25.2.18

Social Media buzz क्या बंद होने वाला है Aircel.

लख़नऊ

UP East व दिल्ली में गुड़गांव की कंपनी टेलिकॉम ऑपरेटर Aircel का नेटवर्क कई दिनों से बाधित हैं, 3 दिन से Customers के फ़ोन से गायब है नेटवर्क, परेशान ग्राहकों को डर है कि कही Aircel कंही बंद नहो जाए और हमारे no फंस जाएं।

इन्ही मामलों की हमारे पास शिकायत आने के बाद LogicalNews ने जानकारी ली मिली सूचना के अनुसार ,आज Aircel ने अपनी सेवांए प्ररम्भ की है हमने इस मुद्दे पर कंपनी ने गुड़गांव के CEO कैज़ाद हीरजी से बात की उनके अनुसार AIRCEL बंद नही होने जा रहा है पर हमको कंपनी की ओर से FUND मिलना बंद हो गया है

CEO के अनुसार नेटवर्क में दिक्कत कुछ टावर कंपनियों के साथ तालमेल के वजह से आ रही है,ग्राहकों को बेहतर सेवाएं दी जाएंगी व निकट भविष्य में हम कही नही जा रहे हैं।

गौरतलब है कि 22,23 व 24 फरवरी2018 के बीच ही UP व दिल्ली से 12 लाख लोग AIRCEL का नेटवर्क छोड़कर PORT करने की रिकेस्ट कर चुके है।, अतः हमारी सर्च में aircel अभी खतरे में नही है पर ज्यादा दिन तक ये ऑपरेटर चल नही पाएगा।इसलिए अगर आप port करना चाहते हैं तो इसमें कोई बुराई नही है।



LogicalNews
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21.2.18

2007 में हुए गोरखपुर दंगा मामले में आज आएगा फैसला, इस मामले में CM योगी गए थे जेल

 इलाहाबाद

गोरखपुर में साल 2007 में हुए साम्प्रदायिक दंगे के मामले में उत्तर प्रदेश के CM योगी आदित्यनाथ के ख़िलाफ़ मुक़दमा चलाया जाए या न चलाया जाए, इस बारे में इलाहाबाद हाईकोर्ट गुरुवार को अपना फ़ैसला सुनाएगा.

मामले में योगी के अलावा कई अन्य लोग भी अभियुक्त हैं.हाईकोर्ट ने इस मामले में पिछले साल 18 दिसंबर को अपना फ़ैसला सुरक्षित कर लिया था. क़रीब 11 साल पहले गोरखपुर में सांप्रदायिक दंगे हुए थे.

इस मामले में राज्य सरकार ने पहले आदित्यनाथ योगी को अभियुक्त बनाने से ये कहकर मना कर दिया था कि उनके ख़िलाफ़ कोई साक्ष्य नहीं हैं. बाद में मामले की सीआईडी क्राइम ब्रांच से जांच हुई और फिर सरकार की ओर से हाईकोर्ट में क्लोज़र रिपोर्ट लगा दी गई.

लेकिन याचिकाकर्ताओं का आरोप है कि बिना किसी जांच और कार्रवाई के ही सरकार ने क्लोज़र रिपोर्ट फ़ाइल कर दी. हाईकोर्ट ने अपील स्वीकार की और उस पर सुनवाई की.

याचिकाकर्ताओं के वकील SFA. नक़वी कहते हैं, "इस मामले में राज्य सरकार ने क्लोज़र रिपोर्ट लगा दी थी, लेकिन हमारी इस आपत्ति के बाद कि सरकार के मुलाज़िम अपने ही मुख्यमंत्री के ख़की मांग कैसे करेंगे? कोर्ट ने सरकार से दोबारा जवाब तलब किया, सुनवाई पूरी हुई और अब फ़ैसले की घड़ी आ गई है. इसके अलावा CID क्राइम ब्रांच की बजाय किसी अन्य एजेंसी से भी जांच कराने की हमारी मांग है."

27 जनवरी 2007 को गोरखपुर में सांप्रदायिक दंगा हुआ था. आरोप है कि इस दंगे में दो लोगों की मौत हुई थी और कई लोग घायल हुए थे, CM योगी पर एक दरगाह जलाने का भी आरोप है,

इस मामले में दर्ज एफ़आईआर में आरोप है कि तत्कालीन बीजेपी सांसद योगी आदित्यनाथ, गोरखपुर के विधायक राधा मोहन दास अग्रवाल और गोरखपुर की तत्कालीन मेयर अंजू चौधरी ने रेलवे स्टेशन के पास भड़काऊ भाषण दिया था और उसी के बाद दंगा भड़का था.

इस मामले में हाईकोर्ट के हस्तक्षेप के बाद योगी आदित्यनाथ समेत बीजेपी के कई नेताओं के ख़िलाफ़ एफ़आईआर दर्ज हुई थी. इन लोगों पर एफ़आईआर दर्ज कराने के लिए गोरखपुर के एक पत्रकार परवेज़ परवाज़ और सामाजिक कार्यकर्ता असद हयात ने याचिका दाख़िल की थी.

