3.6.18

एयर इंडिया के भविष्य पर मंडराता खतरा

दिल्ली

एयर इंडिया को बेचने के लिए केंद्र सरकार के नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने निजी निवेशकों से मांगे थे EOI (Bids) जिसकी समय सीमा खत्म होने के बाद अभी तक किसी ख़रीदार ने महाराजा को खरीदने में नही दिखाई रुचि, मंत्रालय ने ट्वीट कर इस बारे में सूचना दी व कहा आगे फिर प्रयास किये जाएंगे, 

गौरतलब है कि AIR INDIA पर इस समय लगभग 700 करोड़ डॉलर या 48000 करोड़ रुपए का कर्ज है 76% हिस्सेदारी बेचना चाह रही सरकार चाहती है कि ख़रीदार 500 करोड़ डॉलर का कर्ज भी चुकाए, जिसके लिए कोई तैयार नही, इंडिगो व जेट एयरवेज ने भी शुरुआत की बातचीत के बाद किया किनारा।

2007 में इंडियन एयरलाइंस के विलय के दौरान नौकरशाही द्वारा लिए गए नए बोइंग विमान खरीदने के गलत निर्णय व यूनियन बाजी ने महाराजा को बनाया कंगाल, जबकि अभी भी शान की सवारी AIR INDIA में 30 करोड़ लोग करते है सफर, 

ऐसे में 1 साल बाकी बची वर्तमान सरकार इस संवेदनशील मुद्दे पर शायद ही कोई निर्णय ले पाएगी और नीति आयोग सहित विश्व के बड़ी एयरलाइंस कंसल्टेंसी का मानना है कि अगर इसको बेचा नही गया तो महाराजा को बंद होने से कोई नहीं रोक सकता, 

इसी बीच AIR INDIA की यूनियन भी सोशल मीडिया में SAVE Air India कैम्पेन चला रही है, इन सबके बीच ।महाराजा का भविष्य खतरे में।

LogicalNews
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