीसदी बढ़ोत्तरी की सिफारिश की थी।

किनको मिलेगा फायदा -
इसका फायदा 50 लाख सरकारी कर्मचारियों और 58 लाख पेंशनधारियों को मिलेगा।

कब से लागु-
नई सैलरी 1 जनवरी 2016 से लागू होगी, यानी सरकारी कर्मचारियों को छह महीने का एरियर मिलेगा।

एरियर-
कैबिनेट तय करेगी कि एरियर एक मुश्त दिया जाए या किश्तों में दिया जाए।

शुरुवाती वेतन पर असर -
सातवें वेतन आयोग ने इंट्री लेवल सैलरी 7,000 रू प्रति महीने से बढ़ाकर 18,000 रुपये प्रति महीने करने के प्रस्ताव सरकार के सामने रखा।

IAS की बढ़ी सैलरी-
कैबिनेट सचिव की मौजूदा सैलरी 90,000 से बढ़ाकर 2.50 लाख रुपये करने की सिफारिश की है।

सूत्रों के मुताबिक सचिवों की समिति ने वेतन आयोग की तरफ से न्यूनतम वेतन के लिए 18000 रुपये मासिक के प्रस्ताव को कम मानते हुए इसे बढ़ाने की सिफारिश की है। समिति ने इसे 23500 रुपये न्यूनतम और 3.25 लाख रुपये अधिकतम वेतन रखने को कहा है।

सचिवों की समिति की इसी रिपोर्ट के आधार पर वित्त मंत्रालय ने कैबिनेट नोट तैयार किया है और आज इस पर मंत्रिमंडल की मंजूरी की मुहर लग गयी। इसका लाभ केंद्र सरकार के एक करोड़ कर्मचारियों और पेंशनधारकों को मिलेगा।

वेतन आयोग की सिफारिशें पहली जनवरी 2016 से लागू होनी हैं। लेकिन देश की मौजूदा राजकोषीय स्थिति को देखते हुए सरकार एरियर को किस्तों में देने का फैसला कर सकती है। सूत्रों का कहना है कि छह माह के एरियर का एकमुश्त भुगतान करने का प्रस्ताव भी कैबिनेट में आ सकता है।

--TheLogicalNews
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28.6.16

बिहार में अपराध चरम पर पुलिस अधिकारी भी नहीं सुरक्षित, DIG से माँगी रंगदारी


बिहार में बढ़ता अपराध,


हरसा (बिहार) : बिहार में पुलिस के एक उप महानिरीक्षक (डीआईजी) को बीते शुक्रवार को 20 लाख रुपये की फिरौती के लिए फोन किया गया जिसके बाद सोमवार को इस संबंध में एक एफआईआर दर्ज कर ली गयी।

पुलिस अधीक्षक अश्वनी कुमार ने यहां संवाददाताओं को बताया कि कोसी के डीआईजी चन्द्रिका राय को 24 जून को फोन मिला और इस संबंध में एक एफआईआर दर्ज किया गया। फोन करने वाले ने खुद की पहचान उत्तर प्रदेश के आजम खान के तौर पर बताई और राय से 20 लाख रुपये फिरौती मांगी।

डीआईजी ने दरभंगा के पुलिस महानिरीक्षक उमाशंकर सुधांशु का ध्यान इस मामले की ओर आकषिर्त किया जिन्होंने सहरसा में सदर पुलिस थाने में एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया। कुमार ने कहा कि इस मामले की जांच चल रही है।

पूछे जाने पर JDU के वरिष्ट नेता KC त्यागी ने कहा किसी को बक्शा नहीं जाएगा चाहे किसी भी नेता या अधिकारी की संलिप्तता अपराधी गतिविधियों में हो,
विपक्ष का आरोप है की बिहार में जंगल राज है और अभी तक आम आदमी की असुरक्षित था पर अब तो पुलिस भी डरी रहने लगी है, नितीश कुमार का सुसासन ख़त्म हो गया है और बिहार 1990 के युग में लौट चूका है ।

- TheLogicalNews
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24.6.16

यमन में शिया सुन्नी गृहयुद्ध पर ताजा हालात, शुरू हुई निर्णायक लडाई



यमन
मध्य पूर्व के इस्लामिक देश यमन जिसका कुल क्षेत्रफल लगभग 5.5 लाख वर्ग किलोमीटर है में शिया और सुन्नी मुस्लिम संगठनों में चल रहा वर्ग संघर्ष अब वीभत्स रूप ले चूका है,

