20.9.16

राजा भैया की बढ़ी मुश्किलें, CO हत्या का मामला फिर गरमाया,मुख्य आरोपी ने जेल से किये बड़े खुलासे



लख़नऊ
मार्च 2013 में यूपी के कुंडा में हुए पुलिस अफसर (सीओ) जियाउल हक के मर्डर केस में आरोपी पवन यादव ने हक की पत्नी को जेल से लेटर लिखा है। मीडिया में इस लेटर की कॉपी लीक हो गई है।

लेटर में पवन ने कहा है कि हक का मर्डर राजा भैया के इशारे पर किया गया था। अखिलेश सरकार मंत्री राजा भैया का नाम पहले भी इस केस में आया था। तब उन्होंने इस्तीफा दे दिया था। क्लीन चिट मिलने के बाद वे फिर मंत्री बनाए गए।

 और क्या क्या है इस लेटर में -
- पवन ने ये लेटर मारे गए सर्कल ऑफिसर (CO) जियाउल हक की पत्नी परवीन आजाद को लिखा है। इसी लेटर के बेस पर परवीन हाईकोर्ट में पिटीशन दायर करने वाली हैं।


- लेटर में पवन ने लिखा,
"...राजा भैया का हत्या में हाथ है.. सीओ साहब और सुरेश यादव को नन्हे सिंह ने ही गोली मारी है।.. नन्हें सिंह राजा भैया का मैनेजर और एक्स शूटर है.. इसी से राजा भैया लोगों को मरवाता है। सीओ साहब को भी इसी ने मारा है.. यही सच है.."


- परवीन ने माना है कि पवन ने उन्हें ये लेटर जेल से ही लिखा है। 

आगे क्या हो सकता है?
- रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। कोर्ट के आदेश पर सीबीआई पवन के आरोपों की जांच और उससे पूछताछ कर सकती है। 

- राज्य में अगले साल विधानसभा चुनाव हैं। मामला बढ़ने पर राजा भैया को फिर इस्तीफा भी देना पड़ सकता है। 

- बता दें, 16 सितंबर को मृतक सीओ की पत्नी के वकील खालिद अहमद खान ने कोर्ट में नई याचिका दायर की थी। इसमें आरोपी पवन के लेटर को मुख्य आधार बनाया है।


- खालिद ने बताया कि आज हुई सुनवाई में कोर्ट ने याचिका में कुछ संसोधन कर दोबारा फाइल करने को कहा है। अगले हफ्ते दोबारा लेटर को आधार बनाते हुए याचिका फाइल की जाएगी।


CBI की सेवा में लगे रहते थे राजा भैया के समर्थक-
पवन ने लिखा है कि राजा भैया के समर्थक जांच कर रही सीबीआई टीम के लिए मांस-मछली और पीने का इंतजाम करते थे। जरूरत की हर सुविधा देते थे। 
इन लोगों को पूछताछ के नाम पर दिनभर बिठाए रखा जाता और शाम को घर भेज दिया जाता।  


पहले खड़े-खड़े गोली मारी फिर रोड़ पर लिटा दिया
3 पेज के लेटर के मुताबिक, नन्हें सिंह ने CO को तब गोली मारी जब वो खड़े थे। इसके बाद रोड पर लिटा दिया।  

जबकि, CBI जांच और बाकी रिपोर्ट में कहा गया था कि हाथापाई के बाद सीओ को गोली मारी गई। 

राजनीतिक निहितार्थ-

राजा भैया यूपी के क्षत्रिय नेताओ में सबसे अधिक प्रभावशाली और युवाओ में लोकप्रिय नेता है अगर वो फिर इस मामले में फंसते है और जिस प्रकार समाजवादी पार्टी में मची गुटबंदी के कारन सपा की क्षवि ख़राब हुई है ऐसे में राजा भैया सपा का दामन छोड़ BJP का समर्थन कर सकते है  , ऐसा राजनीतिक पंडितों का विचार है 

-TheLogicalNews
(Stay Updated)

No comments:

Post a Comment