बुलंदशहर की DM बी चन्द्रकला आज कल चर्चा में है, पर पिछली बार की टार भ्रस्टाचारियों को डांटने के लिए नहीं बल्कि इक 18 साल के लड़के को अपने साथ सेल्फ़ी लेने के जुर्म में जेल भिजवाने के कारण,
उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में एक युवक फ़राज़ के बिना अनुमति के जिलाधिकारी बी. चंद्रकला के साथ सेल्फी लेने पर जेल भेजे जाने का प्रकरण तूल पकड़ चुका है।
इस मामले में बुलंदशहर की जिलाधिकारी बी. चंद्रकला के दावों की पोल खुलने लगी है। डीएम का कहना है कि विशाखा कानून के तहत लड़के ने उनकी इजाज़त के बिना सेल्फी लेकर अपराध किया। गौरतलब है कि 18 वर्षीय फराज को एक फरवरी को डीएम बी. चंद्रकला की जबरिया सेल्फी लेने के आरोप में 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया है।
सुचना है की फ़राज़ जिलाधिकारी बी. चंद्रकला से परिचित था, DM ने फराज के गांव कमालपुर को गोद लेने की घोषणा की थी गांव में कई बार स्थलीय निरीक्षण भी किया था कमालपुर के प्रधान से DM के अच्छे सम्बन्ध थे, प्रधान के साथ रहने वाला फराज भी डीएम से न सिर्फ कई बार मिला है, बल्कि डीएम के साथ उसकी कई फोटो भी हैं इस फोटो में फराज के साथ खड़ी डीएम मुस्कुरा रही हैं। अब सवाल है की पहला तो यह कि पूर्व परिचित के सेल्फी लेने से डीएम को कौन सा खतरा था और दूसरा यह कि फराज को बिना अनुमति जिलाधिकारी के साथ सेल्फी लेने की क्या जरूरत थी।
एक और इनपुट है की फ़राज़ कलेक्ट्रेट में किसी बैठक का वीडियो बना रहा था। उस दिन वह ग्राम प्रधान के साथ ही कलेक्ट्रेट गया था। खुद डीएम ने कल विभिन्न संगठनों के साथ बैठक में कहा कि युवक उस दिन दूर से वीडियो बना रहा था। जाहिर है कि बिना किसी की सहमति के उसके साथ सेल्फी लेना कानूनन गलत है, लेकिन कलेक्ट्रेट में किसी कार्यक्रम का वीडियो बनाना उतना बड़ा अपराध नहीं है मामला तूल पकडऩे पर डीएम ने सेल्फी की आड़ ले ली।
जिलाधिकारी डीएम चंद्रकला भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त रवैये को लेकर अक्सर ही सुर्खियों में रहती हैं।
अपने साथ युवक को सेल्फी लेना डीएम को नागवार गुजरा। उनके इशारे पर वहां तैनात सुरक्षाकर्मियों ने युवक को हिरासत में ले लिया और फिर नगर कोतवाली पुलिस को सौंप दिया। सेल्फी लेने वाले 18 साल के फराज पर डीएम ने केस कर दिया। पुलिस ने युवक के खिलाफ एफआइआर दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया और मंगलवार को शांतिभंग की आशंका में धारा 151 के तहत उसे जेल भेज दिया। डीएम का कहना है कि विशाखा कानून के तहत लड़के ने उनकी इजाजत के बिना सेल्फी लेकर अपराध किया है,
बाद में मामले के तूल पकडऩे पर उन्होंने उसे माफ कर देने का भी एलान किया था। इस मामले में डीएम ने कल बैठक बुलाई, जिसमें लड़के के सेल्फी लेने की घोर निंदा की गई। इस बैठक के बाद जारी प्रेस नोट में कहा गया कि सेल्फी लेना तो दूर की बात है, किसी बाहरी आदमी को किसी महिला को देखने या घूरने का भी अधिकार नहीं। इस घटना को लेकर फराज के घर वाले खासे परेशान हैं,
इधर मामला सुर्ख़ियो में आने पर दैनिक जागरण के कुछ पत्रकारों ने चन्द्रकला के रवैये का विरोध किया था जिसपर कलेक्ट्रेट के चापलूसों ने दैनिक जागरण कार्यालय पर प्रदर्शन किया और office में आग लगाने का प्रयास किया, बात बढ़ने पर चन्द्रकला का कुछ लोकल न्यूज़ चैनेल्स पर दिन महिमामंडन किया गया और उनको नारी शक्ति का दूसरा रूप बताया गया पर अब ये सारा मामला बाहर आने पर अब चन्द्रकला सहित "खबर ही जीवन है" चैंनल भी BackFoot पर है।
आज सोशल मीडिया पर DM साहिबा का इक ऑडियो वायरल हो गया है जिसमे मैडम इक पत्रकार को धमका रही है की मेरे पास ऐसे लोग है जोकि आपकी बहन/बीवी के साथ सेल्फी लेने आप के घर जा सकते है, कइये तो भेजूं आपके घर

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