 गौरतलब है की यमन इक शिया बहुल देश है जिसमे अल्पसंख्यक सुन्नियों का शाशन था जिनकी नीतियां शिया मान्यताओं की विरोधी और दमनकारी थी, 
स्वाभाव से शांतिप्रिय शिया संगठनों द्वारा शाशन की नीतियों का शांतिपूर्वक विरोध काम न आने पर शसस्त्र संघर्ष 2013 में प्रारम्भ हुआ ।

यमन की सरकार को सऊदी अरब का खुला समर्थन प्राप्त है हथियारों से लेकर मिसाइल तक उपलब्ध करा रहा है सऊदी अरब साथ ही सेख सलमान के भतीजे मोहम्मद ने यमन में शियाओं के खात्मे को लेकर कई बार बयांन भी दिए है ,

हुथि विद्रोहियों को कथित रूप से ईरान का समर्थन है क्योंकि शिया बहुल यह देश विश्व में शियाओं की सुरक्षा हेतु प्रयासरत रहा है , पर ईरान भी खुलकर विद्रोहियों का समर्थन नहीं कर प् रहा है , स्थिति की भाँपते हुए अमेरिका ने इस मामले में चुप्पी साध ली है, अंतरराष्ट्रीय दबाव में सऊदी अरब ने खुछ दिन का संघर्ष विराम घोषित किया था,

आज की स्थिति- 
सऊदी द्वारा घोषित संघर्ष विराम के बाद बनी शांति फिर ख़त्म हुई क्योंकि 2 दिन पूर्व सरकार और सऊदी की और से हुई गोलीबारी में कुछ विद्रोही मारे गए, जवाब में दोनों पक्षों से पुनः शुरू हुआ गृहयुद्ध, 
तात्कालिक स्थिति में दक्षिण-पश्चिम यमन के पहाड़ी इलाको में शिया विद्रोही सऊदी अरबिया और सरकार की संयुक्त सुन्नी सेना पर भारी पड़ रहे है ,

अब तक हुए संघर्ष में 33 लोगो के मारे जाने की खबर है और युद्ध के आगे वीभत्स रूप लेने की संभावना है, जानकारों का कहना है की जबतक ईरान और सऊदी अरब आपसी लड़ाई नहीं बंद करेंगे तबतक यमन में शांति असंभव है,

-TheLogicalNews
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20.6.16

नकली सेकुलरों के कारण हो रहा कैराना से हिन्दूओ का पलायन- योगी आदित्यनाथ


अयोध्या के राम जन्मभूमि मंदिर मुद्दे पर BJP सांसद और गोरक्षपीठ के अध्यक्ष महंत योगी आदित्यनाथ जी ने बस्ती में रामकथा के समापन के समय कहा कि जब अयोध्या में विवादित ढांचा गिराने से कोई नहीं रोक सका, तो भला मंदिर बनाने से कौन रोकेगा.

रामकथा के अयोजन में पहुंचे योगी आदित्यनाथ ने सपा सरकार को ललकारते हुए कहा, 'भगवान राम के मंदिर को बनने से कोई नहीं रोक सकता है, सन् 2018 में मंदिर बनेगा

योगी जी ने कहा छह दिसंबर को कार सेवकों ने ढांचा ढहाने के बाद ईट का एक-एक टुकड़ा अपने साथ लेकर चले गए और अपने हिसाब से उसका इस्तेमाल किया 100 करोड़ हिन्दुओ की आस्था और प्रतिष्ठा का प्रश्न है राम मंदिर और कोई भी ताकत इसको अब बनने से नहीं रोक सकती ।

मौके पर उपस्थित जगतगुरु रामभद्राचार्य ने कहा मंदिर 2018 में बनेगा और इसका मई विश्वास दिलाता हूँ अगर मंदिर ना बना तो उन्होंने अपने आत्मदाह की बात कही ।
आदित्यनाथ ने कैराना के मामले पर दुख प्रकट करते हुए कहा, 'हिंदू कब तक पलायन करेगा और वह जाएगा कहां, सपा सरकार इस मामले को ख़ारिज नहीं कर सकती और उसको इसका जवाब देना होगा।

विश्व के मुस्लिम बहुल देशों पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान में हिन्दुओ, जैनो, और सिक्खों की सामूहिक हत्याऐं की गई और इन अल्पसंख्यकों को भगाया गया तब किसी ने असहिष्णुता की बात नहीं की. तब किसी ने कोई पुरस्कार वापस नहीं किया, इक गौहत्यारे अख़लाक़ के लिए सभी सेकुलरिस्टों ने केंद्र सरकार पर हमले शुरू किये ,

इन दिखावे के सेकुलरों के कारन ही कैराना से हिंदुओं को पलायन करना पड़ा जबकि कोई अपनी जिम्मेदारी लेने को तैयार नहीं ।

