राष्ट्रपति ट्रैम्प व उत्तर कोरियाई जनरल किम जोंग उन के बीच सिंगापुर में हुई मुलाकात, जाने खास बातें।
बैठक के दौरान ट्रंप ने किम से कहा, 'मुझे विश्वास है कि हम दोनों देशों के संबंध अच्छे होंगे।'
- अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उम्मीद जताई कि वे और किम जोंग उन एक बड़ी समस्या और दुविधा का सामाधान निकालेंगे।
- उत्तर कोरियाइ नेता किम जोंग उन के साथ परमाणु निरस्त्रीकरण के उद्देश्य हुई बैठक में ट्रंप ने कहा एकसाथ काम करके, हम इसका ख्याल रखेंगे।
परमाणु युद्ध और सबक सिखाने की धमकी देने वाले दुनिया के दो बड़े नेताओं डोनाल्ड ट्रंप और किम जोंग उन ने सभी पुराने गिले-शिकवे भुलाकर एक-दूसरे से हाथ मिलाया। इस ऐतिहासिक शिखर वार्ता का इंतजार पूरी दुनिया बेसब्री से कर रही थी। सिंगापुर के सेंटोसा द्वीप पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उत्तर कोरिया के शीर्ष नेता किम जोंग उन के बीच बातचीत हुई। इस दौरान दोनों नेताओं ने एक दूसरे से हाथ मिलाया और हंसकर बात भी की।
एक-दूसरे से हंसकर मिले ट्रंप-किम
एक-दूसरे से हंसकर मिले ट्रंप-किम
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- सुबह 7: 20 बजे : मीटिंग खत्म कर दोनों नेता बाहर निकले।
- सुबह 7: 20 बजे : मीटिंग खत्म कर दोनों नेता बाहर निकले।
- सुबह 6:40 मिनट : सेंटोसा ट्वीप के कैपेला रिजॉर्ट के अंदर दोनों नेताओं ने एक दूसरे के साथ बैठकर बात की।इस दौरान डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि मुझे विश्वास है हम दोनों के संबंध अच्छे रहेंगे। पुराने मतभेदों को भुलाकर अब हम आगे आ चुके हैं। वहीं, किम जोंग ने कहा कि तमाम बाधाओं को दूर कर हमारी मुलाकात हुई है, यहां तक पहुंचना आसान नहीं था।
- सुबह 6.35 बजे: ट्रंप और किम ने कैपेला रिजॉर्ट में एक-दूसरे से हाथ मिलाया। इस दौरान दोनों हंसकर एक-दूसरे से बात करते नजर आए।
- सुबह 6.15 बजे: उत्तर कोरिया के शीर्ष नेता किम जोंग उन सेंटोसा द्वीप पहुंचे।
- सुबह 5.45 बजे: किम जोंग उन का काफिला होटल से निकला। वहीं, डोनाल्ड ट्रंप भी होटल शांगरीला से निकले।
इसलिए ऐतिहासिक रही ये बैठक
दोनों नेताओं के बीच की ये मुलाकात कई मायनों में ऐतिहासिक इसलिए कही जा रही थी, क्योंकि पहली बार अमेरिका के किसी सिटिंग राष्ट्रपति ने किसी उत्तर कोरियाई नेता से मुलाकात की है। तो वहीं वहीं, सत्ता संभालने के 7 साल बाद किम जोंग उन पहली बार इतनी लंबी विदेश यात्रा पर आए हैं।
परमाणु निरस्त्रीकरण था बैठक का उद्देश्य
इस बैठक का उद्देश्य द्विपक्षीय संबंधों को सामान्य बनाना और कोरियाइ प्रायद्वीप में पूर्ण परमाणु निरस्त्रीकरण था। जाहिर है कि बीते दिनों दोनों देशों के बीच रिश्ते सामान्य नहीं रहे। एक-दूसरे को परमाणु हमले की धमकी देने वाले देशों के बीच ये मुलाकात इसके चलते और भी खास मानी जा रही है।
आशा है इस मुलाकात के बाद दुनिया पर मंडराता विश्व युद्ध का खतरा टालेगा और नार्थ कोरिया विकास के मार्ग पर अग्रसर होगा।
LogicalNews
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विश्व शांति के लिए ईश्वर सद्बुद्धि दें।
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