परवेज़ परवाज़ बताते हैं, "मैंने अपनी आँखों से देखा था कि रेलवे स्टेशन के पास मंच पर ये लोग भाषण दे रहे थे और एक के बदले 10 मुसलमानों को मारने जैसी बातें कह रहे थे. तमाम साक्ष्य मौजूद होने के बावजूद सरकार को कुछ भी नहीं मिला, ये समझ से परे है. इसीलिए शायद कोर्ट ने भी इनसे सब कुछ जल्द पेश करने को कहा."

FIR दर्ज होने के बाद सरकार ने मामले की जांच सीबीसीआईडी को सौंपी थी, लेकिन याचिकाकर्ताओं ने इसे किसी अन्य एजेंसी को सौंपे जाने की मांग की थी. इस दौरान अंजू चौधरी की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने काफ़ी दिनों तक स्टे कर रखा था, लेकिन 2012 में सुप्रीम कोर्ट ने स्टे वापस ले लिया.

इसी दौरान राज्य में समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी की सरकारें रहीं, लेकिन मामले की पैरवी में दोनों सरकारों ने कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई.,वहीं इस साल मार्च में बीजेपी सरकार बनने के बाद राज्य के मुख्य सचिव ने हाईकोर्ट से ये कहते हुए केस को बंद करने की मांग की कि जांच एजेंसी को कोई ठोस साक्ष्य नहीं मिल सके.

हालांकि, उस वक्त यह सवाल उठा था कि गृह विभाग के अफसर अपने ही मुख्यमंत्री के ख़िलाफ़ मुक़दमा चलाने की मंज़ूरी कैसे दे सकते हैं. इसी का संज्ञान लेते हुए कोर्ट ने सरकार से दोबारा अपना पक्ष रखने का समय दिया है.

LogicalNews

20.2.18

खतरे में PNB बैंक, लोगों का भरोसा उठने के बाद फेल होने का खतरा बढ़ा

लख़नऊ

*खतरे में PNB बैंक का अस्तित्व*


नीरव मोदी घोटाले के बाद से बैंकिंग सेक्टर के साथ शेयर बाजार में भी हड़कंप, PNB के शेयरों में भारी गिरावट की वजह से पिछले 5 दिन में बैंक के मार्केट वैल्यूएशन में 10,939 करोड़ रुपये की कमी आ चुकी है,



लोगों का भरोसा PNB से उठ रहा है, अंतरराष्ट्रीय रेटिंग एजेंसी FITCH ने बैंक को NEGATIVE सूची में डाल दिया है, हालांकि आज शेयरों में मामूली उछाल भी देखने को मिला पर जनता का विश्वास घटना बैंक के अस्तित्व पर सवाल खड़े कर सकता है



कोई भी बैंक अपने पास स्थित पूंजी या सरकार की गारंटी से नही बल्कि जनता के भरोसे से चलता है अगर ग्राहक अपना पैसा निकालने लगे तो बैंक का फेल होना तय है, ऐसे में कुछ भी करके किसी बड़ी BANKING CRISIS से बचने के लिए सरकार को सामने आना पड़ेगा।


ऐसे में नीरव मोदी के वकील ने भी PNB पर कई आरोप लगाए है कि मेरा इन सब मामलों  से कोई लेना देना नही है बल्कि PNB के द्वारा लगाए गए आरोपों से मेरे ब्रांड और व्यापार का नुकसान हुआ है, 


कुछ भी हो पर PNB को बहुत समझ कर कदम उठाने की जरूरत है, क्योंकि अफवाहों के दौर में बैंक के बाहर पैसा निकालने वालो की लाइन लंबी होती जा रही है।


LogicalNews


6.2.18

मालदीव में बढ़ता जा रहा राजनीतिक संकट, पूर्व राष्ट्रपति की मदद के लिए भारत भेज सकता है सेना


मालदीव संकट

मालदीव में बढ़ता जा रहा राजनीतिक संकट, सुप्रीम कोर्ट ने जिन 9 बड़े राजनेताओं की रिहाई का आदेश दिया था, उसे अब वापस ले लिया है.

राष्ट्रपति अब्दुल्ला यमीन की ओर से सोमवार को देश में आपातकाल लगाए जाने के 24 घंटे के अंदर सुप्रीम कोर्ट ने अपना फैसला बदल लिया है. 

खास बात यह है कि आपातकाल लगाए जाने के बाद सुरक्षा बलों ने जबरन सुप्रीम कोर्ट में प्रवेश कर लिया था. बाद में चीफ जस्टिस को गिरफ्तार कर लिया गया और यह फैसला उनकी गैरमौजूदगी में लिया गया है. कल वहां 2 बड़े जज को गिरफ्तार कर लिया गया था.

भारत समर्थक पूर्व राष्ट्रपति  मोहम्मद नशीद भी इन्ही 9 में है, उन्होंने भारत से मदद मांगी है जबकी अब्दुल्ला यामीन चीन समर्थक है, 1 फरवरी को यमीन समर्थक कम्युनिस्टों ने किया था तख्तापलट, भारत नशीद की सहायता हेतु अपनी सेनाएं भेजने पर कर सकता है विचार।


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