-TheLogicalNews

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16.6.16

उत्तर प्रदेश में 26 IAS, 30 Senior PCS और 55 SDM के transfers


ट्रान्सफर मोड में अखिलेश सरकार अभी जल्दी ही लंबी ट्रांसफर लिस्ट निकालने के बाद आज भी बहुत बडी लिस्ट सामने है
आज उत्तर प्रदेश सरकार ने 26 IAS, 30 वरिष्ट PCS और 55 SDM के तबादले किये है , 
IAS की लिस्ट निचे है -
प्रदीप भटनागर-प्रमुख सचिव कृषि, 
चंद्रकांत -कमिश्नर आगरा
रेणुका कुमार -प्रमुख सचिव महिला कल्याण,
सुभाष चंद्र शर्मा सचिव स्वास्थ्य,
मुरली मनोहर लाल -कमिश्नर खाद्य औषधि  विभाग,
ON सिंह-विशेष सचिव लोक  निर्माण,
सुखलाल भारती -MD हथकरघा निगम, 
मनमोहन चौधरी -विशेष सचिव  व्यवसायिक शिक्षा,
रमाकांत  पांडेय -अपर निदेशक ट्रेनिंग अकादमी, 
सुरेश  कुमार सिंह- अपर आयुक्त ग्राम्य  विकास,
चंद्रपाल सिंह- सचिव लोक सेवा आयोग,  
प्रमोद कुमार- विशेष सचिव PWD,
राजेंद्र कुमार सिंह -MD भूमि  सुधार निगम, 
कंचन वर्मा -CEO लीडा बनाई गई, 
अलकनंदा  दयाल MD पिकप व ED उद्योग बंधु,
अजयदीप  सिंह एमडी यूपी डेस्को,
अटल राय  विशेष सचिव वाणिज्य कर,
आंद्रा वाम्सी CDO इलाहाबाद,
पुलकित खरे CDI वाराणसी, 
PK  शिबू CDI शाहजहांपुर ,
नरेंद्र प्रसाद पांडेय- CDO  फर्रुखाबाद, 
प्रकाश चंद्र श्रीवास्तव -विशेष सचिव खाद रसद,
अपूर्वा दुबे ज्वाइंट मजिस्ट्रेट बरेली,
सुनील कुमार वर्मा ज्वाइंट मजिस्ट्रेट आगरा,

14.6.16

जम्मू में शिव मंदिर में तोड़फोड़ के बाद बवाल बढ़ा, आगजनी लाठीचार्ज


जम्मू

जम्मू शहर में आगजनी और बवाल हुआ है इंटरनेट उर फ़ोन की सेवाए बंद कर दी गई है

कल शाम को इक मानसिक विक्षिप्त मुस्लिम युवक द्वारा जानीपुर के रुपनागर क्षेत्र में स्थित प्राचीनआप शम्भु मंदिर में तोड़फोड़ के बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई, युवक को तत्काल गिरफ्तार कर लिया गया है

युवक पर शाम को मंदिर में घुसकर मूर्तियों से छेड़छाड़ और दरवाजा तोड़ने का आरोप है स्थानीय पुलिस के अनुसार घटना के तुरंत बाद सैकड़ों लोगो ने रोड जाम कर प्रदर्शन शुरू किया और युवक की गिरफ़्तारी की मांग की,

प्रदर्शनकारियों ने पत्थर चलाए और 3 रोड पर खड़े वाहनों को आग लगा दी है शिकायत पर युवक को गिरफ्तार कर लिया गया है और FIR दर्ज कर ली गई है, 
युवक को पुलिस मानसिक विक्षिप्त बता रही है पुलिस के अनुसार वह इक साइकेट्रिस्ट को दिखाने आया था
,
पर स्थानीय लोगो का कहना है की पुलिस की कहानी झूट है और वह युवक मंदिर की मूर्ति को तोडना चाहता था, इसी लिए मंदिर में घुसा था,

- TheLogicalNews
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12.6.16

बांग्लादेश में हिन्दूओं की हुई हत्या के मामले में 3000 की गिरफ्तारी, दबाव में सरकार



Bangladesh is becoming new home to Islamic Terrorism, recently some secular blogger and 2 Hindus have been killed At least 3,000 arrested in Bangladesh crackdown, PM vows to catch killers

The crackdown was conducted in order t halt the wave of Islamist attacks on minorities and secular writers.

More than 3,000 people, including 37 militants, have been arrested across Bangladesh in a sweeping crackdown on Islamists to halt a wave of fatal attacks on minorities and secular writers, as Prime Minister Sheikh Hasina on Saturday vowed to catch "each and every killer".

The militants arrested were operatives of the outlawed Jama'atul Mujahideen Bangladesh (JMB), the outfit believed to have carried out most of the attacks on secular and liberal activists and minorities, including Hindus and Christians.

