23.1.16

उत्तर प्रदेश बन रहा बेरोजगार प्रदेश



जब उत्तर प्रदेश की बात आती है तो यही कहा जाता है की ये जनसंख्या में भारत का सबसे बड़ा पदेश है लगभग 20 करोड़ की आबादी और बड़े क्षेत्रफल से इसकी विशालता दिखती है। पर सच्चाई कुछ और है सच ये है की  UP अब बेरोजगारों का प्रदेश बनता जा रहा है इसका इक उदाहरण था कुछ दिन पहले सचिवालय में आई चपरासी की भर्ती जिसमे Ph.D की डिग्री वाले 12 लाख लोगों ने apply किया था।

नया उदाहरण हैअमरोहा जिले में आई 114 सफाई कर्मचारियों की भर्ती जिसमे 19000 सवर्ण और OBC युवकों ने apply किया जिसमे 18000 के पास BA, B.Com, M.COM, M.Sc B.tech  या MBA की डिग्री है।

जिले के वाल्मीकि समाज के लोगोँ ने मुख्यमंत्री से मांग की है की इस पद को वाल्मीकि के लिए आरक्षित किया जाए
नगरपालिका के अधिकारी आ रहे आवेदनो की भीड़ में सिर्फ 5000 आवेदन ही website पर डाल पाए है, मुख्यमंत्री के आदेश पर भर्ती निरस्त कर दी है।

क्या यही है उत्तर प्रदेश और क्या जरुरत है ऐसी Skill India की जो रोजगार न दे सके, केंद्र और प्रदेश सरकार को यहाँ के शिक्षित युवको के भविष्य की कुछ चिंता करनी चाहिए

उत्तर प्रदेश वो जगह है जहाँ से 80 लोकसभा 31राज्यसभा कुल 111 सांसद हैं बेरोजगारों को नौकरी देने के वादे से मुख्यमंत्री बने अखिलेश यादव अब जाने को है इसी वादे से प्रधानमंत्री बने नरेंद्रमोदी अपने 2 साल पुरे कर रहे है पर अब ज्यादा पढ़े लिखे युवक बेरोजगार हो रहे है।

अगर MBA और इंजीनियरों को सफाई कर्मचारी या चपरासी की नौकरी भी न मिल रही हो तो उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री और वाराणसी के सांसद प्रधानमंत्री की योजनाओं की सफलता संदिग्ध है साथ ही राहुल गांधी को इक पदयात्रा अपनी पार्टी के खिलाफ भी निकालनी चाहिए जिसने इस बेरोजगारी की बीमारी की उत्पत्ति की।
प्रधानमंत्री ने अपनी महत्वपूर्ण #Startup India योजना को शुरू किया है पर इन परिस्थितियों में जहाँ उत्तर प्रदेश में व्यापार के मौके कम है इसकी आगे की यात्रा देखने लायक होगी ।


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