उत्तर प्रदेश की सपा सरकार में अपराध और अपराधी इतने बेलगाम हो चुके है की पुलिस उनके ऊपर हाथ डालने की हिम्मत नहीं रखती और सरकार गरीब की सुनती नहीं, ऐसे में एक गरीब आदमी न्याय पाने के लिए यही करेगा जो उमाशंकर मौर्या के परिवार ने की, फिर भी सरकार और मुख्यमंत्री पर कोई असर नहीं हुआ ,जब माँमले ने मीडिया में बड़ा रूप रखा तब अखिलेश के कान पर जू रेंगी।
5 दिन से बेटे की लाश घर में रखकर सरकार के खिलाफ आमरण अनसन पर बैठे परिवार की हठ के आगे आखिर कार झुकना ही पड़ा CM अखिलेश को करनी पड़ी निष्पक्ष जाँच की सिपारिश
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने विधानसभा में हंगामे का सबब बने सुल्तानपुर में एक युवक की हत्या के मामले की सीबीआई जांच की सिफारिश कर दी है. तीन फरवरी को उमाशंकर मौर्य नामक व्यक्ति की हत्या कर दी गई थी.
जानकारी के मुताबिक, जिले में चांदा क्षेत्र में मोटरसाइकिल सवार बदमाशों ने उमाशंकर मौर्य (30) को गोली मार दी थी. अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई थी. वह पिछले साल मारे गये अपने भाई रमाकांत की हत्या का गवाह था.
हत्या का मामला उठाते हुए बसपा सदस्यों ने विधानसभा में शून्यकाल के दौरान सदन से बहिर्गमन किया था. इसे लेकर सदन में काफी हंगामा हुआ था. विपक्ष इस हत्याकांड की सीबीआई जांच की मांग कर रहा था. इससे देखते हुए अखिलेश ने सीबीआई जांच की सिफारिश कर दी.

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