दादरी के बिशहड़ा गांव में अख़लाक़ के परिवार द्वारा गौहत्या किये जाने की केंद्रीय प्रयोगशाला द्वारा पुष्टि होने के उपरान्त आज बुलाई गई महापंचायत पर अब तक की जानकारी-
उत्तर प्रदेश में ग्रेटर नोएडा के बिसाहड़ा गांव में गोमांस विवाद को लेकर सोमवार शाम 5 बजे बुलाई गई महापंचायत में अख़लाक़ के परिवार पर गोहत्या का केस दर्ज कर जेल में बंद निर्दोष युवकों को रिहा करे प्रदेश सरकार 20 दिन का दिया समय नहीं तो होगी साठा पंचायत ।
मथुरा स्थित एक सरकारी फॉरेंसिक लैब की पिछले सप्ताह रिलीज हुई रिपोर्ट में कहा गया है कि पीड़ित व्यक्ति के घर में पाया गया मांस गोमांस ही था. इस रिपोर्ट के आने के बाद बिसहड़ा गांव के कुछ लोगों ने जिनमे मुख्य अभियुक्त के दादा भी शामिल है ने अखलाक के परिवार के खिलाफ गोहत्या का मामला दर्ज किए जाने की मांग की है. कुछ ग्रामीणों और हिंदू संगठनों ने अखलाक की हत्या के आरोप में गिरफ्तार किए गए 17 लोगों को रिहा करने की मांग की है.
प्रमुख हिंदू संगठन पंचायत में होंगे शामिल
एक अधिकारी ने कहा है कि आरोपियों को सोमवार को फास्ट-ट्रैक अदालत में पेश किया जाएगा, जहां उन पर आरोप तय किए जाएंगे. इस मामले में आरोपी एक किशोर को पहले ही उच्च न्यायालय से जमानत मिल चुकी है. उत्तर प्रदेश पुलिस दल के जवान रविवार शाम से ही गांव में गश्त कर रहे हैं.
अधिकारी ने बताया कि इस महापंचायत में कई संगठनों- विश्व हिन्दू परिषद (विहिप), राष्ट्रवादी प्रताप सेना, गोरक्षा दल तथा हिन्दू युवा वाहिनी, बजरंग दल द्वारा शामिल होने की घोषणा के बाद यहां सुरक्षा कड़ी कर दी गई है.
अखलाक हत्या -
इसी गांव में पिछले साल 28 सितंबर को मोहम्मद अख़लाक़ नाम के शख्स की गोमांस खाने के आरोप में पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी, जिसके बाद यहां तनाव की स्थिति पैदा हो गई थी और देशभर में यह मुद्दा सुर्खियों में रहा था,
अबतक की हालत-
कांग्रेस सहित सभी सेक्युलरिस्ट पार्टियो ने इसे हिन्दुओ द्वारा असहिष्णुता का मुद्दा बनाया और लेखको, अभिनेताओं द्वारा Award वापसी तक का ड्रामा पूरे देश दुनिया में किया गया, बाद में सपा सरकार ने अख़लाक़ के परिवार को सहायता, फ्लैट और 2 नौकरियां दी थी
मथुरा की लैब द्वारा गोमांश अख़लाक़ के फ्रीज़ में मिलने की पुष्टि होने पर सारा दावा फुस्स हो गया और सेकुलरिस्टों का झूठ सामने आ गया, सूबे के CM अखिलेश ने जाँच रिपोर्ट पर ही सवाल उठाए थे पर पुलिस ने खुद अपनी रिपोर्ट में वही मांस होने की पुष्टि की है, ऐसे में मथुरा कांड में पहले से बैक फुट पर चल रही सरकार इस मामले को कैसे निपटाती है ये देखने वाली बात होगी ।
- TheLogicalNews
(Stay Updated)
मथुरा स्थित एक सरकारी फॉरेंसिक लैब की पिछले सप्ताह रिलीज हुई रिपोर्ट में कहा गया है कि पीड़ित व्यक्ति के घर में पाया गया मांस गोमांस ही था. इस रिपोर्ट के आने के बाद बिसहड़ा गांव के कुछ लोगों ने जिनमे मुख्य अभियुक्त के दादा भी शामिल है ने अखलाक के परिवार के खिलाफ गोहत्या का मामला दर्ज किए जाने की मांग की है. कुछ ग्रामीणों और हिंदू संगठनों ने अखलाक की हत्या के आरोप में गिरफ्तार किए गए 17 लोगों को रिहा करने की मांग की है.
प्रमुख हिंदू संगठन पंचायत में होंगे शामिल
एक अधिकारी ने कहा है कि आरोपियों को सोमवार को फास्ट-ट्रैक अदालत में पेश किया जाएगा, जहां उन पर आरोप तय किए जाएंगे. इस मामले में आरोपी एक किशोर को पहले ही उच्च न्यायालय से जमानत मिल चुकी है. उत्तर प्रदेश पुलिस दल के जवान रविवार शाम से ही गांव में गश्त कर रहे हैं.
अधिकारी ने बताया कि इस महापंचायत में कई संगठनों- विश्व हिन्दू परिषद (विहिप), राष्ट्रवादी प्रताप सेना, गोरक्षा दल तथा हिन्दू युवा वाहिनी, बजरंग दल द्वारा शामिल होने की घोषणा के बाद यहां सुरक्षा कड़ी कर दी गई है.
अखलाक हत्या -
इसी गांव में पिछले साल 28 सितंबर को मोहम्मद अख़लाक़ नाम के शख्स की गोमांस खाने के आरोप में पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी, जिसके बाद यहां तनाव की स्थिति पैदा हो गई थी और देशभर में यह मुद्दा सुर्खियों में रहा था,
अबतक की हालत-
कांग्रेस सहित सभी सेक्युलरिस्ट पार्टियो ने इसे हिन्दुओ द्वारा असहिष्णुता का मुद्दा बनाया और लेखको, अभिनेताओं द्वारा Award वापसी तक का ड्रामा पूरे देश दुनिया में किया गया, बाद में सपा सरकार ने अख़लाक़ के परिवार को सहायता, फ्लैट और 2 नौकरियां दी थी
मथुरा की लैब द्वारा गोमांश अख़लाक़ के फ्रीज़ में मिलने की पुष्टि होने पर सारा दावा फुस्स हो गया और सेकुलरिस्टों का झूठ सामने आ गया, सूबे के CM अखिलेश ने जाँच रिपोर्ट पर ही सवाल उठाए थे पर पुलिस ने खुद अपनी रिपोर्ट में वही मांस होने की पुष्टि की है, ऐसे में मथुरा कांड में पहले से बैक फुट पर चल रही सरकार इस मामले को कैसे निपटाती है ये देखने वाली बात होगी ।
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