"Out of the 37 militants, 27 belong to JMB," Deputy Inspector General AKM Shahidur Rahman told reporters while reports said more than 3,000 suspects - mostly listed as thugs and criminals - were arrested over the past two days.

Bangladesh launched the drive after a high-level meeting held by Inspector General AKM Shahidul Hoque on Thursday. The anti-militant drive involved the paramilitary Border Guard Bangladesh and the elite anti-crime Rapid Action Battalion.

Bangladesh has been witnessing a string of brutal attacks by Islamists. The ISIS and Al-Qaeda in the Indian Peninsula have claimed some of the attacks but government denies the presence of these groups in Bangladesh.

Prime Minister Hasina told a meeting of her ruling Awami League party that police would stamp out the violence. "Where will they hide in Bangladesh," she said. "No one will get away. Bangladesh is a small country. It's not a tough task to find them. They will be brought to justice." "Each and every killer will be brought to book as we did after the 2015 mayhem (and) all their sources, financiers and patrons would be unearthed and brought to justice as well," she said, referring to the deadly transport blockade last year organised by opposition parties.

She asked her countrymen to not be a bystander during such attacks as most of the attacks involved bike-borne assailants. "Please don't play the role of an onlooker when you see that a person is under attack, rather, try to resist and catch the criminals... police and (government) will stand by you," she said at the meeting at her official residence Gana Bhaban.

But opposition Bangladesh Nationalist Party immediately accused the government of using the crackdown to suppress political dissent. It rejected the allegation that the party and its fundamentalist ally Jamaat-e-Islami were patronizing the attacks under an orchestrated plot against the government.

BNP Secretary-General Fakhrul Islam Alamgir accused the government of arresting "hundreds of opposition activists in the name of crackdown against Islamist militants." The attacks since last year, which has left more than 30 people dead, has put Bangladesh under a global spotlight for failing to prevent such attacks.

Yesterday, a 60-year-old Hindu ashram worker was hacked to death by ISIS jihadists, days after another priest was killed by the same terrorist group in the Muslim-majority nation. In February, militants stabbed to death a Hindu priest at a temple and shot and wounded a devotee who went to his aid.

In April, a liberal professor was brutally hacked to death in Rajshahi city. The same month, a Hindu tailor was hacked to death and Bangladesh's first gay magazine editor was murdered in his Dhaka flat by Islamists.

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10.6.16

उत्तर प्रदेश में CM पद के लिए राजनाथ सिंह के नाम पर चर्चा तेज, इलाहाबाद में होगा विचार


लखनऊ 

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में करीब 6 महीने का समय बाकी हैं, लेकिन कुर्सी की जंग काफी तीखी और सियासी उठापटक काफी तेज़ हो चली है. लोकसभा चुनाव में राज्य में रिकार्ड जीत दर्ज करने वाली बीजेपी के सामने सबसे बड़ा सवाल है कि सूबे में उनका चेहरा कौन होगा

पिछले कई दिनों से कई नाम चर्चा में है लेकिन अब गृह मंत्री राजनाथ सिंह का नाम रेस में सबसे आगे बताया जा रहा है. दो दिन बाद इलाहाबाद में होने वाली राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में इस पर चर्चा हो सकती है.

सूत्र बता रहे हैं कि बीजेपी उत्तर प्रदेश में मुलायम सिंह यादव और मायावती के कद के ही नेता को मुख्यमंत्री के रूप में प्रोजेक्ट करने के बारे में सोच रही है. इस कसौटी पर राजनाथ सिंह और कल्याण सिंह दो ही नाम बीजेपी के पास हैं. कल्याण अभी राज्यपाल हैं. इसलिए राजनाथ के नाम पर ज्यादा चर्चा है. बताया जा रहा है कि राजनाथ सिंह CM बनने हेतु इच्छुक नहीं है अगर वह सहमत होते हैं तभी उनके नाम पर मुहर लगेगी.

