लख़नऊ
जाने कौन है जाकिर नाईक जो मिडिया में छाया है आज कल और क्यों है विवादों में,
परिचय - 1965 (उम्र-50 साल) को पैदा हुआ मुम्बई का रहने वाला ज़ाकिर पहले इक असफल डाक्टर था, ज़ाकिर ने मुम्बई विश्वविद्यालय के इक कालेज से MBBS की पढाई की,
1990 से इसने डाक्टरी बंद कर इस्लाम की शिक्षा देनी शुरू की और पीस TV की स्थापना की तब से अब तक 10 करोड़ लोगो तक पीस TV अपनी पहुच बना चूका है,
कार्यप्रणाली-
ज़ाकिर नाईक अन्य इस्लाम के वक्ताओं की तरह उर्दू या अरबी में भाषण नहीं देता बल्कि इंग्लिश में या हिंदी में बोलता है, ज़ाकिर ने इस्लामी प्रचार के लिए Islamic Research Foundation नाम की संस्था भी बनाई हुई है जिसके नाम पर विदेशों से अच्छी मात्रा में चन्दा और धन प्राप्त करता है ।
वहावी धर्म का प्रचारक-
ज़ाकिर नाईक खुद को तुलनात्मक धर्म का वक्त कहता है और इस्लाम की वहावी मत को मानता है जोकि सुन्नी सम्प्रदाय के देवबंद मदरसे का भी इक भाग है, ज़ाकिर खुद को (Authority of Comparative Religion) भी समझता है जोकि सालवी सुन्नी मत का ही इक भाग है और सऊदी अरब व् अन्य सुन्नी देशो में बहुत प्रभावी है, इन्ही तरीको से ज़ाकिर पर आतंक की जन्मस्थली के रूप में प्रसिद्ध वहावी मत को फ़ैलाने का आरोप है।
आतंकियो का समर्थन- ज़ाकिर नाईक ने अपने इक कंसर्ट के दौरान अल कायदा प्रमुख़ ओसामा बिन लादेन का समरथन किया और कहा की असली आतंकी अमेरिका है और मैं उससे लड़ने वालों के साथ हु, आत्मघाती विस्फोटों को भी इस्लाम का समर्थन होने का बयान दे चुका है ये उपदेशक,
वेदों की गलत व्यख्या- नाईक ने अपनी TV पर वेंदो की भी व्याख़्या की और हिंदू धर्म को कोई धर्म न होंने की बात कही साथ ही हिंदुओ को गोमांस खाने हेतु प्रेरित किया और कहा की ऐसा वेदों में लिखा है जोकि सरासर झूठ है
शियाओं का मजाक-
जाकिर नाईक ने अपने कई भाषणों में शिया मुसलमानों का मज़ाक उड़ाया है और उनको काफिर नास्तिक तक कहा है,
यज़ीद की तारीफ-
Youtube पर स्थित इक वीडियो में ज़ाकिर ने हज़रत अली पर इस्लाम को कमजोर करने का आरोप लगाते हुए कहा है की हसन और हुसैन की हत्या कर के तत्कालीन यमन के शाशक यजीद ने इस्लाम की बड़ी सेवा की और इसको टूटने से बचाया ,आज तक इस्लाम के किसी विचारक द्वारा यजीद को शांति का दूत कहा जाना पहली बार सुना है
सूफी और बरेलवी मतावलंबियों को भी काफिर और इस्लाम का विकृत चेहरा बता कर उनका मज़ाक उदा चूका है ज़ाकिर नाईक ।
हिंदू धर्म पर कटाक्ष-
ज़ाकिर अपने को सर्वाधिक जानकार समझता है और हिदू धर्म जिसकी व्याख़्या सैकड़ो ऋषि मुनि अपने जीवन भर करते रहे को भरी सभा में अपने कुतर्को से गलत सिध्द करने की कोशिश करता है,
जाकिर नाईक ने सनातन संस्कृति में प्रथम पूज्य भगवान गणेश के अस्तित्व को स्वीकार करने से इंकार किया था और महाराष्ट्र में होने वाली गणपति पूजा को मूर्खो द्वारा किया जाने वाला आयोजन बताया था,
श्री श्री रविशंकर से विवाद-
इक बार महाराष्ट् के इक मुस्लिम विधायक ने श्री श्री से व साध्वी प्राची से मच पर ज़ाकिर नाईक से शास्त्रार्थ करने का चैलेंज दिया था,ज़ाकिर ने मंच पर अपने कुतर्को किये और श्री श्री ने इसकी बातो का जवाब देने की कोशिश की पर विवाद बढ़ता देख कर श्री श्री समारोह से चले गए थे,
विवाद की शुरुआत-
2003 के मुम्बई ब्लास्ट के समय भी ज़ाकिर नाईक के लाइब्रेरियन पर धार्मिक कट्टरता फ़ैलाने का आरोप लग चूका था पर सबूतों के आभाव में वह छूट गया,
ढाका हमला-
जून 2016 में बांग्लादेश की राजधानी ढाका में 5 मुस्लिम लड़को ने 22 गैर मुस्लिम लोगो की बेरहमी से हत्या कर दी थी उनमे से पकडे गए इक आतंकी ने ये कबूल किया की " मैं ज़ाकिर नाईक के भाषणों से प्रभावित होकर आतंकी संगठन ISIS से जुड़ा और दुनिया से गैर मुस्लिमों के खात्मे के काम पर लगा था"
इस खुलासे के बाद बांग्लादेश की सरकार ने भारत से ज़ाकिर नाईक के खिलाफ कारवाही करने की मांग की और तब जाकर सरकार और मीडिया की आँखें खुलीं,
कश्मीर खुलासा -
8 जुलाई 2016 को लश्कर-ए-तैय्यबा के पोस्टर बॉय व् कमांडर बुरहान बानी को घाटी में हुई इक मुड़भेद में सेना ने मार गिराया था जिसने खुद ज़ाकिर नाईक का चेला होना स्वीकार किया था और उसके भाषणों से खुद को प्रेरित बताया था ,
दिग्विजय Connection-
ज़ाकिर नाईक के कार्यक्रम में इक बार कॉंगेस के महासचिव दिग्विजय सिंह ने पहुच कर उसका हौसला बढ़ाया था जिस मामले को मिडिया ने इस समय और टूल दे दिया है,
सरकार की अबतक की कारवाही-
इस मामले में केंद व महारष्ट्र की सरकार ने सख्त रुख अपनाया है, ग्रह मंत्री राजनाथ ने देश की सुरक्षा के साथ कोई समझौत न करने का बयां देकर अपना रुख स्पस्ट कर दिया है,
महाराष्ट्र के CM देवेन्द्र फड़नवीस ने ज़ाकिर के भाषणों की जाँच के आदेश दिए है पीस TV व् Youtube पर पड़े इसके सारे वीडिओ की मुम्बई पुलिस ATS जाँच करेगी और जल्दी ही सख्त कारवाही का भी अस्वासन दिया है, साथ ही सुचना व प्रसारण मंत्रालय ने Peace TV पर बैन लगाने के संकेत दिए है
डर गया शांति का मसीहा- सरकार के सख्त रुख से सऊदी अरब में बैठा ज़ाकिर डर गया है और अपने बेगुनाही की सफाई दे रहा है और कहता है की मैं सन्ति का प्रचार करता हु नाकी आतंक का।
-TheLogicalNews
(Stay Updated)

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