बार्डर पर अभी तक 180 बंकर बनाए गए है
राजस्थान बॉर्डर पर पाकिस्तान बड़ी साजिश कर रहा है. खूफिया सूत्रों के मुताबिक राजस्थान से सटे संवेदनशील इलाकों में पाकिस्तान चोरी-छिपे बंकर बना रहा है. DG BSF केके शर्मा पाकिस्तान से सटे राजस्थान बॉर्डर का दौरा कर चुके हैं और सेना अपनी कारवाही में लग गई हैं, सेना के अधिकारी और जानकर किसी भी स्थिति के लिए तैयार रहना चाहते है।
ये बंकर युद्ध के मकसद से बनाए जाते हैं. बॉर्डर एरिया पर बने ये बंकर पक्के हैं. इन्हें डेजर्ट वॉरफेयर तकनीक से बनाया गया है. पिछले एक महीने में पाकिस्तान ने राजस्थान सीमा पर करीब 180 बंकर बनाए हैं. इतना ही नहीं वह 100 और बनाने की तैयारी में है. ये बंकर जैसलमेर, बीकानेर, बाड़मेर और श्रीगंगानगर के करीब डेढ़ किलोमीटर इलाके में बनाए गए है
जहां पाकिस्तान बंकर बना रहा है वे वही मोर्चे हैं जहां 1971 की जंग में पाकिस्तान को करारी शिकस्त मिली थी. रक्षा विशेषज्ञों के मुताबिक पाकिस्तान बंकरों को इस इरादे से तैयार कर रहा है कि जंग के हालात में भारतीय सेना को अपने इलाके में घुसने से रोक सके.
पक्की सड़कें, हैलीपैड बनाए गए
सूत्रों के मुताबिक पाकिस्तान डेजर्ट वॉर फेयर तकनीक पर जैसलमेर के किशनगढ़ बल्ज और शाहगढ़ बल्ज क्षेत्र के सामने सीमा पार डेटका टोबा, हरंगवाला, सखीरेवालाखू डंगाउतक, बचोल, जमेश्वरी, चुरूनपढ़ कुल फकीर इलाकों में न सिर्फ पक्के बंकर बल्कि एम्यूशन डंप, हैलीपेड, पक्की सड़कें, वॉटर टैंक, सीमा चौकी और दूसरे कई कंस्ट्रक्शन किए हैं.
चीनी सैनिक भी दे रहे हैं साथ
चिंता की बात ये है कि इस सीमा पर बड़ी संख्या में चीनी भी मौजूद हैं. भारतीय खुफिया एजेंसियों को इन इलाकों में सैटेलाइट फोन्स सिग्नल भी मिले हैं. इससे पता चला है कि यह सिग्नल चीनी कंपनियों के हैं. और उनकी सुरक्षा के लिए भारी तादाद में चीनी सैनिक भी हैं.
बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स ने सीमा के पास कंस्ट्रक्शन पर आपत्ति जताई है. इतना ही नहीं बीएसएफ ने फ्लैग मीटिंग के दौरान भी इस मुद्दे को लेकर कड़ा एतराज जताया था. सीमा पर हो रहे निर्माण को लेकर केंद्र सरकार को रिपोर्ट भेजी गई है. लेकिन पाकिस्तान पूरे मामले में चुप्पी साधे बैठा है. बता दें कि सीमा पर इस तरह के निर्माण करना शांति संधि का भी उल्लंघन है.
भौगोलिक स्थिति से भारत को लाभ नहीं है
आप ऊपर दिए गए picture में देख सकते है की भारत दो तरफ से चीन और पाकिस्तान से घिरा हुआ है, हरा रंग पाकिस्तानी और केसरिया रंग चीन का है बीच में सफ़ेद रंग में भारत को दिखाया गया है,
ऐसी स्थितियों में भारतीय सेना का हर परिस्थिति के लिए तैयारी की रणनीति उचित है.
तैयारी तो करें पर लड़ना आसान नहीं-
इतिहास गवाह है की चीन की सरकार और हान समुदाय व्यापारी किस्म के लोग है ये लड़ने में अधिक विश्वास नहीं रखते इस लिए चीन पाकिस्तान की मदद तो करेगा पर सीढ़ी लड़ाई में नहीं आएगा,
अंतर्राष्ट्रीय परिदृश्य-
आज Warheads और अंतर्राष्ट्रीय राजनीति में भारत देश और प्रधानमंत्री नरेन्द्रमोदी की जो स्थिति है उसके कारण कोई भी देश भारत से लड़ना नहीं चाहेगा क्योंकि भारत से युध्द अमेरिका को साफ़ चुनौती देना होगा जो कि चीन और पाकिस्तान दोनों ही नहीं करेंगे, साथ ही पाकिस्तान के पास भारत से कई बार बुरी तरह हारने का भी अनुभव है जो उसे ऐसी किसी हरकत से रोकेगा।
--TheLogicalNews UP
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