योगी आदित्यनाथ भी है दावेदार
गोरखपुर से 5 बार सांसद और प्रखर राजनेता योगी आदित्यनाथ भी रेस में है उनका भी पूरे प्रदेश में नेटवर्क है और युवाओँ में लोकप्रिय भी है लेकिन उनके नाम पर केन्द्रीय नेतृत्व खासकर राजनाथ सिंह ही को आपत्ति रहती है ऐसे में इलाहाबाद में होने वाली राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में होगा फैसला ।

ब्राम्हण नेता की खोज नहीं हुई पूरी
विधानसभा चुनावों ने ब्राम्हण वोटों का खासा प्रभाव है जो की प्रदेश में 13 से 15% तक है और इस समय असमंजस की स्थिति में है गौरतलब है की ब्राम्हणों ने ही 2007 में मायावती की सरकार बनाई थी और 2012 में भी अखिलेश का साथ दिया था, पर 2014 चुनाव के बाद  BJP में उपेक्षित महसूस कर रहा ब्राम्हण बहुत खास रोल रखेगा, BJP के पास कोई बड़ा ब्राम्हण नेता नहीं है अतः राजनाथ और आदित्यनाथ ही विकल्प है ।

-TheLogicalNews
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6.6.16

दादरी गौहत्या मामला हिन्दूओं की महापंचायत में सरकार को अल्टीमेटम



दादरी के बिशहड़ा गांव में अख़लाक़ के परिवार द्वारा गौहत्या  किये जाने की केंद्रीय प्रयोगशाला द्वारा पुष्टि होने के उपरान्त आज बुलाई गई महापंचायत पर अब तक की जानकारी-

उत्तर प्रदेश में ग्रेटर नोएडा के बिसाहड़ा गांव में गोमांस विवाद को लेकर सोमवार शाम 5 बजे बुलाई गई महापंचायत में अख़लाक़ के परिवार पर गोहत्या का केस दर्ज कर जेल में बंद निर्दोष युवकों को रिहा करे प्रदेश सरकार 20 दिन का दिया समय नहीं तो होगी साठा पंचायत ।

मथुरा स्थित एक सरकारी फॉरेंसिक लैब की पिछले सप्ताह रिलीज हुई रिपोर्ट में कहा गया है कि पीड़ित व्यक्ति के घर में पाया गया मांस गोमांस ही था. इस रिपोर्ट के आने के बाद बिसहड़ा गांव के कुछ लोगों ने जिनमे मुख्य अभियुक्त के दादा भी शामिल है ने अखलाक के परिवार के खिलाफ गोहत्या का मामला दर्ज किए जाने की मांग की है. कुछ ग्रामीणों और हिंदू संगठनों ने अखलाक की हत्या के आरोप में गिरफ्तार किए गए 17 लोगों को रिहा करने की मांग की है.

प्रमुख हिंदू संगठन पंचायत में होंगे शामिल
एक अधिकारी ने कहा है कि आरोपियों को सोमवार को फास्ट-ट्रैक अदालत में पेश किया जाएगा, जहां उन पर आरोप तय किए जाएंगे. इस मामले में आरोपी एक किशोर को पहले ही उच्च न्यायालय से जमानत मिल चुकी है. उत्तर प्रदेश पुलिस दल के जवान रविवार शाम से ही गांव में गश्त कर रहे हैं.
अधिकारी ने बताया कि इस महापंचायत में कई संगठनों- विश्व हिन्दू परिषद (विहिप), राष्ट्रवादी प्रताप सेना, गोरक्षा दल तथा हिन्दू युवा वाहिनी, बजरंग दल  द्वारा शामिल होने की घोषणा के बाद यहां सुरक्षा कड़ी कर दी गई है.

अखलाक हत्या -
इसी गांव में पिछले साल 28 सितंबर को मोहम्मद अख़लाक़ नाम के शख्स की गोमांस खाने के आरोप में पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी, जिसके बाद यहां तनाव की स्थिति पैदा हो गई थी और देशभर में यह मुद्दा सुर्खियों में रहा था,

अबतक की हालत-
कांग्रेस सहित सभी सेक्युलरिस्ट पार्टियो ने इसे हिन्दुओ द्वारा असहिष्णुता का मुद्दा बनाया और लेखको, अभिनेताओं द्वारा Award वापसी तक का ड्रामा पूरे देश दुनिया में किया गया, बाद में सपा सरकार ने अख़लाक़ के परिवार को सहायता, फ्लैट और 2 नौकरियां दी थी

मथुरा की लैब द्वारा गोमांश अख़लाक़ के फ्रीज़ में मिलने की पुष्टि होने पर सारा दावा फुस्स हो गया और सेकुलरिस्टों का झूठ सामने आ गया, सूबे के CM अखिलेश ने जाँच रिपोर्ट पर ही सवाल उठाए थे पर पुलिस ने खुद अपनी रिपोर्ट में वही मांस होने की पुष्टि की है, ऐसे में मथुरा कांड में पहले से बैक फुट पर चल रही सरकार इस मामले को कैसे निपटाती है ये देखने वाली बात होगी ।

- TheLogicalNews
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4.6.16

उत्तर प्रदेश चुनाव जीतने के लिए ये है भाजपा की रणनीति



अब तक दिख रही सधी चालों और योजनाओं से BJP की रणनीति साफ मालूम चल रही है की 2017 चुनाव् जीतने की भाजपा की क्या योजना है,BJP की UP रणनीति पर इक Analysis Report.

