17.9.17

Paris Climate Accord पर ट्रम्प ने बदला रुख, जानिए क्या है पेरिस समझौता और इसका महत्व


पेरिस

फ्रांस के नए औऱ युवा राष्ट्रपति एममेनुअल मेक्रेन से अपनी पहली मुलाकात के दौरान अमरीका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 2015 Paris Climate Accord पर अपना रुख बदलने के संकेत दिए थे आज विदेश सचिव रेक्स टिलरसँ के UN मीटिंग से पहले  दिए बयान ने साफ कर दिया है कि अमेरिका इस समझौते से बाहर नही जा रहा।


गौरतलब है कि दुनिया के बदलते मौसम और बढ़ते तापमान को नियंत्रित करने को लेकर 1992 के UNFCCC समझौते को 1997 में जापान के क्वेटो शहर में एक प्रभावी रूप दिया गया जिसे Kyoto Protocol कहा जाता है, 

2015 में इसी क्योटो प्रोटोकॉल के आधुनिक रूप जिंसमे Greenhouse Gases के उत्सर्जन कम करने और Global warming को वापस करने हेतु पृथ्वी के तापमान को औद्योगिक क्रांति के पहले के स्तर ( लगभग सन 1750)  से 2℃ कम पर लाने हेतु एक समझौता हुआ जिंसमे 195 देशो ने हस्ताक्षर किये , 

दुनिया के सबसे बड़े Greenhouse Gases के उत्सर्जक देश , इसमे कार्बन डाइऑक्साइड, मीथेन और अन्य हानिकारक गैस शामिल है-
1. China- 29.7%
2. USA- 16.49%
3. India- 7.1%
4. Russia- 4.8%
5. Japan- 3.4%
6. Germany- 2.1%
7. Iran- 1.8%

गौरतलब है कि विश्व मे प्रति व्यक्ति प्रदूषण उत्सर्जन में ये आंकड़े एकदम अलग है देखिये-
1. USA- 16.1
2. Russia- 12.7
3.Japan- 9.9
4.  Germany- 9.6%
5. Iran- 8%

कैसे काम करेगा पेरिस समझौता- 

पेरिस एकॉर्ड 14 नवंबर 2016 से प्रभावी हुआ है इसके अनुसार ग्रीनहाउस गैसों का उत्सर्जन करने वाले यंत्रो जैसे कि फ्रिज, AC आदि का विकल्प खोजना होगा और नई टेक्नोलॉजी कम विकसित देशों को मुहैया करानी होगी, 

इस समझौते में 2020 से विकासशील देशों को Green Technology और Finance भी विकसित देशों द्वारा बहुत सस्ती दरों पर देनी होगी ताकि पूरा विश्व बढ़ते तापमान से बच सके।


अमेरिका द्वारा विरोध- 1 जून 2017 को राष्ट्रपति ट्रम्प ने घोषणा की कि अमेरिका जो कि ग्रीनहाउस गैसों के उत्सर्जन में चीन के बाद दुनिया में दूसरा सबसे बड़ा उत्सर्जक देश है ने इस समझौते से बाहर निकलेगा,

बहरहाल sec 28 के तहत जब भी कोई देश पेरिस समझौते से निकलने की नोटिस देगा तो 3 साल बाद उसे बाहर किया जा सकेगा उस लिहाज से 4 नवंबर 2020 के बाद अमेरिका इस समझौते से बाहर हो सकता है पर शायद इसकी आवश्यकता न पड़े। 

जानिए क्या है
Greenhouse Gases-  https://en.m.wikipedia.org/wiki/Greenhouse_gas


 Kyoto Protocol-www.kyotoprotocol.com





TheLogicalNews
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3.9.17

देश मे नेताओ की शख्त कमी , अधिकारियों से भरी मोदी कैबिनेट में परिवर्तन के बाद विभाग आवंटित, पढिये किसको मिला कौन सा विभाग

दिल्ली


आज हुए कैबिनेट परिवर्तन के  बाद अधिकारियों से भरी मोदी की कैबिनेट, राष्ट्रपति भवन में मंत्रियों के शपथ ग्रहण के बाद अब उनके विभागों का बंटवारा भी कर दिया गया है.

सरकार में 4 नौकरशाहों को मंन्त्री बनाने के बाद पटना में अनुग्रह नारायण इंस्टीट्यूट ऑफ़ सोशल साइंस के पूर्व निदेशक और अर्थशास्त्र के प्रोफ़ेसर डीएम दिवाकर कहते हैं, ''मोदी सरकार में औसत दर्जे के लोगों की पूछ है. ये प्रतिभाशाली लोगों को बर्दाश्त नहीं करते हैं. नीति आयोग के चेयरमैन अरविंद पनगड़िया, पूर्व अटॉर्नी जनरल मुकुल रोहतगी और रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन को मिसाल के तौर पर देखा जा सकता है. आख़िर इन्होंने अपने-अपने पदों की बजाय अपने मूल पेशे में जाना क्यों पसंद किया?''

शपथ ग्रहण समारोह में 4 मंत्रियों को प्रमोशन मिला है. मुख्तार अब्बास नकवी, निर्मला सीतारमण, पीयूष गोयल और धर्मेद्र प्रधान को प्रमोशन दिया गया है. उन्हें राज्यमंत्री से कैबिनेट का दर्जा दिया गया है.

इसके अलावा नये चेहरों में से अनंत हेगड़े, वीरेंद्र कुमार और हरदेव सिंह पुरी को राज्यमंत्री बनाया गया है. मुंबई पुलिस के पूर्व कमिश्नर और बागपत से सांसद सतपाल सिंह तथा पूर्व गृह सचिव और बिहार के आरा से सांसद आरके सिंह को भी राज्यमंत्री बनाया गया है. गजेंद्र सिंह, अल्फोंस कन्नाथनम, शिवप्रताप शुक्ला और अश्विनी चौबे को भी राज्यमंत्री बनाया गया है.

मंत्रियों के विभागों का बंटवारा इस तरह है-

कैबिनेट मंत्री

1. धर्मेंद्र प्रधान- कौशल विकास व पेट्रोलियम मंत्रालय

2. पीयूष गोयल- रेल मंत्रालय

3. निर्मला सीतारमण- रक्षा मंत्रालय

4. मुख्तार अब्बास नकवी- अल्पसंख्यक मंत्रालय

5. सुरेश प्रभु- वाणिज्य मंत्रालय

6. स्मृति ईरानी- सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय

7. नितिन गडकरी- केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय, जल संसाधन मंत्रालय

8. उमा भारती- पेयजल एवं स्वच्छता मंत्रालय

 राज्यमंत्री

1. शिव प्रताप शुक्ला - वित्त राज्यमंत्री

2. अश्विनी कुमार चौबे- स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्यमंत्री

3. वीरेंद्र कुमार- महिला एवं बाल विकास राज्यमंत्री

4. अनंत कुमार हेगड़े  - कौशल विकास राज्यमंत्री

5. राजकुमार सिंह (पूर्व ब्यूरोक्रेट)- ऊर्जा एवं नवीकरणीय एवं अक्षय ऊर्जा मंत्रालय (स्वतंत्र प्रभार)

6. हरदीप सिंह पुरी (पूर्व IAS) - आवास एवं शहरी मामलों का मंत्रालय (स्वतंत्र प्रभार)

7. गजेंद्र सिंह शेखावत- कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय

8. सत्यपाल सिंह (पूर्व IPS) एचआरडी मंत्रालय

9. अल्फोंस कन्ननथनम- (पूर्व IAS) पर्यटन मंत्रालय (स्वतंत्र प्रभार)

TheLogicalNews
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