असम की जीत से अति उत्साहित BJP ने यूपी विधानसभा चुनाव की तैयारियां अभी से शुरू कर दी है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह ये बात अच्छे से जानते हैं कि 2019 में लोकसभा चुनाव से पहले 2017 में उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव फाइनल से पहले नॉक आउट क्वार्टर फाइनल मैच है. इसमें हारने के बाद भी बीजेपी 2019 का फाइनल मैच जरूर खेलेगी बस जीतने की गारंटी 40 फीसदी रह जाएगी. इसलिए अमित शाह सहित पूरी BJP ने अपना पूरा फोकस यूपी पर केंद्रित कर दिया है.

जातीय समीकरण का परिणाम - केशव मौर्या
यूपी में चुनाव जीतने के लिए बीजेपी ने इस बार शोशल इंजिनीरिंग को ध्यान में रखकर ही पिछड़ी जाति के वोट बैंक में सेंध लगाने के लिए केशव प्रसाद मौर्य को यूपी बीजेपी का अध्यक्ष बनाया और चुनाव की बिसात बिछानी शुरू कर दी. यूपी में बीजेपी की सोशल इंजीनियरिंग को अंजाम देने का काम खुद अमित शाह और यूपी के प्रभारी और पीएम नरेंद्र मोदी के विश्वासपात्र ओम प्रकाश माथुर कर रहे हैं.

नकवी को नहीं मिला राज्यसभा का टिकट-
जातिगत समीकरणों को ध्यान में रखकर ही मुख्तार अब्बास नकवी को झारखंड से राज्यसभा भेजा जा रहा है. उनकी जगह शिव प्रताप शुक्ला को लाया गया जो यूपी बीजेपी में एक पुराने ब्राह्मण चेहरे हैं. क्योंकि बीजेपी के सोशल इंजीनियर्स ये अच्छे से जानते हैं कि चुनावों में BJP को मुस्लिम वोट न के बराबर मिलेगा. नकवी को यूपी से राज्यसभा भेजने से बीजेपी के कोर वोट बैंक में ठीक संदेश नहीं जाता. इसका असर यूपी चुनाव के नतीजों में दिखाई देता.

जिला अध्यक्ष में भी पिछड़ी जातियो को तरजीह-
इसलिए इस बार जिला अध्यक्ष बनाते हुए पार्टी ने जातिगत समीकरणों को ध्यान में रखा. पिछले 20 सालों में यूपी 80 प्रतिशत से 90 प्रतिशत जिला अध्यक्ष ब्राह्मण और ठाकुर ही बनाए जाते थे. इस बार 94 जिला अध्यक्षों और नगर अध्यक्षों में से 44 पिछड़ी और अति पिछड़ी जाति से, 29 ब्राह्मण, 10 ठाकुर, 9 वैश्य और 4 दलित समाज से हैं. बीजेपी ने जिस तरह से 2010 में नीतीश कुमार के साथ मिलकर बिहार में महादलित राजनीति के आधार पर जिस तरह से लालू यादव की RJD और रामविलास पासवान की लोकजन शक्ति पार्टी के गठबंधन का बिहार से पूरा सूपड़ा साफ कर दिया था, और इन नेताओ में भी आपसी रंजिश पैदा हुई थी, कुछ इसी तरीके से जातिगत समीकरणों का गुणा-भाग के जरिए बीजेपी यूपी में जीत का परचम लहरना चाहती है.

प्रदेश में यादव, जाटव (चमार)और मुस्लिम मिलाकर 35 प्रतिशत हैं. वहीं बीजेपी की नजर बाकी 65 प्रतिशत पर है. बीजेपी के सोशल इंजीनियर्स को लगता हैं पिछड़ी और अगड़ी जातियों के समन्वय के आधार पर BJP का कमल खिल सकता है.

निषाद और दलित जातियों पर डाले जा रहे हैं डोरे
बीजेपी ने इस बार मायावती (बसपा) के वोट बैंक में सेंध लगाने की पूरी तैयारी अभी से शुरू कर दी हैं. कानपुर से लेकर वाराणसी तक ज्यादातर विधानसभाओं में लगभग 10 हजार से 15 हजार तक निषाद जाति का वोट है. इसलिए बीजेपी निषाद जाति के नेताओं को अपने साथ जोड़ रही है. इसकी शुरुआत बीजेपी ने बीएसपी से सीट ना मिलने से नाराज राम भुआल निषाद को पार्टी में लाने के लिए उनसे बातचीत शुरू भी कर दी है. बीजेपी ने यूपी के निषाद और दलित जातियो में पैठ रखने वाले नेताओं पर डोरे डालने भी शुरू कर दिए हैं.

छोटी जातियों का बड़ा नेटवर्क-
बीजेपी ने छोटी-छोटी अति पिछड़ी जातियों को अपनी तरफ खींचना भी शुरू कर दिया है. जैसे कि राजभर जाति का देवरिया, बलिया, आजमगढ़, सलेमपुर और गाजीपुर समेत कई अन्य जिलों की विधानसभा सीट में प्रभाव है. इन विधानसभाओं में राजभर समाज के 30 हजार से 40 हजार तक वोट हैं. राजभर समाज की यूपी चुनाव में अहमियत को समझते हुईं अमित शाह ने पिछले साल वाराणसी में राजभर समाज की रैली को संबोधित किया था. बीजेपी चुनाव से पहले अशोक राजभर की पार्टी भारतीय समाज पार्टी का विलय बीजेपी में करना चाहती है या फिर 10 सीटें देकर उनके साथ गठबंधन करने की फिराक में है.

बसपा के बौद्ध समुदाय में सेंधमारी-
बीएसपी के कोर वोट बैंक में सेंध मारने के लिए बौद्ध भिक्षुक की ब्रहम् चेतना यात्रा की शुरुआत गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने वाराणसी से 24 अप्रैल को हरी झंडी दिखाकर की थी. ये ब्रह्म चेतना यात्रा अक्टूबर तक पूरे यूपी में 130 विधानसभाओं में जाएगी. हर विधानसभा में यात्रा का स्वागत बीजेपी के स्थानीय नेता और कार्यकर्ता करेंगे.

गठबंधन की बदौलत पूर्वांचल पर कब्जे की तैयारी
इन सबके दूसरी तरफ यूपी की एक और पिछड़ी जाति की पार्टी अपना दल के साथ बीजेपी का पहले से ही गठबंधन हैं. प्रतापगढ़, जौनपुर, इलाहाबाद, वाराणसी और मिर्जापुर में आने वाली लगभग 30 विधानसभा सीटों में अपना दल का अच्छा खासा प्रभाव है. बीजेपी को लगता है कि इन छोटी-छोटी पार्टियों के साथ आने से पूर्वांचल और वाराणसी से सटे जिलों की 110 से 120 सीटों पर बीजेपी इतनी मजबूत हो जाएगी कि उसे हरा पाना हर किसी के लिए दूर की कौड़ी होगा.

शाह और राजनाथ करेंगे रैलियां
केंद्र सरकार के दो साल पूरे होने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सहारनपुर में रैली कर चुनाव का बिगुल बजा दिया है. अमित शाह ने इलाहाबाद में दलित परिवार में भोजन करने के बाद कुर्मी समाज की रैली को संबोधित किया अगले एक महीने में अमित शाह को 6 कार्यकर्त्ता समेलन करने हैं. 4 जून को कानपुर में बूथ लेवल के कार्यकर्ताओं का सम्मेलन और इसके बाद लखनऊ में भी इस तरह का समेलन करेंगे. गृहमंत्री राजनाथ सिंह भी पूरे यूपी में 6 पब्लिक मीटिंग करेंगे. राजनाथ सिंह 5 जून को अमरोहा में और 9 जून को मऊ में रैली को संबोधित करने वाले हैं.

उज्ज्वला स्कीम की योजना का मिलेगा सीधा फायदा
इस चुनाव में बीजेपी की कोशिश रहेगी कि उज्ज्वला स्कीम के तहत हर विधानसभा में 7 हजार से 8 हजार तक गैस कनेक्शन दिसंबर के अंत तक गरीब परिवारों को दे दिए जाएं. सांसदों और बीजेपी विधायकों की सिफारिशी चिट्ठी पर इसे देने से सीधा संपर्क बनाने की योजना है. बीजेपी का मानना है कि विधानसभा चुनाव में उन्हें इसका फायदा मिलेगा.

CM उम्मीदवार पर तस्वीर साफ नहीं-
BJP ने यूपी विधानसभा जीतने के लिए तैयारी तो शुरू कर दी है पर अभी तक मुख्यमंत्री कौन होगा ये तय नहीं किया है. 
मुख्यमंत्री पद के लिए स्मृति ईरानी और महेश शर्मा सबसे अधिक लालायित है लेकिन BJP का युवा तबका और संत समुदाय गोरखपुर के योगी आदित्यनाथ को चाहता है अगर भाजपा UP जीतती है तो राम मंदिर निर्माण कराना भी CM की जिम्मेदारी होगी ऐसे में संत समुदाय योगी को ही पसंद कर रहा है, पूर्व CM राजनाथ सिंह के मन में भी CM बनने के लड्डू फुट रहे है तभी ने सहारनपुर की रैली में राजनाथ ने कहा था कि 14 साल बाद यूपी में बीजेपी का वनवास खत्म होगा,
अब अंतिम फैसला मोदी -अमित शाह और RSS के उच्च पदाधिकारियों को करना है।

लगेगी असम की टीम और मिडिया प्रबंधन-
इस चुनाव को अपनी असली शक्ति परीक्षा मान रही BJP मीडिया के हर तबके चाहे वह प्रिंट हो या ऑनलाइन या सोशल मिडिया का भी पूरा सहयोग लेगी, वॉर रूम में हर मीडिया ग्रुप का पूरा ब्यौरा रखा जा रहा है ताकि कोई लगत प्रचार न होने पाए साथ ही असम चुनाव में प्रमुख भूमिका निभाने वाले रणनीतिकार भी उत्तर प्रदेश पहुचने वाले है।

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3.6.16

मथुरा हिंसा मामले में LogicalNews की रिपोर्ट



मथुरा
कल हुई हिंसा जिसमे 22 लोगो के मौत हुई है जिसमें 2 पुलिस अधिकारी सामिल है SO संतोष यादव और SP CITY मुकुल द्विवेदी के विषय में हमारी टीम जब मथुरा पहुची तो कुछ चौकाने वाले तथ्य सामने आए ।
रामबृक्ष यादव जो कभी बाबा जयगुरुदेव का खास होता था इस मामले का मास्टरमाइंड था,

बाबा की मौत के बाद उनके शिष्य पंकज यादव बने महंत और रामबृक्ष हुआ बाहर , रामबृक्ष को शांत रखने के लिए जवाहर बाग की 247 एकड़ जमीन पर कब्ज़ा करने की योजना बनाई गई,

DM और SSP मथुरा भी आपस में इस मामले में अलग राय रखते थे हाईकोर्ट के 2 बार आदेश देने के बाद भी DM का मन नहीं था की जबरदस्ती जमीन खाली कराई जय पर SSP को हीरो बनना था और उन्होंने इस काम के लिए  पुलिस टीम तैयार कर के चढाई कर दी,

नंबर बढ़ने के जल्दी में SSP ने पूरी तैयारी तक नहीं की और ना की LIU टीम ने कोई काम सही से किया DGP का खुद का बयान रहा है की-178 जिंदा कारतूस, 6 रायफल, 45 तमंचे मिले है आखिर इतनी मात्रा में युध्द छेड़ने भर की तैयारी कोई इक रात में नहीं कर सकता, क्या LIU और इंटेलिजेंस विभाग सिर्फ सफ़ेद हाथी है या DM और SSP ने इनकी बात को सुना ही नहीं,

रामबृक्ष के बारे में मिल रही सुचना के अनुसार कल हुई फायरिंग में उसकी मौत हो गई है,DGP साहब वह पहुचे और जमीम खाली करा ली गई है और अबतक 124 उपद्रवियों को गिरफ्तार किया गया है कहकर चले आए,

अस्पताल में लगभग 30 लोग घायल है जिसमे सिपाही या पुलिसकर्मी भी गंभीर है जिनकी जीवन की डोर कभी भी टूट सकती है सियासत जोरों पर है अखिलेश ने दोनोँ शहीदों को 20-20 लाख की सहायता की घोषणा की है और जाँच की बात की है ,

जाँच की बात है तो जाने की पहले जाँच Commissioner आगरा को दी गई जोकि बहुत तेज तर्रार अफसर है पर तुरंत ही जाँच बदल कर Commissioner अलीगढ़ को दे दी गई, साथ ही अब लख़नऊ में सियासत का असली खेल शुरू होगा, BJP कांग्रेस और BSP सभी अपने मंच पर दिख रहे है,

BJP अध्यक्ष केशव मौर्या का बयान आया है की मथुरा में पुलिसकर्मी को मारने वालो को शिवपाल का समर्थन हासिल है अन्यथा कई बार रिपोर्ट आने पर भी क्यों पहले नहीं हुई कारवाही, क्षेत्रीय सांसद हेमामालिनी शूटिंग कर रही है, मायावती इस्तीफा माँग रही है और अखिलेश जाँच करवा रहे है, पर मथुरा की आम जनता डरी है,

आगे क्या होता है येतो देखने का विषय है पर सरकारों को ये सोचना पड़ेगा की UP की पुलिस खुद ही बेचारी क्यों हो गई है और इन आयोग अधिकारियो को जिलो में क्यों भेजा जाता है जो स्तिति को समझ नहीं पाते और ऐसी घटनाएं हो पाती है।

-TheLogicalNews
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